Category: बैरिया
भारतीय स्टेट बैंक के कोटवां (रानीगंज) शाखा में शनिवार दोपहर बाद लगभग ढ़ाई बजे बिजली के शार्ट सर्किट से लगी आग से पूरे बैंक में धुआं भर गया. लेनदेन कर रहे ग्राहक बैंक से बाहर भाग खड़े हुए.भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई.किंतु बैंक कर्मियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बैंक में रखें अग्निशमन उपकरणों से आग पर काबू पाया.जिससे बड़ी अनहोनी टल गई. बावजूद इसके बैंक के सिस्टम को इस कदर नुकसान पहुंचा है कि इस बैंक में लेनदेन की स्थिति बनाने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है.
गिरफ्तार विकास के पास से लोडेड पिस्टल भी बरामद किया गया है. एसएचओ धर्मवीर सिंह ने बताया कि गत शुक्रवार को लीला छपरा,बैरिया निवासी सुशील गुप्ता की ट्रैक्टर को चोरों ने चुरा लिया था. जिसका तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर 12 घंटे के अंदर ही दो चोरो को गिरफ्तार कर उनके पास से ट्रैक्टर व ट्रैक्टर चुराने के दौरान साथ रही दो स्कार्पियो को बरामद करने में सफलता प्राप्त किया था जबकि दो आरोपी पुलिस के पकड़ से दूर थे.
जिलाधिकारी के साथ ग्राम प्रधानों और सचिवों के बैठक में पत्रकारों को जाने से मुख्य विकास अधिकारी ने रोका और कहा कि पत्रकार भीतर न जाए. एक छायाकार बैठक में जाकर फोटो खींचने लगे तो उन्हें सीडीओ ने कड़ी फटकार लगाते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया. सीडीओ के इस आचरण से पत्रकारों में रोष व्याप्त है आखिर भागड़ नाला की सफाई के लिए बैठक में किस गोपनीय एजेंडे पर वार्ता होनी थी सीडीओ ने पत्रकारों को बैठक में जाने से रोका इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा व्याप्त है.
जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने कार्यों की जांच करने व धरातल पर कटान रोकने के लिये कार्यों में गति देने की बात कही. उन्होंने कहा कि फिलहाल कटान से बचाव व सुरक्षित रहने के लिये तय स्थान बालक बाबा स्थान के समीप जाने की बात कही. कटान पीड़ितों ने जिलाधिकारी से निवेदन किया कि हम लोगों को सुरक्षित जगह का आवंटन किया जाए जिससे हमारे परिवार व जानमाल की सुरक्षा हो सके.
अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसीलदार का स्थानांतरण हमारी समस्या का समाधान नहीं है. हमारी मांग तहसीलदार शैलेन्द्र चौधरी के निलंबन,उन्हें विभागीय जांचकर दंडित करना व हमारे द्वारा बैरिया एसएचओ को दिए गए तहरीर पर मुकदमा कर उन्हें जेल भेजना हमारी मांग थी. जब तक हम लोगों की यह तीन मांगे पूरा नहीं हो जाती तब तक हमारा आंदोलन ऐसे ही जारी रहेगा.
अधिवक्ताओं का कहना था कि तहसीलदार का स्थानांतरण हमारी समस्या का समाधान नहीं है. हमारी मांग तहसीलदार शैलेश चौधरी के निलंबन, हमारे द्वारा बैरिया एसएचओ को दिए गए तहरीर पर मुकदमा तथा उनकी विभागीय जांच यह तीन मांग थी. जब तक हमारी मांग पूरा नहीं हो जाती हमारा आंदोलन जारी रहेगा. हम अपना आंदोलन और तेज करेंगे.
दोकटी थाना क्षेत्र के कर्णछपरा निवासी व त्रिपुरा पुलिस में बतौर तैनात जवान अमरजीत सिंह उर्फ सुनील सिंह (30) पुत्र विजय सिंह का विगत एक माह से वाराणसी के एक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था. अभी दो रोज पहले वाराणसी से अपने परिजनों के साथ कर्ण छपरा अपने गांव आये थे. शनिवार की रात अपनी पत्नी से चेहरा देखने के लिये शीशा की डिमांड की. अपना चेहरा देखने के उपरांत अमरजीत ने पत्नी से लाइसेंसी पिस्टल को आलमारी से निकालने के लिये कहा. पत्नी से अमरजीत ने गर्म लहजे में डांट कर पिस्टल जबरिया मंगवाया और थोड़ी देर बाद ही कनपटी पर गोली मारकर जिंदगी को अलविदा कह गया.
