Skip to content
13 October, 2026
  • Youtube
  • Facebook
  • Whatsapp
  • X
  • Instagram
  • Linked In
  • Telegram
  • Threads
ballia live

Ballia Live | Since 2012 | The People’s Trusted Digital News Platform

ना TV, ना अख़बार… बस खांटी समाचार

cropped-cc-advert.png
https://youtu.be/QLQNSZ6BKRQ?si=Rpp6OaPemgBQ5gn8
https://youtu.be/u-hTDfCu66I?si=-zshHn9S3G0_F2bx
Primary Menu
  • जिला जवार
  • UP लाइव
  • CRIME डायरी
  • Campus रिपोर्ट
  • स्क्रीन TASTE
  • स्पेशल/Exclusive
  • ELECTION लाइव
  • बहरवासू
  • देश दुनिया
बलिया LiVE Videos
  • Home
  • ब्रेकिंग न्यूज
  • जीवित्पुत्रिका व्रतः तीज बीतते शुरू हो गईल जीउतिया के तेयारी
  • ब्रेकिंग न्यूज

जीवित्पुत्रिका व्रतः तीज बीतते शुरू हो गईल जीउतिया के तेयारी

पूर्वांचल (पूर्वी उत्तर प्रदेश) और बिहार के ज्यादातर इलाकों में जिउतिया (जितिया) मनाया जाता है. “जितिया पावैन” एक अपभ्रंश है. इसका सही नाम होता है जीविकपुत्रिका व्रत (जीवित्पुत्रिका व्रत).
News Desk 13 September, 2018 1 minute read
Jutiya_Jivitputrika_1

पूर्वांचल (पूर्वी उत्तर प्रदेश) और बिहार के ज्यादातर इलाकों में जिउतिया (जितिया) मनाया जाता है. “जितिया पावैन” एक अपभ्रंश है. इसका सही नाम होता है जीविकपुत्रिका व्रत (जीवित्पुत्रिका व्रत). इस पर्व में महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं. आश्विन कृष्ण अष्टमी के प्रदोषकाल में पुत्रवती महिलाएं जीमूतवाहन की पूजा करती हैं.

वाराणसी में बीते साल ख्यातिलब्ध गायिका सरोज वर्मा के घर जिउतिया पूजन. 
कैलाश पर्वत पर भगवान शंकर माता पार्वती को कथा सुनाते हुए कहते हैं कि आश्विन कृष्ण अष्टमी के दिन उपवास रखकर जो स्त्री सायं प्रदोषकाल में जीमूतवाहन या जीऊतवाहन की पूजा करती हैं तथा कथा सुनने के बाद आचार्य को दक्षिणा देती है, वह पुत्र-पौत्रों का पूर्ण सुख प्राप्त करती है. व्रत का पारण दूसरे दिन अष्टमी तिथि की समाप्ति के पश्चात किया जाता है. यह व्रत अपने नाम के अनुरूप फल देने वाला है. जितिया व्रत के बारे में आस्‍था है कि इसे करने से भगवान जीऊतवाहन, पुत्र पर आने वाली सभी समस्याओं से उसकी रक्षा करतें हैं. इस व्रत को विवाहित महिलाएं करती हैं. मान्‍यता है कि इसे करने से पुत्र प्राप्ति भी होती है.

जीवित्पुत्रिका या जितिया पर्व बड़ी श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाए जाने वाले पर्वों में से एक है. जिसे अपनी संतान की मंगलकामना के लिए मनाया जाता है. हिन्दू पंचांग के अनुसार जितिया व्रत आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी से नवमी तिथि तक मनाया जाता है. छठ की भांति यह व्रत भी तीन दिनों तक चलता है, जिसमे पहले दिन नहाय खाय, दुसरे दिन निर्जला व्रत और तीसरे दिन व्रत का पारण होता है.

जितिया पर्व 2018 (जीवित्पुत्रिका व्रत) Jutiya 2018 : Jivitputrika Vrat 2018
वर्ष 2018 में जीवित्पुत्रिका व्रत 2 अक्टूबर 2018, मंगलवार के दिन मनाया जाएगा.

इस पर्व का मुख्य दिन अष्टमी का दिन होता है. जिस दिन निर्जला व्रत रखा जाता है. इससे एक दिन पहले यानी सप्तमी तिथि को नहाय खाय होता है. जबकि अष्टमी के अगले दिन नवमी तिथि को जितिया व्रत का पारण किया जाता है.

व्रत का पहला दिन
जितिया व्रत के पहले दिन को नहाई खाई कहा जाता है, इस दिन महिलाएं प्रातःकाल जल्दी जागकर पूजा पाठ करती है और एक बार भोजन करती है. उसके बाद महिलाएं दिन भर कुछ भी नहीं खातीं.

जितिया व्रत का दूसरा दिन
व्रत के दूसरे दिन को खुर जितिया कहा जाता है. यह जितिया व्रत का मुख्य दिन होता है. इस पुरे दिन महिलाएं जल ग्रहण नहीं करती और निर्जला उपवास रखती है.

व्रत का तीसरा दिन
यह व्रत का आखिरी दिन होता है. इस दिन व्रत का पारण किया जाता है. वैसे तो इस दिन सभी सामान्या खाना खा सकते है, लेकिन मुख्य रूप से झोर भात, नोनी का साग, मड़ुआ की रोटी और मरुवा का रोटी सबसे पहले भोजन के रूप में ली जाती है.

 

 

इसे भी पढ़ें – कइसे तू शिव के मनवलु ए गउरा, कइसे तू शिव के मनाई लिहलू….

जीवित्पुत्रिका व्रत का महत्व और पूजा विधि
आश्विन माह की कृष्ण अष्टमी को प्रदोषकाल में महिलाएं जीमूतवाहन की पूजा करती है. माना जाता है जो महिलाएं जीमूतवाहन की पुरे श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा करती है उनके पुत्र को लंबी आयु व् सभी सुखो की प्राप्ति होती है. पूजन के लिए जीमूतवाहन की कुशा से निर्मित प्रतिमा को धूप-दीप, चावल, पुष्प आदि अर्पित किया जाता है और फिर पूजा करती है. इसके साथ ही मिट्टी तथा गाय के गोबर से चील व सियारिन की प्रतिमा बनाई जाती है. जिसके माथे पर लाल सिंदूर का टीका लगाया जाता है. पूजन समाप्त होने के बाद जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा सुनी जाती है. पुत्र की लंबी आयु, आरोग्य तथा कल्याण की कामना से स्त्रियां इस व्रत को करती है. कहते है जो महिलाएं पुरे विधि-विधान से निष्ठापूर्वक कथा सुनकर ब्राह्मण को दान-दक्षिणा देती है, उन्हें पुत्र सुख व उनकी समृद्धि प्राप्त होती है.

जितिया पर्व की कथा
इस पर्व से एक विशेष कथा जुडी हुई है जिसके मुताबिक एक बार एक जंगले में चील और लोमड़ी घूम रहे थे. वहीं कुछ लोग इस व्रत और कथा के बारे में बातें कर रहे थे. चील ने सभी की बातों को बहुत ध्यान से सुना, जबकि लोमड़ी चुपचाप वहां से चली गई. जिसके फलस्वरूप चील की संतानें सही सलामत रहीं, जबकि लोमड़ी की एक भी संतान जीवित नहीं बची.

इसे भी पढ़ें – बिना ढिंढोरा पीटे जिउतिया अब बेटियों के लिए भी
जीवित्पुत्रिका-व्रत के साथ जीमूतवाहन की कथा भी जुड़ी है.

गन्धर्वों के राजकुमार का नाम जीमूतवाहन था. वे बड़े उदार और परोपकारी थे. जीमूतवाहन के पिता ने वृद्धावस्था में वानप्रस्थ आश्रम में जाते समय उन्हें राजसिंहासन पर बैठाया, किन्तु इनका मन राज-पाट में नहीं लगता था. वे राज्य का भार अपने भाइयों पर छोडकर स्वयं वन में पिता की सेवा करने चले गए. वहीं पर उनका मलयवती नामक राजकन्या से विवाह हो गया. एक दिन जब वन में भ्रमण करते हुए जीमूतवाहन काफी आगे चले गए, तब उन्हें एक वृद्धा विलाप करते हुए दिखी. इनके पूछने पर वृद्धा ने रोते हुए बताया – मैं नागवंश की स्त्री हूं और मुझे एक ही पुत्र है. पक्षीराज गरुड के समक्ष नागों ने उन्हें प्रतिदिन भक्षण हेतु एक नाग सौंपने की प्रतिज्ञा की हुई है. आज मेरे पुत्र शंखचूड की बलि का दिन है. जीमूतवाहन ने वृद्धा को आश्वस्त करते हुए कहा – डरो मत. मैं तुम्हारे पुत्र के प्राणों की रक्षा करूंगा. आज उसके बजाय मैं स्वयं अपने आपको उसके लाल कपडे में ढंककर वध्य-शिला पर लेटूंगा. इतना कहकर जीमूतवाहन ने शंखचूड के हाथ से लाल कपडा ले लिया और वे उसे लपेटकर गरुड़ को बलि देने के लिए चुनी गई वध्य-शिला पर लेट गए. नियत समय पर गरुड बड़े वेग से आए और वे लाल कपडे में ढंके जीमूतवाहन को पंजे में दबोचकर पहाड के शिखर पर जाकर बैठ गए. अपने चंगुल में गिरफ्तार प्राणी की आंख में आंसू और मुंह से आह निकलता न देखकर गरुडजी बड़े आश्चर्य में पड़ गए. उन्होंने जीमूतवाहन से उनका परिचय पूछा. जीमूतवाहन ने सारा किस्सा कह सुनाया. गरुड जी उनकी बहादुरी और दूसरे की प्राण-रक्षा करने में स्वयं का बलिदान देने की हिम्मत से बहुत प्रभावित हुए. प्रसन्न होकर गरुड जी ने उनको जीवन-दान दे दिया तथा नागों की बलि न लेने का वरदान भी दे दिया. इस प्रकार जीमूतवाहन के अदम्य साहस से नाग-जाति की रक्षा हुई और तबसे पुत्र की सुरक्षा हेतु जीमूतवाहन की पूजा की प्रथा शुरू हो गई.

जितिया व्रत नियम
इस व्रत को करते समय केवल सूर्योदय से पहले ही खाया पिया जाता है. सूर्योदय के बाद आपको कुछ भी खाने-पीने की सख्त मनाही होती है. इस व्रत से पहले केवल मीठा भोजन ही किया जाता है तीखा भोजन करना अच्छा नहीं होता.

Tags: बिहार यूपी व्रत

Post navigation

Previous: 2016 के कटान से बेघर लोगों को अब तक नहीं मिला मुआवजा, बैठे अनशन पर
Next: बलिया लाइव की 14 सितम्बर 2018 की टटका खबरें

ये भी पढ़ें

Belthra Hansia Attack 4
  • CRIME डायरी
  • जिला जवार
  • बेल्थरा रोड
  • ब्रेकिंग न्यूज

Ballia Breaking News: बेल्थरारोड क्षेत्र में तीन किशोरों पर धारदार हंसिया से हमला, गंभीर होने पर दो जिला अस्पताल रेफर

General Desk 7 September, 2026
haldi truck accident
  • Accident
  • जिला जवार
  • ब्रेकिंग न्यूज

Ballia News: थाने से 20 मीटर दूर हल्दी में ट्रकों की टक्कर, केबिन में फंस गया था ड्राइवर

Central Desk 27 July, 2026
road accident Symbolic
  • Accident
  • Front Page
  • जिला जवार
  • ब्रेकिंग न्यूज

Ballia-दो मोटरसाइकिलों की सामने से टक्कर, हादसे में एक व्यक्ति की मौत, दो लोग घायल

General Desk 22 July, 2026

Recent Posts

  • Rekha Birthday: 72 साल की उम्र में भी कायम है खूबसूरती और अदाकारी का जादू, जानिए संघर्ष से शिखर तक पहुंचने की कहानी
  • श्रद्धांजलि देकर बोले अखिलेश यादव- स्व. रामगोविन्द चौधरी का संघर्ष खाली नहीं जाएगा, 2027 में मिलेगी बड़ी जीत
  • शिक्षा, रोजगार और विकास के मुद्दों पर जागरूक रहे युवा-सुभासपा महासचिव
  • अवैध पटाखा मामले में दूसरा आरोपी अब तक फरार, मकान में छिपाकर रखे थे छह लाख के पटाखे
  • तीन सड़क हादसों में एक महिला सहित सात लोग घायल, तीन की हालत गंभीर
  • बदहाल सड़क की मरम्मत के लिए ग्रामीणों का धरना जारी, ग्रामीण बोले जर्जर सड़क पर आए दिन हो रहीं दुर्घटनाएं
  • स्वर्गीय रामगोविंद चौधरी को श्रद्धांजलि देने अखिलेश यादव, संजय सिंह समेत तमाम नेता पहुंचेंगे बलिया
  • सरयू की लहरें निगल रहीं गांव, अस्तित्व बचाने के लिए ग्रामीणों की बैठक, सरकारी कार्यों से संतुष्ट नहीं
  • झोपड़ी पर गिरी आकाशीय बिजली, चपेट में आने से व्यक्ति की मौत, दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल
  • तेज रफ्तार बाइक से आमने-सामने की टक्कर में युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम
  • आम्रपाली दुबे की नई फिल्म बीवी हो तो ऐसी का ट्रेलर रिलीज, पारिवारिक रिश्तों के पेंच और हास्य का फुल डोज
  • बेल्थरारोड में लाखों रुपए कीमत के पटाखे जब्त, अवैध भंडारण पुलिस की छापेमारी
  • मारपीट और गाड़ी में तोड़फोड़ के मामले में केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
  • बेल्थरारोड क्षेत्र में बदहाल बिजली व्यवस्था की शिकायतों पर विधायक हंसूराम ने अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम
  • ग्राम पंचायत की ओर से स्कूल में बिछाई जा रहीं इंटरलाकॉकिंग ईंटें, बच्चों को मिलेगा साफ-सुथरा परिसर
  • गाली-गलौच और मारपीट के आरोप में महिला की शिकायत पर पड़ोसी व्यक्ति पर केस दर्ज
  • बेल्थरारोड क्षेत्र में 613 करोड़ की परियोजना से बदल जाएगी तस्वीर, सरयू पर नया पुल और रेल ओवर ब्रिज निर्माण तेजी से जारी
  • गरीब, शोषित और वंचितों की आवाज थे रामगोविंद चौधरी- सैदपुरा में सपा समर्थकों ने दी श्रद्धांजलि
  • नवरात्र, दुर्गापूजा, दशहरा त्योहारों पर शांति बनाए रखने की रणनीति के लिए बैठक
  • बेल्थरारोड क्षेत्र में सरयू नदी खतरे के निशान से 96 सेमी ऊपर, तटीय गांवों के लोगों की चिंता बढ़ी
  • सड़क किनारे लगे खंभे से टकराकर बाइक सवार की मौत, एक घायल
  • सर्वाइकल कैंसर के प्रति महिलाओं को किया जागरूक, स्वास्थ्य अधिकारों और कानूनी सहायता की दी गई जानकारी
  • प्रधानमंत्री को राखी भेजने वाली छ: छात्राएं सम्मानित, बच्चों को बताया गया पत्र लेखन का महत्व
  • गिरे पेड़ का तना सड़क पर छोड़ दिया, टकराकर बाइक सवार युवक घायल
  • दानवीर भामाशाह सम्मान समारोह में समाजसेवियों का सम्मान

You may have missed

5dc11435-779b-40be-9604-f5ffadd07176-1
  • Front Page
  • स्पेशल/Exclusive

Rekha Birthday: 72 साल की उम्र में भी कायम है खूबसूरती और अदाकारी का जादू, जानिए संघर्ष से शिखर तक पहुंचने की कहानी

Central Desk 10 October, 2026
Akhilesh Yadav gosaipur
  • जिला जवार
  • सिकंदरपुर

श्रद्धांजलि देकर बोले अखिलेश यादव- स्व. रामगोविन्द चौधरी का संघर्ष खाली नहीं जाएगा, 2027 में मिलेगी बड़ी जीत

General Desk 9 October, 2026
Arvind Rajbhar Belthra
  • जिला जवार
  • बेल्थरा रोड

शिक्षा, रोजगार और विकास के मुद्दों पर जागरूक रहे युवा-सुभासपा महासचिव

General Desk 9 October, 2026
Belthra Patakha Jabt
  • CRIME डायरी
  • जिला जवार
  • बेल्थरा रोड

अवैध पटाखा मामले में दूसरा आरोपी अब तक फरार, मकान में छिपाकर रखे थे छह लाख के पटाखे

General Desk 8 October, 2026

Recent Comments

  • Shree Ram on योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभात फेरी का आयोजन
  • Ramakant on मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना का लाभ उठायें लाभार्थी
  • शिवकुमार सिंह कौशिकेय on छठ महापर्व पर विशेष- अस्ताचलगामी सूर्य को व्रती देंगे अर्घ्य
  • Bablu on निर्माणाधीन कार्य समय से पूरा नहीं होने पर प्रोजेक्ट मैनेजर होंगे उत्तरदायी – डीएम
  • Kazipur Social Media on साड़ी से लटका मिला महिला का शव, परिजनों के मुताबिक विवाहिता ने खुदकुशी की

Tags

बलिया न्यूज बलियान्यूज़ बलियाबड़ीखबर बलिया लाइव बलिया समाचार बसपा बांसडीह बागीबलिया बागी बलिया बाढ़ बिजली बिल्थरारोड बिहार बीएसए बेल्थरारोड बैरिया ब्रेकिंग न्यूज भाजपा मंत्री मऊ मनियर मारपीट मुख्यमंत्री मौत रसड़ा रेल रेवती लखनऊ वाराणसी विधानसभा विधायक शराब सपा समाजवादी पार्टी सहतवार सांसद सिकंदरपुर सीएचसी सीयर सुखपुरा सोनबरसा हत्या हल्दी हादसा हिंदी न्यूज़
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Youtube
  • Facebook
  • Whatsapp
  • X
  • Instagram
  • Linked In
  • Telegram
  • Threads
© 2012 - 2026 Ballia LiVE | All rights reserved.