विश्व क्षय दिवस मनाया, 2025 तक भारत को क्षय रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य

बलिया. विश्व क्षय दिवस के अवसर पर माननीय राज्यपाल महोदय आनंदीबेन पटेल द्वारा लखनऊ में क्षय उन्मूलन परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया. इसी उपलक्ष्य में जनपद में मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा की अध्यक्षता में विश्व क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार में मनाया गया.

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जनपद में 933 टी0वी0 के रोगियों को को गोद लिया गया है.

एनजीओद्वारा 277 लोगों को और कुछ शिक्षण संस्थानो द्वारा 100 लोगों को गोद लिया गया है. गोद लिए गए क्षय रोगियों को बुलाकर उनको सम्मानित किया गया और उनको क्षय रोग से संबंधित जानकारी दी गई.

सभा में उपस्थित सभी चिकित्सा अधिकारियों और अन्य विभाग के अधिकारियों ने किसी न किसी क्षय रोगी को गोद लिया हुआ है.गोद लेने का उद्देश्य क्षय रोगियों का ध्यान रखना है ताकि अच्छी प्रकार से उनका उपचार हो सके. क्षय रोगियों पर नजर रखना है और यह देखना है कि वह समय से अपनी दवाई ले रहे हैं कि नही. ले रहे हैं तो उसका सेवन कर रहे हैं कि नहीं या उन्हें उनके खाते में सरकार द्वारा भेजी जा रही राहत राशि समय से मिल रही है कि नहीं. इसके अतिरिक्त अपने नैतिक आधार पर क्षय रोगियों का समय-समय पर हाल चाल लेते रहना है. टी0वी0 एक संक्रामक बीमारी है जो वायरस के माध्यम से फैलता है. इसलिए इसके रोकथाम के लिए आवश्यक है कि कोविड-19 की तरह इसके नियमों का भी कड़ाई से पालन किया जाए. मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन लोगों ने क्षय रोगियों को गोद ले रखा है उनके घर जाकर उनका हाल चाल लेते रहे.

भारत सरकार का भी लक्ष्य है कि 2025 तक भारत को क्षय रोग मुक्त बनाया जाये. यह तभी संभव है जब हम सभी लोग मिलकर इसके लिए प्रयास करें। देखभाल में रोगियों का सहयोग करें और उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव ना करे.

जिला क्षय रोग अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि अगर किसी भी व्यक्ति को दो हफ्ते से अधिक खांसी आ रही हो तो उसके बलगम की जांच अवश्य कराये.जैसे ही टी0वी0 के लक्षण दिखाई दे तुरंत उसका उपचार शुरू कर दें. टी0वी0 का इलाज बिल्कुल मुफ्त है. टी0वी0 के मरीजों को दवाइयां नि:शुल्क दी जाती है. साथी एएनएम और आशाओं के माध्यम से भी उन तक दवाइयां पहुंचाई जाती है. टी0वी0 में तीन या चार दवा को एक साथ खाना पड़ता है. समय से दवा लेते रहें. बीच में दवा छोड़नी नहीं है. साथ ही हर महीने अपनी जांच कराते रहना है. टी0वी0 रोगी की दवा का कोर्स छ: महीने का होता है. छ: महीने बाद ही इसकी पुष्टि हो पाती है कि रोगी पूरी तरह ठीक हो गया है या नहीं.

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी के अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी नीरज कुमार पांडे , एमओआईसी ,डीएसओ, डब्ल्यूएचओ के अधिकारी, यूनिसेफ के अधिकारी, डीटीओ तथा डीपीओ उपस्थित थे.

(बलिया से केके पाठक की रिपोर्ट)

विश्व क्षय रोग दिवस पर निकाली जागरूकता रैली

जौनपुर, बलिया. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र एवम् राष्ट्रीय सेवा योजना विश्वविद्यालय परिसर इकाई के संयुक्त तत्वावधान में विश्व क्षय रोग दिवस जनजागरूकता अभियान चलाया गया. इस अवसर पर एक दिवसीय संगोष्ठी एवम् जनजागरुकता रैली के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया.

इस अवसर पर कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा की युवाओं को खुद के साथ-साथ समाज को भी जागरूक करते रहना चाहिए. विश्वविद्यालय क्षय रोगियों के उपचार के लिए सदैव संघर्षरत है. छात्रों को पढ़ाई के साथ साथ सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए.

मुख्य वक्ता डॉ रसिकेश ने कहा की छात्रों को खुद पर विश्वास रखना चाहिए की वे खुद के साथ साथ समाज में बदलाव ला सकते हैं. छात्रों को जीवन में ऐसा प्रबंध करना चाहिए की उनका जीवन समाज के लिए हितकर हो.

महिला अध्ययन केंद्र की समन्वयक डा जाह्नवी श्रीवास्तव ने कहा कि विश्वविद्यालय ने 66 क्षय रोगियों को गोद लिया था आज विश्वविद्यालय के प्रयास से सभी ठीक हो गए हैं.

विश्वविद्यालय के छात्र उद्देश्य सिंह ने कहा की छात्रों को अपने हित के साथ साथ सामाजिक हितों की रक्षा के लिए लड़ते रहना चाहिए.

कार्यक्रम सह समन्वयक डॉ रेखा पाल ने स्वागत व कार्यक्रम सचिव डॉ विनय वर्मा ने आभार व्यक्त किया.

इस अवसर पर प्रो वंदना राय, प्रो० अजय द्विवेदी,प्रो० अजय प्रताप सिंह,प्रो देवराज सिंह, डॉ सुनील, डॉ नितेश जायसवाल, डॉ अन्नू त्यागी, डॉ राकेश कुमार यादव, डॉ विजय सिंह, डॉ रजनीश भास्कर, डॉ संतोष, डॉ धीरेंद्र, डॉ मनोज पाण्डेय व परिसर के स्वयं सेवक सुमित सिंह ,प्रिंस त्रिपाठी,अर्पित श्रीवास्तव,आलोक मौर्य,निखिल सिंह,उग्रसेन समेत आदि शिक्षक व छात्र उपस्थित रहे.