मुरारपट्टी गांव का नाम मुरार बाबा के नाम पर पड़ा था. मुरार बाबा यहां आकर बस गए थे. उन्हीं से आज हमारे गांव की पाठक लोगों की आबादी 300 घर तक पहुंची है. कहने को तो तिवारी लोग भी हैं इस गांव में, लेकिन मुरारपट्टी गांव की पहचान पाठक लोगों के कारण हीं है. मुरारपट्टी से एक फर्लांग की दूरी पर है लालगंज.