जिला अस्पताल में डिलिवरी के लिए आई महिला से 5 हजार रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप को लेकर जम कर हंगामा हुआ। महिला के साथ पहुंचे छात्र नेता रिपुंजय रमण पाठक रानू ने…
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। आरोप लगा है कि जिला अस्पताल में तैनात एक जनरल सर्जन डॉक्टर, नाक, कान और गला (ईएनटी) विशेषज्ञ के रूप में ओपीडी में बैठकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
जिला अस्पताल में लापरवाही के छोटे-मोटे मामले तो आए दिन सामने आते रहे हैं लेकिन मंगलवार को यहां सारी हदें पार कर दी गईं। यहां डॉक्टरों ने बिना जांच किए एक जिंदा मरीज को मृत घोषित कर दिया
पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल की शिकायत पर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके यादव के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। पूर्व मंत्री ने सीएमएस पर शासन की मंशा के विपरीत आचरण करने का आरोप लगाया था।
बुधवार की रात सीएमओ डॉ. वीपी द्विवेदी ने जिला अस्पताल के इमरजेंसी का औचक निरीक्षण किया. सीएमओ बलिया मुंह पर गमछा बांध कर स्कूटी से देर रात जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे.
चोरी की घटना की के बाद महिला शिकायत दर्ज कराने के लिए सीयर पुलिस चौकी पहुंची, जहां तहरीर लिखकर लाने के नाम पर पुलिस ने उसे वापस भेज दिया. इस दौरान एक महिला के साथ भी चोरी की घटना प्रकाश में आई पर अस्पताल पहुंचने पर उक्त महिला कहीं नजर नहीं आई.
विदित है कि गत 31 जनवरी को वे सिविल कोर्ट बलिया से बाइक द्वारा गोपाल यादव के साथ रसड़ा आ रहे थे. चिलकहर चट्टी के पास अचानक उनकी बाइक से नीलगाय टकरा गयी थी.
फिरोज अहम उर्फ छोटक अपने दोस्त एखलाक अहमद (20) के साथ शुक्रवार को बाइक पर किसी काम से रसड़ा जा रहा था. परसिया मोड़ बाइक अचानक असन्तुलित हो कर ट्रक से भिड़ गई.