राजस्व अभिलेखों को अपडेट रखने के लिए जिलाधिकारी ने दो महीनों तक विशेष अभियान चलाने की पहल की है. 16 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में राजस्व प्रशासन द्वारा निर्विवाद उत्तराधिकारियों का नाम खतौनी में दर्ज किया जाएगा.
घाघरा में बढ़ रहे जलस्तर के बीच जिला प्रशासन की भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगतार नजर है. रविवार की सुबह जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने बेल्थरा क्षेत्र में जाकर घाघरा नदी के तटवर्ती इलाकों की स्थिति देखी.
शुक्रवार को घाघरा के उग्र तेवर के बीच टीएस बन्धे के दतहां एवं तिलापुर डेंजर जोन के बीच घाघरा की लहरों के दबाव की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी सहित तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए.
सोमवार को जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने बाढ़ क्षेत्रों में जाकर राहत शिविरों के लिए निर्धारित जगहों को देखा. वहां कैसे बेहतर व्यवस्था हो इसके लिए एसडीएम व सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया.
जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने पशुपालन विभाग के कार्यक्रमों की समीक्षा शुक्रवार को विकास भवन में की. उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से जरूरी जानकारी ली.
मण्डलायुक्त के. रविन्द्र नायक ने बुधवार को सदर तहसील, कोतवाली व जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने साफ सफाई को और बेहतर ढ़ंग से करने का निर्देश दिया.
बायोमेट्रिक मशीन के द्वारा राशन वितरण में परिवार के मुखिया को ही राशन देने की तुगलकी फरमान के विरुद्ध आज युवा कांग्रेस सलेमपुर लोकसभा इकाई अध्यक्ष प्रतुल कुमार ओझा ने जिलाधिकारी को पत्रक देकर राशन से वंचित कार्डधारकों को राशन देने की माँग की है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित आगमन को लेकर प्रशासन व पुलिस तैयारियों में जुट गई है. जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम व पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने पुलिस लाइन में हेलीपैड, सेफ हाउस लेकर अन्य तैयारी के सम्बंध में निरीक्षण किए.
09 अगस्त से शुरू हो रहे अगस्त क्रान्ति, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस, 18 व 19 अगस्त को बलिया बलिदान दिवस मनाये जाने की तैयारी हेतु बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सुरेन्द्र विक्रम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई.
जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नवानगर का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने बालिकाओं से वहां मिलने वाली सुविधाओं के बाबत जानकारी ली.
तहसील दिवस में नागरिकों द्वारा विभिन्न मामलों से संबंधित पूर्व 249 आवेदन पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें से मात्र ढाई दर्जन का ही मौके पर निस्तारण हो सका.
महावीरी झंडा जुलूस को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम व पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने समस्त अखाड़ेदारों व शांति समिति के सदस्यों संग बैठक की.