Category: स्पेशल
सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत ट्वेंटी ट्वेंटी गीत संगीत प्रतियोगिता के विजेता अनुभव सिंह ने अपनी गीतों से किया उसके बाद अनुभा राय ने फेंक दिहले थरिया गाकर दर्शकों का मनोरंजन किया. मनोहर सिंह के अंचरवा ओढइह असरवा पुरा के ने समां बांधा तो आलोक पांडेय ने जां से भी ज्यादा चाहा था जिसको गाकर युवाओं का आह निकाल दी.
द्वाबा के बुजुर्गों में बिखरी पड़ी 18 अगस्त 1942 के जंगे आजादी के संघर्ष की कड़ियों को समेटने पर यह बात सामने आती है कि कभी बहुत पहले मंगल पांडे ने स्वाधीनता के सपनों का जो बीज बोया था व सन् 42 में जवान हो चुका था. महात्मा गांधी के “करो या मरो” आवाहन की जागृति द्वाबा में भी आई. उस कालखंड में देश के बड़े नेता जेल में बंद थे.
