Category: जिला जवार
घोसवती गांव निवासी विजय कुमार यादव ने माननीय उच्च न्यायालय में गांव की तीन गढ़हियों पर हुए कब्जे को हटाने के लिए वाद दाखिल किया था. उच्च न्यायालय द्वारा सदर तहसीलदार को अवैध कब्जे को हटाने के लिए आदेशित किया गया. बीस दिनों पूर्व सदर तहसील प्रशासन द्वारा अवैध अतिक्रमण कारियों को नोटिस जारी की गई. जिसके क्रम में बुधवार को दोपहर में सदर तहसीलदार सदानन्द सरोज,सुखपुरा थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने घोसवती गांव पहुंचकर तीनों गढ़हियों पर लगभग डेढ़ दर्जन लोगों द्वारा अवैध रूप से तीन तरफ से ईंट की दीवाल व ऊपर टीन शेड लगाकर किये गए अवैध अतिक्रमण पर बुल्डोजर चलवाया.
मंगलवार सोहांव गांव के आराजी नंबर 204 में गड्ढा दर्ज है जिसका कुल रकबा 429 एयर था. उक्त जमीन पर गांव के ही दर्जनों लोगों ने अतिक्रमण करके पक्का निर्माण करा लिया था जिसको खाली करने के लिए बार बार प्रशासन ने इन कब्जेदारों को नोटिस जारी किया था, परंतु प्रशासन के बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद उक्त लोग गड्ढे से अतिक्रमण खाली नहीं कर रहे थे इसके बाद सदर तहसीलदार ने न्यायालय से उक्त कब्जे की जमीन का बेदखली का आदेश कराया.
सोमवार की शाम गणेश दुकान से लाल बालू ट्राली पर लाद कर हंसनगर जा रहा था. कि अचानक बारिस से रोड पर फिसलन के कारण ट्रैक्टर अनियंत्रित हो कर रोड के किनारे गड्ढे में जा पलटी. जिसमे ट्रैक्टर के इंजन के नीचे गणेश दब गया. आवाज सुन आस पास के लोग तथा सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तहर गणेश को बाहर निकाला. तब तक मौके पर ही मौत हो चुकी थी.
पुलिस ने चालक को हिरासत में लेते हुए बोलेरो को अपने कब्जे में ले लिया. मिली जानकारी के अनुसार सोमवार की अपराह्न धनंजय कुमार सिंह (35 वर्ष) निवासी हरपुर तथा मिथिलेश यादव (45 वर्ष) निवासी डुमरियां रेवती की तरफ से एक बाइक पर सवार होकर सहतवार की ओर जा रहे थे. उनकी बाइक अभी गायघाट स्थित ग्रामीण बैंक से थोड़ा पश्चिम पहुंची थी कि विपरीत दिशा से आ रही एक बोलेरो से टक्कर हो गई.
सहतवार चौकी प्रभारी हरेंद्र सिंह अपने हमराही सिपाहियों कांस्टेबल अक्षय शुक्ला का. रत्नेश कुमार का. रवि शंकर पटेल का .संदीप सरोज का. गिरीश चंद्र यादव इत्यादि के साथ रेलवे स्टेशन पर ही मौजूद थे कि किसी ने जानकारी दिया कि गुरुवार के दिन सेना में भर्ती हेतु अग्निपथ योजना के तहत जिला मुख्यालय पर वाशिंग पीठ पर खड़ी एक ट्रेन में युवाओं द्वारा आगजनी व तोड़फोड़ की घटना हुई थी.
अध्यक्ष सुशांत राज भारत ने कहा कि आज तक के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जहां कार्यकर्ताओं को कार्यालय में कैद कर दिया और अधिकारी खुद पार्टी कार्यालय तक पहुंचे. ये भारतीय लोकतंत्र की हत्या है और सरकार की तानाशाही है की लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी नहीं कर सकते. भारतीय सेना में 4 साल के लिए सैनिकों की भर्ती के लिए लायी गयी अग्निपथ योजना से देश की जनता आक्रोश में हैं.
