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प्रदेश अध्यक्ष अवधेश मिश्र ने उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज जो कुछ भी हमे प्राप्त है वह सब संगठन के बूते ही मिला हैं. इस संगठन की नीव 1973 में पड़ी जब इतना संसाधन नही था. उस समय से संघर्षों के बल पर ही हमलोग यहां तक पहुंचे हैं. संघर्ष कभी हारता नही है, देर सबेर सफलता अवश्य मिलती हैं. उसी प्रकार आप की पेंशन भी देर सबेर अवश्य मिलेगी. संगठन उसकी लड़ाई लड़ रहा हैं.
पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ जी अपने संबोधन में सनातन धर्म की रक्षा के लिए उनकी मांगों पर प्रकाश डाला और सनातन धर्म के लिए आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया. प्रत्येक सनातनी को अपने अनुसार धर्म की रक्षा के लिए कदम उठाना चाहिए. तो वही अनिल शुक्ला ने बताया कि पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ जी एक बहुत ही बड़े सनातन धर्म के प्रचारक के रूप में कार्य करते हैं और साथ ही हिंदू धर्म को आगे ले जाने के लिए उनका हमेशा पूरा समर्पण आता है. वर्तमान स्थिति यह है कि कि सनातन धर्म अब आगे की तरफ बढ़ रहा है.
पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने स्मारक की दयनीय स्थिति की चर्चा करते हुए कहा कि- लगता है कि अर्से से यहां कोई अधिकारी या नेता आया ही नहीं है? मंगल पांडे की जन्मतिथि को लेकर पैदा हुए विवाद पर श्री कुलश्रेष्ठ ने कहा कि मंगल पांडे ने शास्त्र पढ़ना छोड़कर, शस्त्र उठाकर ब्रिटिश हुकूमत को हिला कर रख दिया था। इस धरती के लोग और शहीद के परिजन उनकी जन्मतिथि 30 जनवरी 1831 को मानते हैं तो वही सही है.
संस्था में जिलाधिकारी के निर्देशानुसार कुल गुमशुदा 25 संवासिनियों का आधार कार्ड कैम्पस में ही बनाया गया था जिसमें से 17 आधार डुब्लीकेट प्राप्त हुए तथा 08 संवासिनी का आधार कार्ड प्राप्त होने पर उन्हें अपने गृह जनपद बलिया, आजमगढ़, देवरिया, भागलपुर बिहार, एंव गाजीपुर अभिभावक के संरक्षण में सुपुदर्ग किया/ पुर्नवासन की कार्यवाही की गयी.
गंगा दूतों को संबोधित करते हुए नमामि गंगे के जिला परियोजना अधिकारी शलभ उपाध्याय ने कहा कि गंगा नदी हम सब के लिए आस्था कि केंद्र बिंदु है. गंगा नदी का संरक्षण समय की मांग है, इसके लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। उन्होंने गंगा के धार्मिक, आर्थिक और सामाजिक महत्व के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि गंगा सभी नदियों का प्रतिनिधित्व करती है.
भारतीय अन्तर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण पत्तन पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय भारत सरकार जलमार्ग विकास परियोजना के अन्तर्गत बलिया जिले में मालवाहक जहाजों वातानुकूलित क्रूज को ठहरने के लिए पहला जेट्टी सरंयां में स्थापित कर दिया गया जिसका शुक्रवार को सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं जेट्टी पर फीता काटकर इसका उद्घाटन किया.
उद्घाटन के पश्चात सांसद ने जलमार्ग प्राधिकरण की पानी कीजहाज में बैठ कर गंगा नदी में लुत्फ उठाया.
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलिया श्री जितेन्द्र कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के न्यायाधीश/सचिव, सर्वेश कुमार मिश्र के संचालन में आज दिनांक 10/11/2022 को माननीय महोदय के विश्राम कक्ष में समस्त अपर जनपद न्यायाधीश व फाइनेन्स कम्पनी के प्रबन्धक/अधिवक्तागण के साथ प्री-ट्रायल बैठक, राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 12.11.2022 को व्यापक रूप से सफल बनाने के उद्देश्य से की गयी.
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे गंगा दूतों को संबोधित करते हुए जिला परियोजना अधिकारी शलभ उपाध्याय ने कहा कि जब हम अपनी धार्मिक पुस्तकों पर नजर डालते हैं तो पता चलता है कि जिस गंगा की आज हम अवहेलना कर रहे हैं उसे धरती पर लाने के लिये भागीरथ ने वर्षों तपस्या की थी. भगवान विष्णु के चरणों से निकलकर भगवान शिव की जटाओं में बहने वाली गंगा अति पवित्र ही नहीं, जीवनदायिनी भी हैं.
