News Desk September 12, 2019

बिहार के शराब तस्करों को बेची जाती थीं लूटी गईं गाड़ियां
लूट और हत्या के आरोपी बलिया और गाजीपुर के निकले

लखनऊ। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखनऊ कलानिधि नैथानी द्वारा अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सरोजिनी नगर थाने में दर्ज अपहरण के मुकदमे में क्राइम ब्रांच लखनऊ और सरोजिनी नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कार बुक करा कर ड्राइवर की हत्या कर लूट करने वाले गैंग का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. मालूम हो कि तीनों आरोपी छात्र हैं. लखनऊ से लूटी गई गाड़ियों को वे बिहार के शराब तस्करों को बेचते हैं. छात्रों के पास से लूटी गई दो कारें और असलहे भी बरामद हुए हैं. इसके अलावा एक पल्सर मोटरसाइकिल और एक चोरी की बाइक, 4 मोबाइल फोन भी उनके कब्जे से बरामद किए गए हैं.

पुलिस टीम को 25000 के नगद इनाम की घोषणा

एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम देशराज सिंह उर्फ पंकज उर्फ छोटू निवासी सडौली, रसड़ा, बलिया, कमल मिश्रा निवासी चांदपुर, भांवरकोल, जिला गाजीपुर और मिथिलेश पांडेय निवासी बलेसरी, भांवरकोल गाजीपुर बताया. एसएसपी ने अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को उत्साहवर्धन के लिए 25000 रुपये नगद पुरस्कार की घोषणा की है.

अभी इस गैंग में शामिल तीन और लुटेरों की तलाश है

पकड़ा गया अभियुक्त देशराज देशराज सिंह स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज कॉलेज लखनऊ से डिप्लोमा द्वितीय वर्ष का छात्र है. कमल मिश्रा श्रीराम चरण महाराजगंज महाविद्यालय से स्नातक का छात्र और मिथिलेश पांडेय रसड़ा से पॉलिटेक्निक डिप्लोमा होल्डर है. अभी इस गैंग में शामिल तीन अभियुक्त फरार बताए जा रहे हैं. जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है. पुलिस के मुताबिक मोनू यादव निवासी धौराहरा, शिवपुर, बलिया, शरद सिंह पाटिल निवासी महाराष्ट्र, मनोज यादव निवासी धौरहरा, शिवपुर, बलिया फरार हैं. जिनकी तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. पकड़े गए अभियुक्तों के खिलाफ तीन मुकदमे सरोजिनी नगर थाने में दर्ज हैं, जबकि एक चिनहट में दर्ज है.

ड्राइव की गला दबा कर हत्या, शव नहर में फेंका

एसएसपी के मुताबिक 15 जुलाई को पॉलिटेक्निक चौराहे से बदमाशों ने फैजाबाद जाने के लिये टैक्सी ड्राइवर शुभम पाण्डेय की कार से बुक कराई थी. जिसमें कमल मिश्रा, शरद सिंह, मेनू यादव और देशराज सवार थे. लखनऊ से निकल कर बाराबंकी पहुंचने पर देवा रोड के पास लघु शंका जाने के बहाने से गाड़ी रूकवाई गई थी. इस बीच मौका पाकर बदमाशों ने ड्राइवर शुभम पाण्डेय की गला कसकर हत्या करने के बाद शव इंदिरा नहर में फेंक दिया था.

पकड़े गए लुटेरे डिप्लोमा या ग्रेजुएशन के छात्र

इसी तरह पॉलिटेक्निक चौराहे से 26 अगस्त को बहराइच के लिये टैक्सी बुक कराने के बाद ड्राइवर को घायल कर फेंकने के बाद गाड़ी लूटी गई थी. एएसपी क्राइम दिनेश पुरी ने बताया कि पकड़े गये लुटेरे डिप्लोमा और स्नातक की पढाई कर रहे हैं. उनके मुताबिक लूटी गई गाड़ियों की बिहार के शराब तस्करों के बीच खासी मांग है. बदमाशों ने शराब तस्करों को कई गाड़ियां बेचने की बात भी कबूल की है.

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