पिछले सात साल की लम्बी प्रतीक्षा के बाद लोगों का छपरा-आरा पुल से फर्राटा भरकर कोइलवर, आरा, बक्सर समेत राजधानी पटना आदि जिलों की सैर करने का सपना रविवार को पूरा हुआ.
पिछले सात साल की लम्बी प्रतीक्षा के बाद लोगों का छपरा-आरा पुल से फर्राटा भरकर कोइलवर, आरा, बक्सर समेत राजधानी पटना आदि जिलों की सैर करने का सपना रविवार को पूरा हुआ.
पुराने पुल से गुजरते वक्त ट्रेनों की रफ्तार भले ही धीमी हो, इसके बावजूद यात्रियों की जान सांसत में रहती है. मौके का निरीक्षण करने नई दिल्ली से आने वाले वरिष्ठ अधिकारी निर्माण कार्य में तेजी लाने का आश्वासन देते जरूर हैं, लेकिन उसकी रफ्तार बढ़ नहीं पाती और निर्माण कार्य के रुक-रुक कर होने का सिलसिला जारी है.