बच्छलपुर रामपुर पीपा पुल तैयार, दो दिन बाद वाहन भी चल सकेंगे

अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो दो दिन में मुहम्मदाबाद तहसील के बच्छलपुर रामपुर पीपा पुल वाहनों के आवागमन के लिए चालू हो जायेगा. मुहम्मदाबाद तहसील से जमानियां तहसील के विभिन्न गांवों सहित बिहार तक आवागमन के लिये बच्छलपुर रामपुर गंगा तट पर पीपा पूल का निर्माण करीब एक दशक पूर्व कराया गया था.

सैदपुर का बहुप्रतीक्षित गंगा पुल लगभग बन कर तैयार

सैदपुर तहसील एवं आस पास के लोगों के लिए सुखद खबर है. सैदपुर का बहुप्रतीक्षित गंगा पुल लगभग बन कर तैयार हो चुका है. हालांकि वाहनों का आवागमन अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन दो पहिया वाहन सहित पैदल लोग आने-जाने लगे हैं. उम्मीद है कि 23 नवंबर को जिला मुख्यालय पर आ रहे सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की रैली में भाग लेने के लिए चंदौली के पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक छोटे वाहनों से उसी पुल के रास्ते आएं.

31 दिसम्बर तक गंगा किनारे सभी गांव होंगे ओडीएफ – डीएम

शनिवार को ‘विश्व शौचालय दिवस‘ के अवसर पर जिले भर के गांवों में स्वच्छता के प्रति जाकरूक करने के लिए कार्यक्रम हुआ. जिलाधिकारी गोविन्द राजू एनएस ने भी बेलहरी ब्लाक के हल्दी व दुबहड़ ब्लाक के नगवां में हुए कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. लोगों को स्वच्छता के जरूरी टिप्स दिए.

बच्छलपुर रामपुर पीपा पुल का काम शुरू

मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के बच्छलपुर गंगा तट पर पीपा पुल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. इस बार इस क्षेत्र के लोगों को बच्छलपुर रामपुर गंगा तट को पीपा पुल से पार करने में दो जगह उतार चढ़ाव करना पड़ेगा. कारण गंगा के बीच में काफी दूरी तक रेता पड़ गया है.

बाढ़ पीड़ितों को राहत पुहंचाने वाले सम्मानित

तहसील सभागार में मंगलवार को उप जिलाधिकारी बैरिया अरविंद कुमार ने बाढ़ आपदा के समय बेहतर समाचार कवरेज करने वाले पत्रकारों व तन, मन, धन से बाढ़ पीड़ितों तक सेवा पहुंचाने वाले ग्राम प्रधानों तथा समाजसेवियों को स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्रम व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया.

लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई

कार्तिक पूर्णिमा के दिन भृगु की तपोभूमि पर स्नान का काफी महत्व होता हैं. गंगा और तमसा के इस पावन संगम पर सोमवार को लाखों की संख्या में श्रद्धालुओ ने गंगा में डुबकी लगाई. बांसडीह क्षेत्र से भारी संख्या में श्रध्दालु भी इस पावन स्थल पर स्नान करने के लिए देर शाम से बसों व अन्य साधन से बलिया के लिए रवाना हुए

जाने क्यों है कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का महत्व

आज का कार्तिक पूर्णिमा का सृष्टि के आरंभ से ही इस तिथि का खास महत्व रहा है. सिर्फ वैष्णवों और शैवों के लिए ही नहीं, वरन सिखों और जैनियों के लिए भी. अभी आपने देवोत्थानी एकादशी मनाई थी. उस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से जागे थे. कहते हैं कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन उन्होंने पालनकर्ता के रूप में अपनी पूरी जिम्मेदारी उठा ली थी.

भृगु बाबा के जयकारे के साथ आधी रात को शुरू हुआ कतकी नहान

कार्तिक पूर्णिमा का पवित्र स्नान रविवार और सोमवार की दरम्यानी आधी रात प्रारंभ हो गया. भृगु बाबा के जयकारे के साथ श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया. इसके बाद सीधे जिला मुख्यालय स्थित भृगु आश्रम पहुंचे और धूप दीप नैवेद्य के साथ जलाभिषेक किया. बाबा की आरती के लिए भारी संख्या में महिलाएं मंदिर पर मौजूद रहीं. इस मौके पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे.

गंगा की महाआरती में शामिल हुए हजारों श्रद्धालु

गंगा भक्त राम दल द्वारा शुक्रवार को नदी के तट गंगा मंदिर घाट पर गंगा की महाआरती आयोजित की गई. इसमें प्रसिद्ध संत मौनी बाबा गोपालदास भरत उपाध्याय आदि संत मौजूद रहे. गंगा आरती काशी के विद्वान नमामि शंकर तथा मथुरा व हरिद्वार के विद्वानों ने संपन्न कराया गया.

छठ महापर्व में यहां नहीं है कहीं भी नहाने लायक घाट

जेपी के गांव सिताबदियारा में गंगा और घाघरा दो नदियों का संगम है, किंतु छठ में व्रत धारियों को नहाने लायक घाट कहीं भी सही हाल में नहीं है. यहां विगत चार-पांच वर्षों में कटान ने हर घाट की दशा ही बिगड़ दी है.

भृगु क्षेत्र में स्नान से मिलती है भुक्ति और मुक्ति

मनुष्य एक विचारवान प्राणी है. यह एक ओर जहां अपनी सांसारिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सचेष्ट और प्रयत्न शील रहता है, वहीं दूसरी ओर अपनी मुक्ति के लिए भी आतुर और चिंतित रहता है. ऋषि-महर्षियों चिंतकों मनीषियों और धर्म धुरंधरों ने मानव की इसी चित्त-वृत्ति को देखते हुए लोकमंगल की भावना से समय समय और स्थान स्थान पर मुक्ति के साधन और स्थल को भी रेखांकित किया है.

अंत्येष्टि में गए तीन युवक गंगा में डूबे, मौत

एक महिला की अंत्येष्टि में गए चार युवक गंगा में स्नान करते समय शनिवार की शाम दयाछपरा में गंगा में डूबने लगे. एक को लोगों ने बचा लिया, लेकिन तीन गंगा में डूब गए. ग्रामीणों ने देर शाम गंगा से तीनों के शव निकाल लिए.

बैरिया में नेता मस्त, बाढ़ पीड़ित त्रस्त

सार्वजनिक वितरण अन्तर्गत बैरिया तहसील में वितरण के लिए अन्त्योदय का लगभग 2436 कुन्तल गेहूं, 1135 कुन्तल चावल व 865 कुतल चीनी तथा पात्र गृहस्थ परिवारों के लिये 8 हजार कुन्तल गेंहू व लगभग 5 हजार कुन्तल चावल प्रतिमाह आता है. फिर भी लाभार्थियों में नहीं मिलने का राग ही सुनने को मिलता है. होने वाली शिकायतें दबा दी जाती हैं.

युवती का शव मिला, सहेली की तलाश में जुटे लोग

दुबहर थाना क्षेत्र के श्रीरामपुर घाट पर जीवित्पुत्रिका के दिन गंगा में नहाते समय डूबी रूमन (18) पुत्री रामजी साहनी का शव शनिवार की दोपहर में काफी खोजबीन के बाद बरामद कर लिया, जबकि उसके साथ डूबी दौलत (18) पुत्री राजेंद्र साहनी को काफी मशक्कत के बाद भी खबर लिखे जाने तक ढूंढा नहीं जा सका है.

जिउतिया नहाने गईं दो युवतियों समेत छह डूबे

सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत श्रीरामपुर घाट पर शुक्रवार को देर शाम जिउतिया नहाने गईं दो युवततियां गंगा में डूब गईं. बड़ी मशक्कत के बाद भी उन्हें निकाला नहीं जा सका. उधर, नरहीं थाना क्षेत्र के पलिया खास घाट पर गंगा में डूबने से एक बालक की मौत हो गई.

रिजवी ने मृतक आश्रितों को बांटा सहायता राशि का चेक

प्रदेश सरकार पीड़ितों को हर संभव सहायता करने के लिए दृढ़ संकल्प है. किसानों एवं आखिरी पायदान पर खड़े लोगों के उत्थान के लिए सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं. यह विचार है विधायक मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी का.

अब गंगा की उतरती लहरों का कहर

जगदीशपुर गांव में गंगा की उतरती लहरों से शनिवार शाम चार बजे के लगभग कटान तेजी के साथ शुरू हो गया. देखते ही देखते राम अनन्त पांडेय, राजनाथ पाण्डेय, रामदेव पाण्डेय, श्रीनिवास पाण्डेय के सांझे मकान गंगा में समाहित हो गए. वहीं चतुरी गोड़, भुआली गोड़, भभूति गोड़ के मकान भी गंगा के आगोश में चले गए.

बाढ़ शरणालय बने रहने से पठन पाठन में बाधा

बाढ़ के दिनों में रामनाथ पाठक इण्टर कॉलेज मुरारपट्टी को बाढ़ शरणालय बनाया गया था. यहां दर्जनों बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग शरण लिए थे.

जिले में नदियों का जलस्तर

बुधवार को गंगा नदी का जलस्तर गायघाट पर 56.26 मी, घाघरा का जलस्तर डीएसपी हेड पर 62.270 मी, चांदपुर पर 56.14 मी, माझी पर 53.52 मी है. टोंस का जलस्तर पिपरा घाट पर 56.90 मी है.