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कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा आयोजित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना “पर ड्राप मोर काप” – माइकोइरीगेशन अन्तर्गत जनपद स्तरीय क्रियान्वयन समिति (डी०एल०आई०सी०) एवं एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत जिला औद्यानिक मिशन समिति (डी०एच०एम०सी०) की बैठक आयोजित की गई.
योजना स्वैच्छिक है, बीमा न कराने के इच्छुक ऋणी कृषक 30 जून से 7 दिन पूर्व अपनी बैंक शाखा को लिखित रूप से अवगत करा दे, अन्यथा बैंक द्वारा उनका प्रीमियम काट लिया जायेगा. बीमा कराने हेतु आधार कार्ड, भूस्वामित्व दस्तावेज व खतौनी, बैंक पासबुक, कृषक द्वारा स्व-प्रमाणित फसल बुवाई प्रमाण पत्र, कृषक का मोबाईल नम्बर आवश्यक है.
किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को सस्ती दरों पर कृषि के लिए ऋण दिया जाता है. हर एक किसान को इसका लाभ सुनिश्चित कराया जाए. सभी बैंक प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि इस अभियान के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करते हुए समस्त प्रधानमंत्री किसान योजना लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी करें.
किसान अलगू यादव पुत्र स्वर्गीय राधा यादव निवासी भड़सर बटाई के रूप में 2 किसान वीरेंद्र सिंह एवं कन्हैया मिश्रा से खेत बटाई के रूप में लेकर गेहूं की खेती किया था. दोनों किसानों के साथ संयुक्त रूप से 1050 बोझ गेहूं हुआ रात्रि में 12 बजे अपने घर लौट आया, फिर 3 बजे भोर में जब गया तो खलिहान में चारों तरफ धुआ एवं आग फैला हुआ था. यह देख उसके होश उड़ गए. अपनी छाती पीटता हुआ घर वापस लौटा एवं दोनों किसानों को इस दुखद घटना के बारे में जानकारी दी.
बुधवार की रात में बेलहरी निवासी सुरेंद्र नाथ सिंह, विजय बहादुर सिंह तथा श्रिपत्ति बिन्द का डीजल इंजन पम्पिंग चोर खोल ले गये. आज गुरुवार की सुबह जब खेत पर गये तो पता चला कि तीनों लोगों का पम्पिंग सेट चोरी हो गया है. इसके पूर्व भी कई किसानों के ट्यूबवेल खुल चुके थे लेकिन अब तक पुलिस चोरी का सुराग नहीं लगा पायी. घटना की लिखित शिकायत हल्दी थाने में पीड़ित किसानों ने किया है. प्रभारी थानाध्यक्ष राधेश्याम सरोज ने पीड़ित किसानों से मौका मुआयना कर चोरी का पर्दाफाश करने का आश्वासन दिया है.
हमला इतना भयानक किया कि दोनों पैरों को बुरी तरह चीरने के बाद पेट व सिर को भी चिर दिया. अपने खेतों में काम कर रहे लोगों की नजर पड़ी तो सुअर की आक्रामकता को देखकर किसी की हिम्मत नही पड़ रही थी कि बचाने जाए. तब तक कोई ट्रैक्टर लेकर उसी रास्ते आ गया जो ट्रैक्टर से ही उसे दौड़ाया तब वह भागा. लोगों ने आनन फानन में सी एच सी सोनबरसा ले गया जहां चिकित्सकों ने मरा हुआ घोषित कर दिया.
