1 thought on “विभाग की मनमानी और भ्रष्टाचार की खोल रहे पोल”

  1. रसड़ा का भवीसय अंधकार मे है कोई नही निकालने वाला
    स्वाशथय सेवा से लेकर साशन प्रसाशन बैंक कचहरी ,उप निबन्धक कार्यालय ,हो या कोई भी दफतर , बिना घूस के काम नही चलने वाला
    कूछ दूकान्दार भी कम नही है दूकान होते हूए भी महीने पे ठेला लगवाते है और महीना का पूरे दोहजार २००० //,रू़ लेते है मना करने पर सिधा धमकी देते है परसाशन कूछ नही बोलती हम बेबस है

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