बलिया में बाढ़ : ‘मां’ ने छीनीं बहनों की खुशियां

गंगा नदी का तेवर गुरुवार को भी तल्ख रहा. नदी के जलस्तर में प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार से वृद्धि रिकार्ड की गयी. शाम सात बजे नदी गायघाट गेज पर 59.324 मीटर पर बह रही थी.

सभी नदियां घटाव पर, मगर कटान ने उड़ाए होश

जिले में सभी नदियां घटाव पर हैं, मगर कटान का सिलसिला जारी है. बाढ़ नियंत्रण कक्ष की सूचना के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर गायघाट पर 58.85 मी. है. घाघरा नदी का जलस्तर डीएसपी हेड पर 62.685 मी., चांदपुर में 59.25 एवं माझी गेजस्थल पर 55.90 मी. है. टोंस नदी का जलस्तर पिपरा घाट पर 60.00 मी. है.

सब्जियों की खेती करने वाले किसान तो तबाह हो गए

गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से लोगों की मुसीबते भी बढ़ने लगी है. हजारों एकड़ परवल की फसल जलमग्न हो गई है. अन्य सब्जियों की खेती भी बर्बाद हो गई है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बोया गया मक्का, ज्वार और बाजरा की फसलें जल मग्न होकर चढ़ने लगी है.

चौबेछपरा के बाद गोपालपुर और दुबेछपरा में संकट गहराया

बलिया पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ चुका है. विशेष तौर पर द्वाबा में संकट गहराता जा रहा है. चौबे छपरा के बाद अब गोपालपुर व दुबेछपरा के अस्तित्व का संकट पैदा हो गया है. गंगा नदी खतरा बिन्दु के मध्यम स्तर पर पहुंच चुकी हैं.

फिलहाल थिराने के मूड में नहीं दिख रही गंगा

गायघाट गेज पर ख़तरा बिंदु से 40 सेंटीमीटर उपर बह रही गंगा द्वाबा में भारी तबाही मचा रही है. चौबेछपरा में स्थिति काफी भयावह हो गई. लोग रिहायशी मकानों को उजाड़ने में लगे रहे. इस दौरान कई गांवों में लोग अपना सब कुछ छोड़ कर सुरक्षित ठिकानों की ओर रूख कर गए.

वज्रपात से तीन की मौत, चौबेछपरा में संकट गहराया

केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार घाघरा नदी उतार पर है. लेकिन वह अभी भी एल्गिनब्रिज (बाराबंकी) में खतरे के निशान के उपर बह रही है, जबकि तुर्तीपार (बलिया) और अयोध्या में इसका जलस्तर खतरे के निशान के नजदीक बना हुआ है. गंगा प्रतिघंटा तीन सेमी की रफ्तार से बढ़ाव पर है.

जीवन दायिनी घाघरा घटाव पर, मुक्ति दायिनी गंगा बढ़ाव पर

सिंचाई विभाग बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले में घाघरा नदी का जलस्तर डीएसपी हेड और मांझी पर घटाव पर है, जबकि चांदपुर में स्थिर है. गंगा नदी का जलस्तर गायघाट पर 56.57 मी है, जो बढ़ाव पर है. खतरा बिंदु से नीचे है. घाघरा नदी का जलस्तर डीएसपी हेड पर 64.380 मी, चांदपुर में 59.10 मी तथा मांझी में 55.10 मी है. टोंस नदी का जलस्तर पिपरा घाट पर 57.20 है, जो बढ़ाव पर है.

गंगा की लहरों ने चौबेछपरा में जमकर तबाही मचाई

चौबेछपरा में गुरुवार को अचानक तेज कटान शुरू हो गया और पलक झपकते राजनारायण मिश्र, राजकिशोर मिश्र और रामकेशरी देवी के रिहायशी मकान नदी मे विलीन हो गए. कटान को देखते हुए चौबेछपरा के अधिसंख्य मकानो पर दिल-दहलाने वाले हथौडे चलने लगे. एक साथ दर्जन भर मकानों पर चल रहे हथौड़ों की आवाज से आस-पास के लोगों का कलेजा कांप रहा है.

दीयारों के बाद कई गांवों को डराने लगी है घाघरा

गंगा नदी का जलस्तर गायघाट पर 55.90 मीटर है, जो बढ़ाव पर है. गंगा नदी खतरा बिन्दु से नीचे है. घाघरा नदी का डीएसपी हेड पर जलस्तर 64.300 मीटर है, जो स्थिर है. चांदपुर में जलस्तर 58.95 मीटर और मांझी में जलस्तर 54.80 मीटर है, जो बढ़ाव पर है. टोंस नदी का जलस्तर पिपरा घाट पर 56.40 मीटर है, जो स्थिर है.

सावन के पहले दिन मंदिरों में उमड़े शिवभक्त

सावन के पहले दिन बुधवार को मंदिरों में शिवभक्तों का रेला उमड़ा. श्रद्धालुओं ने भोले भंडारी का गंगाजल से अभिषेक किया. अपनी बारी का घंटों इंतजार किये श्रद्धालु. सुबह से ही शिव भक्त अपनी पारी के इंतजार में मंदिरों के बाहर घंटों खड़े रहे.

अब बलिया शहर में दाखिल हो चुकी हैं गंगा

बीते तीन दिनों के झमाझम बारिश के बाद किसानों की तो बल्ले बल्ले हो गई हैं, मगर कई जगह बाढ़ जैसी हालत हो गई है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को छू रहा है. हालांकि सोमवार की शाम सिंचाई विभाग बाढ़ खण्ड के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर गायघाट में 57.400 मीटर, घाघरा का जलस्तर डीएसपी हेड में 63.375 मीटर, घाघरा का जलस्तर चांदपुर में 57.86 मीटर, मांझी में 54.40 मीटर एवं टोंस नदी का जलस्तर पीपरा घाट पर 58.60 मीटर है. अर्थात बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट बता रही है कि जनपद में नदिया बढाव पर है, किन्तु खतरा बिन्दु से नीचे है.

गंगा खतरे के निशान से मात्र 80 सेंटीमीटर नीचे

बलिया में गंगा तटीय इलाके बाढ़ की चपेट में हैं. केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार बुधवार की शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 56.80 मीटर दर्ज की गई. खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर नीचे बह रही है. वैसे गंगा के जलस्तर में वाराणसी में जारी बढ़ोतरी पर मंगलवार को जहां लगाम लगी है, वहीं दशाश्वमेध, मणिकर्णिका और हरिश्चन्द्र घाट समेत अधिसंख्य घाटों की सीढ़ियां और मंदिर अब भी पानी में हैं. संगम नगरी इलाहाबाद में भी गंगा के जलस्तर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है.

कठौड़ा रेगुलेटर से पानी का रिसाव कब रुकेगा एडीएम साहब

गंगा, घाघरा एवं अन्य नदियों का जल स्तर बढ़ने के कारण कई गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हो रहे हैं. इसे देखते हुए कलेक्ट्रेट स्थित संयुक्त कार्यालय में प्रतिदिन 24 घण्टे के लिए बाढ़ कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नम्बर – 05498-220857. इस कन्ट्रोल रूम में बाढ़ से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की सूचना दर्ज करवाई जा सकती है.

खतरे की घंटी बजा चुकी गंगा फुल फॉर्म में

जलस्तर में बढ़ोत्तरी की रफ्तार यदि यूं ही बनी रही तो गंगा जल्द ही लाल निशान को पार कर जाएगी. गंगा में बढ़ाव के चलते चौबेछपरा गांव के सामने धसका कटान भी शुरू हो चुका है. इसके भय से चौबेछपरा के लोग अपने ही हाथों न सिर्फ आशियानों पर हथौड़ा चला रहे है, बल्कि सुरक्षित ठौर की तलाश में भी जुटे हैं. लेकिन प्रशासन अब भी कुंभकर्णी नींद से नहीं जग सका है.

गंगा नदी में डूबने से किशोर की मौत 

रेवती थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर मुनि छपरा निवासी सुरेंद्र तिवारी का 12 वर्षीय पुत्र दीपक तिवारी की गंगा में डूबने से मौत हो गई. वह हल्दी थाना क्षेत्र के गंगापुर निवासी भुवनेश्वर चौबे के यहां आया हुआ था. सोमवार को गंगा नदी में नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया

गंगा के लिए नगवा और ओझवलिया से शंखनाद

नगवा से कृष्णकांत पाठक गंगा भारत की पहचान है. सदियों से गंगा हमारे देश को अपने निर्मल एवं शुद्ध जल से सींच रही है. हमारी …