घुरहुआ करेजा पीट- पीट के रो रहा है. मुखिया जी ने चूतिया बनाया है. अगला चुनाव में इनकरा के छठी के दूध न याद दिला द कहिहें. बड़ा नीच है, हमके फंसा दिया और लल्लन की दुआरी पर हेंकड़ी झाड़ रहा था कि घुरहुआ के खूबे बुरबक बनाये है. अकेले में भेंटा जाई त डीह बाबा के किरिया मरबो करब सरऊ के. चार अक्षर पढ़ का लिहलन, अपना के तुलसी बाबा के दमाद बुझने लगे.
‘गुरु के रज मात्र से ही सैकड़ों जन्मों के पाप कट जाते हैं. गुरु रज के साथ गुरु चरण जिसने पा लिया, समझो उस जीव का जीवन धन्य हो गया.’ मंगलवार को गाजीपुर के सैदपुर क्षेत्र के देवचंदपुर पेट्रोल पंप स्थित मैदान में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा में विख्यात संत श्री प्रेम भूषण जी महाराज ने अपने मुखारबिंद से कहीं.
