श्री खप्पड़िया बाबा आश्रम के भंडारे में 30 हजार श्रद्धालुओं ने पाये प्रसाद

 

  • पिछले 25 सितम्बर 2019 से शुरू हुआ 108 दिवसीय रामचरित्र मानस पाठ 132 दिन तक लगातार चल रहा है. स्वामी हरिहरानंद जी की इच्छा है कि इसे भी संकीर्तन की तरह अनवरत जारी रखा जाय.
  • श्री खप्पड़िया बाबा आश्रम संकीर्तननगर में शाश्वतखण्ड संकीर्तन करीब 18 वर्षों से चल रहा है.

 

बैरिया : श्री खप्पड़िया एक ऐसे महान संत थे जिन्होंने विश्व कल्याण बहुत कठोर तपस्या की. उनका गाया भगवन्नाम संकीर्तन का मंत्र आज भी सबसे बड़ी साधना है.

ये उद्गार श्री हरिहरानंद जी महाराज के है जो शुक्रवार को श्री खप्पड़िया के निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित रुद्रद्वय महायज्ञ के समापन पर श्रद्धालुओं को सम्बोधित कर रहे थे.

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उन्होंने कहा कि कलि काल के कुप्रभावों से बचने के लिए ‘ राम ‘ नाम से बड़ा कोई अस्त्र नहीं है. संकीर्तन की तरह रामचरित्रमानस का पाठ भी निरन्तर चलना चाहिए.

खपड़िया बाबा आश्रम संकीर्तन नगर (श्रीपालपुर) पर शुक्रवार को बृहद भंडारा सम्पन्न हो गया. इसमें तीस हजार से अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किये.

बता दें कि खपड़िया बाबा के 35 वे निर्वाण दिवस पर महान सन्त हरिहरा नन्द जी महाराज के निर्देशन में महारूद्र द्वय यज्ञ किया गया था. इसकी पूर्णाहुति गुरुवार को ही कर दी गयी थी.

यज्ञ के मुख्य यजमान पूर्व ब्लाक प्रमुख कन्हैया जी और धर्मबीर उपाध्याय थे. इनके साथ ही दर्जनों लोग यजमान रहे. साथ ही अनेक यज्ञाचार्य भी रहे.

 

 

समापन के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की सुबह 7 बजे से ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालुओं के गगनभेदी ‘खपड़िया बाबा की जय’, ‘हरिहरा नन्द स्वामी जी की जय’ के नारो से पूरा इलाका गूंज गया.

हजारों की संख्या में प्रसाद खिलाने की तैयारी के लिए बृहस्पतिवार की रात से ही विभिन्न गांवों से आये दर्जनों हलवाइयों ने बुंदिया, सब्जी-पूड़ी बनाना शुरू कर दिया था.

सुबह 9 बजे श्री खप्पड़िया बाबा की समाधि का आरती स्वयं श्री हरिहरानंद जी ने दर्जनों पुरोहितों और महायज्ञ के यजमानों के साथ किया.

करीब 11 बजे से ब्राह्मण भोजन के साथ ही भंडारा खिलाना शुरू हो गया.वहीं दिन भर हजारो पुरुष-हिला श्रद्धालुओं ने यज्ञ स्थल की परिक्रमा कर पूण्य उठाते रहे.

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