अब भी बलिया के युवकों में बयालीस का खून उबलता है

महात्मा गांधी के अंग्रेजों भारत छोड़ो नारे का प्रभाव बलिया में बढ़ता जा रहा था, न केवल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, बल्कि विद्यार्थी एवं महिलाएं भी इस आंदोलन में कूद पड़ी थी.