बलिया जनपद का इतिहास बहुत पुराना है। कहते हैं यह शहर तीन बार बसा है और अब दावा किया जा रहा है कि ‘पुरानी बलिया’ की भूमि आखिरकार प्रशासन को मिल गई है। शनिवार को मुख्य राजस्व अधिकारी
सीआरओ ने बताया कि उनके न्यायालय में जो भी पुराने मुकदमे हैं उनको शीघ्र ही निपटाया जाएगा.
बताते चलें कि श्री त्रिभुवन इससे पहले बनारस, कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर में एसडीएम एवं मऊ जनपद में नगर मजिस्ट्रेट भी रह चुके हैं.