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विजयादशमी की मंगलवार को जिले भर में धूम रही. बैरिया में जहां आरएसएस का स्थापना दिवस मनाया गया, वहीं खरौनी में रावण का पुतला फूंका गया. नगवा गांव में चित्रसेन बाबा के स्थान पर बीते दिनों से चल रहे मानस पाठ एवं सत्संग का मंगलवार को समापन हुआ. दशहरा के अवसर पर जिले के विभिन्न इलाकों में लोगों ने रावण के पुतले का दहन किया. त्योहार के मद्देनजर जिले में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे.
स्वतंत्रता संग्राम के 70 वीं वर्षगांठ पर 1857 क्रांति के अग्रदूत शहीद मंगल पांडेय के पैतृक गांव नगवा में स्थापित शहीद मंगल पांडेय इंटर कालेज नगवा में धूमधाम से मनाया गया. विद्यालय प्रबंध समिति शिक्षक परिवार क्षेत्र में कर्मचारी एवं छात्र छात्राओं ने शहीद स्मारक पर फूल माला चढ़ा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
बलिया बलिदान दिवस समारोह मे मंगल पांडेय विचार मंच बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेगा. रविवार को मंगल पांडे विचार मंच उत्तर प्रदेश की बैठक शहीद के पैतृक गांव नगवा स्थित मंच के कार्यालय पर हुई. बैठक में परंपरा को कायम रखते हुए अधिक उत्साह के साथ 19 अगस्त को जिला मुख्यालय पर आयोजित होने वाले बलिया बलिदान दिवस समारोह में सहभागिता करने का निर्णय लिया गया.
पंचायती राज ग्राम प्रधान संघ ने दुबहर ब्लॉक के नगवा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विमल पाठक को आजमगढ़ मंडल का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है. मंगलवार को प्रधान संघ ने स्वागत समारोह का आयोजन पर उनका भव्य स्वागत किया. संघ के प्रदेश महासचिव त्रिलोकीनाथ पांडेय ने कहा कि विमल पाठक के मनोनयन से निश्चित रूप से प्रधान संघ मंडल के तीनों जनपदों बलिया, आजमगढ़ व मऊ में सुदृढ़ व संघर्षशील बनेगा.
मंगल पांडेय ने 29 मार्च 1857 को देश को आजाद कराने के लिए ब्रिटानिया हुकूमत के खिलाफ जब बगावत की तो उन्हें दंड स्वरुप 8 अप्रैल 1857 को फांसी दी गई. उनकी बगावत से तिलमिलाए अंग्रेज अफसरों ने बलिया में स्थित उनके पैतृक गांव नगवा में फ़ौज की एक टुकड़ी भेजकर आग लगा दी. नतीजतन सभी लोग गांव छोड़कर भागने को मजबूर हुए.
महर्षि बाल्मिकी विद्या मंदिर, दयानंद विद्या मंदिर में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया. शहीद मंगल पांडेय के गांव नगवा में स्थापित गांधीधाम में 24 घंटे का कीर्तन का आयोजन किया गया. मंगलवार को गुरु पूर्णिमा पर्व के अवसर पर भारी संख्या में लोगों ने त्रिदंडी स्वामी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण किया. शाम को भंडारे का आयोजन किया गया. इसमें शिवजी पाठक, जवाहर पाठक, अजीत पाठक, मनीष पाठक, राधाकृष्ण पाठक, चंद्र प्रकाश पाठक सहित सैकड़ों शिष्य शामिल हुए.
शिक्षा क्षेत्र दुबहड़ के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों ने स्कूल चलो अभियान की रैली निकाली. इन छात्रों ने उन बच्चों को विद्यालय जाने के लिए प्रेरित किया, जो अभी तक दाखिला नहीं करा सके हैं. रैली में बच्चे नारे लगाते हुए चल रहे थे कि घर घर में दीप जलेगा हर बच्चा स्कूल चलेगा, आधी रोटी खाएंगे स्कूल पढ़ने जाएंगे.
प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री नारद राय बुधवार को 11 बजे मंगल पाण्डेय डिग्री कालेज नगवां तथा दोपहर एक बजे सदर अस्पताल में बन रहे ट्रामा सेंटर के निर्माण कार्यों की समीक्षा व निरीक्षण करेंगे. यह जानकारी देते हुए जिला विकास अधिकारी जेएन राय ने सभी सम्बंधित अधिकारियो को अपनी अद्यतन प्रगति विवरण के साथ उपस्थित होने को कहा है.
बिजली मोटर फुंक जाने से दो दिन से नगवा की बत्ती गुल है. अब दस हजार की आबादी वाले इस गांव में पानी के लिए भी त्राहि त्राहि मची है. कब तक आपूर्ति बहाल होगी, इसका भरोसा देने वाला भी कोई नहीं है. विभागीय स्तर कार्रवाई शुरू हो चकी है, लेकिन कब तक मोटर बदलेगा, आपरेटर की माने तो इसके लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है. सफेद हाथी की तरह नगवा में में एक ओवरहेड टैंक भी है.
जिले में वन नहीं है, लेकिन करीब 23 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र वृक्षों से आच्छादित है. इसे आगे बढ़ाने की कवायद में इस साल करीब सात लाख पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिसमें अकेले वन विभाग पांच लाख 45 हजार 114 पौधे लगाएगा. शेष करीब एक लाख 42 हजार 125 पौधे जिले के करीब नौ विभाग लगाएंगे. इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए शहीद मंगल पांडेय विचार मंच के तत्वावधान में नगवा गांव को हरा भरा रखने के लिए स्थानीय इंटर कॉलेज और स्मारक परिसर में पौधरोपण किया गया.
शहीद मंगल पांडेय राजकीय महिला महाविद्यालय नगवा का निर्माणाधीन भवन तत्काल कम्पलीट करके लोकार्पित किया जाए. इसी उद्देश्य से सोमवार को मंगल पांडेय विचार मंच के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी बच्चालाल को सौंपा. ज्ञापन में कहा गया है कि कार्यदाई संस्था राजकीय निर्माण निगम जानबूझकर भवन निर्माण में विलंब कर रही है. विभाग कोई न कोई बहाना बना कर इस मामले को टालता जा रहा है, जबकि महिला महाविद्यालय की छात्राएं शहीद मंगल पांडेय स्मारक के एक कमरे में एक दशक से पढ़ने को मजबूर हैं.
देश के पहले स्वतंत्रता सेनानी या फिर पहले शहीद मंगल पांडेय के पैतृक गांव नगवा में उनके नाम पर एक महिला महाविद्यालय बीते दस साल से बस बन ही रहा है. कब तक बन जाएगा? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है. 8 अप्रैल 2005 को अमर शहीद के बलिदान दिवस के मौके पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इस महाविद्यालय को बनाने की घोषणा की थी. लगे हाथ उन्होंने इसके लिए धन भी मुक्त करवा दिया. तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कला, विज्ञान व वाणिज्य की स्नातक शिक्षा के मान्यता भी प्रदान करवा दी.
