अंग्रेजी हुकूमत की छाती पर कील ठोंक कर भारत को आजादी से पहले आजादी हासिल करने वाले 18 अगस्त सन 1942 में अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले शहीदों की स्मृति में लगने वाला शहीद मेला रविवार को बैरिया शहीद स्मारक पर लगा
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित किसानों को लाभ देने के लिए विधायक सुरेंद्र सिंह द्वारा तहसील में आयोजित शिविर में किसानों की भीड़ संबंधित कागजातों को जमा करने के लिए पहुंची
एक बार कोई सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ लिया तो दोबारा उसको उस सीट से चुनाव लड़ने की इजाजत ही नहीं मिलनी चाहिए. दूसरे को मौका मिले, सुविधा मिले लेकिन उसी जाति के किसी गरीब को मिले तभी संविधान की रक्षा होगी.
शाम तक जब परिजन घर वापस लौटे तो दोनो बहने दहाड़े मार कर रोने लगीं. आयुष का दाह संस्कार बलिया गंगा घाट पर ही कर दिया गया, जबकि सतीश उर्फ बंटी व उनके पुत्र साहिल को घर लाने के बाद गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया.
साहिल और आयुष देहरादून सैनिक स्कूल के छात्र थे. बनारस में ट्रेन से उतरने के बाद ये बच्चे बस से बलिया पहुंचे थे. उन्हीं दोनों को लेने के लिए सतीश बलिया शहर आए थे. तीखमपुर कॉलोनी से अपने बहनोई की बाइक लेकर वे बच्चों के साथ बैरिया लौट रहे थे.
वरिष्ठ पत्रकार आलोक श्रीवास्तव के पिता विजय प्रताप श्रीवास्तव का रविवार की भोर 4.30 बजे निधन हो गया. वह 80 साल के थे और पिछले 15 दिन से गंभीर रूप से बीमार थे.