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व्यापार मंडल बांसडीह के अध्यक्ष विजय कुमार गुल्लर व पत्रकारों, विभिन्न पार्टी के नेताओ ने पूरे बाजार में भ्रमण कर डीएम तेरी तानाशाही नही चलेगी नही चलेगी , एसपी तेरी तानाशाही नही चलेगी नही चलेगी, “फर्जी मुकदमे वापस लो,पत्रकारों को रिहा करो “के नारे के साथ भ्रमण किया. बड़ी बाजार स्थित गांधी प्रतिमा के पास एक घण्टे तक धरना भी दिया.
विधायक केतकी सिंह ने कहा, “मैं इस गांव की बहू हूं. आप सब के द्वारा दिये गये प्यार,दुलार तथा सहयोग की बदौलत. मैं आज जो हूं. यह आपका ही आशीर्वाद हैं कि मैं इस पद पर बनी हूं. मैं बांसडीह विधान सभा क्षेत्र के विकास के लिए कटिबद्ध हूं. मैरीटार गांव प्रदेश का सबसे विकसित ग्राम सभा बनें इसके लिए मेरा भरपूर प्रयास रहेगा. इस गांव में बहू बनकर आयी लेकिन मेरे ससुर जी सहित आप सभी ने मुझे बेटी बनाकर रखा और बेटी को विधायक बना दिया. यह मेरे लिए गर्व की बात है.”
परिवहन मंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना योगी सरकार की प्राथमिकताओं में एक है. इसलिए बीएसए यह सुनिश्चित कराएं कि जिले में कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित नहीं रहे. गांव में रहने वाले लोगों के अलावा कामगारों के बच्चों को भी अभियान से जोड़ते हुए स्कूल भेजवाने का संकल्प लें. शिक्षा से ही सबके जीवन में सकारात्मक बदलाव सम्भव है, लिहाजा अभिभावक भी अपने बच्चों को जरूर विद्यालय भेजें.
27 फरवरी को बैरिया थाना के नवका टोला निवासी संजीव सिंह ने बताया कि मेरी बहन नेहा सिंह की शादी अप्रैल 2020 में सोनू सिंह पुत्र महातम सिंह ग्राम ककरकुंडा से हुई थी. मैं जब अपने बहन के घर ककरकुंडा आया तो घर मे ताला बंद था. और घर के सभी लोग फरार थे. उसके बाद बांसडीह कोतवाली में तहरीर दी गई. जहां बांसडीह कोतवाल राजीव मिश्र ने 5 मार्च 22 को तत्काल लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कर जांच में जुट गए. काफी खोजबीन के बाद जब नेहा सिंह का पता नहीं चला तो 13 मार्च को भाई संजीव सिंह पुत्र जितेंद्र सिह ग्राम नवका टोला की तहरीर पर पुलिस ने विवाहिता के पति सोनू सिंह, सास ज्ञानती देवी,ससुर महातम सिंह व ननद पूजा के खिलाफ केस दर्ज किया .
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशा है कि कोई महिला खुले में शौच ना जाये और स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाया जाये. लेकिन नगर पंचायत में इस अभियान की खिल्ली उड़ायी जा रही है. सभासद श्री ओझा ने चेतावनी देते हुये कहा कि अगर तत्काल उक्त दोनों शौचालयों को नहीं खोला गया तो इसको लेकर वह स्थानीय महिलाओं के साथ शासन को अवगत करायेंगे और जरूरत पड़ी तो सड़क पर भी उतरने के लिये तैयार हैं.
