बलिया. परोपकार और सेवा का मूल्य तभी होता है जब वह सही व्यक्ति को दिया जाय. शायद ईश्वर जब परेशानियां ज्यादा देता है तो सहन शक्ति भी उतनी ही देता है, नहीं तो सर्द और गलन की रात में रोडवेज बस स्टैंड के पास बाटी चोखा की दुकान चलाने वाले नरहीं के रहने वाले लक्ष्मण गुप्ता और सुनीता देवी ठंढ़ से ठिठुरकर अलाव का सहारा लिए हुए रात गुजारने पर मजबूर थे.
