सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा बहुत बड़ा पाप- जीयर स्वामी

–श्रद्धालु भक्तों से मांगा समय का दान दुबहर, बलिया. राष्ट्रीय राजमार्ग 31 से जनेश्वर मिश्र सेतु को जाने वाले एप्रोच मार्ग के किनारे चल रहे चतुर्मास व्रत यज्ञ के दौरान सोमवार को देर शाम …

श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ स्थल की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा का सीओ ने लिया जायजा

रविवार को देर शाम जहां जिलाधिकारी मुख्य विकास अधिकारी के साथ प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने यज्ञ स्थल पर पहुंचकर व्यवस्था के बारे में जानकारी ली वहीं पर सोमवार को दोपहर में नगर क्षेत्राधिकारी प्रीति त्रिपाठी ने यज्ञ स्थल, प्रवचन पंडाल, भोजन व्यवस्था, भोजनालय, जलपान गृह के साथ बाहर से आने वाले लोगों के निवास स्थल एवं पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया.

गढ़ देवी मंदिर के प्रांगण में सैकड़ों लोगों का किया गया निशुल्क इलाज: डॉ कृष्णा

शिविर में दन्त रोग, फिजिशियन, हड्डी रोग और बाल रोग समेत अन्य रोगों के चिकित्सकों ने लोगों को निःशुक चिकित्सीय सुविधा प्रदान कराई. शिविर का आयोजन लायंस क्लब के नेतृत्व में किया गया.

गणपति विसर्जन यात्रा में गूंजा- गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ…

मूर्ति विसर्जन यात्रा में भक्ति गीत पर भक्ति रस में सराबोर थिरकते सैकड़ों की संख्या में युवाओं की टोली समा बाध रही थी. भगवान गणेश की जय जयकार एवं गणपति बप्पा मोरिया मंगल मूर्ति मोरिया के नारे आसमानों में गुंजायमान हो उठा. पूरा वातावरण भक्ति में गया था.

मनुष्य तन पाकर सत्संग को जाने वाला व्यक्ति बड़भागी है- पंडित अरविंद द्विवेदी

पंडित अरविंद शास्त्री ने कहा कि भगवान के कार्य के लिए जो जीव अपने तन का त्याग करें वह परम बड़भागी होता है. जैसे कि प्रभु श्रीराम के कार्य के लिए जटायु ने अपने तन का त्याग कर दिया था. मानस मर्मज्ञ पंडित अरविंद द्विवेदी ने कहा कि “हनुमान सब नहीं बड़भागी, नहीं कोऊ राम चरण अनुरागी” हनुमान जी महाराज से बड़भागी कोई नहीं है.

सुख के लिए गलत मार्ग अपनाने पर दुःख कभी साथ नहीं छोड़ेगा: जीयर स्वामी

स्वामी जी महाराज ने कहा कि श्री वामन द्वादशी के दिन इनकी पूजा अर्चना करने पर समस्त पापों का नाश होता है तथा घर में लक्ष्मी का वास होता है. भगवान वामन विष्णु के अवतार थे. वे इस धराधाम पर हम सबको जीने का मार्ग बता कर गए. तीन पग में राजा बलि का सब कुछ ले लिया और पूरे धरा धाम पर धर्म की स्थापना की.

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शाखा ने बाढ़ पीड़ितों को बांटी खाद्य सामग्री

ब्रह्माकुमारी बहन पुष्पा दीदी ने बताया कि हर साल की भांति इस साल भी हमारी संस्था ने बाढ़ पीड़ितों के पास जाकर सेवा भाव किया और परमपिता परमात्मा से प्रार्थना किया कि सभी भाई बहनों का जीवन स्वस्थ और समृद्ध रहे. सभी लोग खुशहाल रहें.

राज योगनी दादी प्रकाशमणि जी की 15 वां स्मृति दिवस ‘विश्व बन्धुत्व’ दिवस के रुप में धूमधाम से मनाया गया

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय बैरिया में गुरुवार के दिन राज योगनी दादी प्रकाशमणि जी की 15 वां स्मृति दिवस ‘विश्व बन्धुत्व’ दिवस के रुप में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया.

श्रीकृष्ण छठियारोत्सव पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

रेवती जोगीबीर बाबा स्थल प्रांगण में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न जगहों से पधारे गायक कलाकारों ने जलवा बिखेरा.

दुबहर थाने में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दुबहर थाने में शुक्रवार की देर रात भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्र की देखरेख में मनाया गया.

मनियर: हर्षोल्लास के साथ मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार हर्षोल्लास के साथ शुक्रवार की रात को मनाया गया.  जैसे ही रात के 12:00 बजे विभिन्न मंदिरों में घंटा घड़ियाल बजने लगे. हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की, नंद की आनंद भयो जय कन्हैया लाल की गीत का ध्वनि उच्चारण शुरू हो गया.

RADHA AND KRISHNA

शुक्रवार को रात्रि में मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव परम पूज्य श्रीलक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज के दिव्य मंगलानुशासन में शुक्रवार को रात्रि 10:30 बजे से रात्रि 12:00 बजे तक जनेश्वर मिश्रा सेतू एप्रोच मार्ग के निकट हो रहे चातुर्मास व्रत यज्ञ स्थल पर समारोह पूर्वक मनाई जाएगी.

संस्कारित ढंग से विवाह के बंधन में बंधकर गृहस्थ भी ब्रह्मचारी: जीयर स्वामी

दुबहर, बलिया. केवल विवाह नहीं करने वाला ही ब्रह्मचारी नहीं हैं, बल्कि गृहस्थ जीवन में में रहते हुए भी एक नारी के परिवार, समाज एवं देश के प्रति अपने सुकर्मों को समपित करके भी …

डीजे, बैंड बाजा, हाथी- घोड़े के साथ निकला महावीरी झंडा जुलूस

ऐतिहासिक जुलूस में नगर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर युवाओं द्वारा एक से एक चढ़कर कला कौशल का हैरत अंग्रेज प्रदर्शन हुआ. इस बीच बाहर से आए हुए अखाड़ों के यूवको द्वारा कला कौशल दिखाया गया.

निमिया माई की पूजा में उमड़ा जनसैलाब

मनियर, बलिया. मनियर बड़ी बाजार स्थित निमिया माई के पूजा धूमधाम से प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी की गई. झंडा पताका गाजे बाजे के साथ नर नारी निमिया माई की जयकारा लगाते …

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में मनाया अलौकिक रक्षा बंधन‌ का त्यौहार

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के बैरिया शाखा की मुख्य संचालिका पुष्पा दीदी ने कहा कि मानव प्रेम से बड़ा कोई प्रेम नहीं होता है. आज जरुरत है हम सभी लोग आपस में परिवार की तरह रहें और छोटी छोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर आपस में प्रेम और सौहार्द्ध का वातावरण बनाएं.

रेवती नगर का ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से हुआ संपन्न

झमाझम बरसात के बीच युवाओं सहित बुजुर्गों ने अपने कला कौशल का बेहतरीन मुशायरा पेश किया. जिसे देख लोग दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर हो गए हैं.

मनियर: नाग पंचमी के अवसर पर पूजे गए नाग देवता

मनियर थाना क्षेत्र में नाग पंचमी की पूजा धूमधाम से घरों में एवं मंदिरों पर भी हुआ. मनियर थाना क्षेत्र के ही मुड़ियारी गांव में रामजीत बाबा का स्थान है. बताया जाता है कि वहीं से मिट्टी लाकर करीब 100 वर्ष पूर्व अकलू राजभर निवासी असना अपने गांव में रामजी बाबा के नाम से पिण्ड स्थापित किया था जो अब मंदिर बन गया है

रेवती: श्रावण मास की तृतीय सोमवारी के अवसर पर शिव मंदिरों में रही भारी भीड़

नगर के बुढ़वा शिव मंदिर, दक्षिण टोला स्थित महादेव मंदिर, रामलीला मैदान स्थित शिव मंदिर, बड़ी मठिया स्थित चंद्रमौली महादेव मंदिर, उत्तर टोला स्थित शिव मंदिर,मौनी बाबा स्थल का शिव मन्दिर,पुराना पोस्ट आफिस के समीप स्थित शिव मन्दिर सहित विभिन्न मंदिरों में भक्तों का जनसैलाब देर शाम तक पूजन अर्चन में तल्लीन रहा.

छितेश्वर नाथ मंदिर : खुदाई के दौरान ऊपर की जगह नीचे जाता रहा शिवलिंग

तपस्वी को एक दिन सपने में भोलेनाथ ने( सीता अवनी) छितौनी में होने का संकेत दिया. और कहा कि इतनी दूर मत जाओ मैं यही हुं , फिर आस पास के ग्रामीणों के सहयोग से उक्त स्थान पर खुदाई की गई . खुदाई के उपरांत छितौनी में ही इस शिवलिंग का विग्रह प्राप्त हुआ. इस शिव लिंग को ऊपर लाने का बहुत प्रयास किया गया. जब जब शिवलिग को ऊपर लाने का प्रयास होता तब तब शिवलिंग उतना ही नीचे चला जाता. तभी भगवान भोलेनाथ महात्मा के रूप में प्रकट होकर गाँव के लोगों को दर्शन देकर इसी तरह शिवलिंग की पूजा अर्चना करने की सलाह दी और इस शिवलिंग को छितेश्वर नाथ महादेव का नाम देकर अंतर्ध्यान हो गए.