अयोध्या में 35वें रामायण मेले का शुभारम्भ

भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या में सरयू के तट पर शनिवार से 35वें रामायण मेला का शुभारंभ हुआ. चार दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु सरयू के तट पर पहुंचें. इस अवसर सरयू के तट पर रामलीला और विभिन्न संस्था द्वारा धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होते हैं.

बक्सर का सिद्धाश्रम प्रभु श्रीराम का गुरुधाम है

सिद्धाश्रम बक्सर कोई आम नगर नहीं है. यह हमेशा से अध्यात्म जगत के लिए किसी धाम की तरह पवित्र नगरी रही है, जिस तरह भगवान राम के जन्म से अयोध्या का महत्व है. जनकपुर में सीता जी के जन्म के कारण वहां का महत्व है. उसी तरह सिद्धाश्रम प्रभु श्रीराम का गुरुधाम है.

जिलाधिकारी ने किया ‘बलिया-पौराणिक काल से 1947 तक’ का विमोचन

ऐतिहासिक ददरी मेला के भारतेंदु कला मंच पर बलिया-पौराणिक काल से 1947 तक, सह ददरी मेला विशेषांक का विमोचन जिलाधिकारी गोविन्द राजू एनएस ने विशिष्ट अतिथि सपा जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह यादव, अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंघल, नगर मजिस्ट्रेट आरजी सिंह, अध्यक्ष प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्ता, शायर परवेज रोशन, अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार मिश्र, पुस्तक के संपादक मधुसूदन सिंह की उपस्थिति में किया.

धनुष यज्ञ मेला – खेतों में बसाया जा रहा एक आधुनिक अस्थायी नगर

संत सुदिष्ट बाबा के धनुष यज्ञ मेला की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं. बाहर से मेले में अपनी अपनी दुकानें लेकर आने वाले व्यापारी अपने लिए दुकानों की जगह आरक्षित करा रहे हैं. दिन और रात मेहनत कर लगभग 20 बीघा जमीन को एक अत्याधुनिक शहर के रूप में बसाने की कवायद चल रही है.

बलिया- पौराणिक काल से 1947 तक (सह ददरी विशेषांक) का विमोचन आज

बुधवार को बलिया- पौराणिक काल से 1947 तक (सह ददरी विशेषांक) नामक पुस्तक का विमोचन होने जा रहा है. इस पुस्तक के संपादक मधुसूदन सिंह है. बुधवार को ही इस मंच पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन भी होने जा रहा है, जिसके मुख्य अतिथि जिलाधिकारी बलिया गोविन्द राजू एनएस और विशिष्ट अतिथि जिलाध्यक्ष सपा संग्राम सिंह यादव है.

श्रीनाथ मठ में श्री रामचरित मानस नवाह परायण पाठ

श्रीनाथ मठ पर रामचरित मानस सत्संग अनुष्ठान समिति ब्रम्हस्थान के तत्वधान में नौ दिन तक चलने वाले श्री राम चरित मानस नवाह परायण पाठ एवम संत सम्मलेन का प्रारम्भ मंगलवार को कलश यात्रा के साथ प्रारम्भ की गयी.

त्याग, तपस्या एवं सेवा भाव से निखरता है मानव जीवन : सुरेंद्र दीदी

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का रजत जयंती समारोह स्थानीय टाउन हॉल के बापू भवन के मैदान में भव्य रूप से मनाया गया. कार्यक्रम में संस्था के पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं पश्चिम नेपाल की निर्देशिका ब्रम्हाकुमारी सुरेंद्र दीदी के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर पासवान, नगर पालिका अध्यक्ष साधना गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया.

अच्छे लोगों को सियासत में आना होगा – संतोष यादव

शहर की प्रतिष्ठित संस्था हजरत सैय्यद मसऊद गाजी वेलफेयर सोसायटी की ओर से सैय्यदवाड़ा स्थित शाहलग्न पैलेस में ‘‘हिन्दी साहित्य’’ में गाजीपुर का योगदान नामक एवं कार्यक्रम का आयोजन किया गया. हजरत सैय्यद मसऊद गाजी रह0 अवार्ड से सम्मानित साहित्यकार रामावतार की प्रसिद्ध लेखनी पर डॉ. रिचा राय ने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी रचनाएं जमीन से जोड़ती है, आम आदमी की पीड़ा को वह बखूबी व्यक्त कर लेते हैं, वह खूब लिखते हैं और दिलों में हलचल पैदा करते हैं.

झूला, चर्खी, सर्कस, मौत का कुंआ, बच्चों ने खूब इंज्वाय किया

ऐतिहासिक ददरी मेला के दूसरे रविवार को मेलार्थियों से खचाखच भरा रहा. सुबह से लेकर देर रात तक मेला में चहल-पहल रही. जहां विभिन्न व्यंजनों की दुकानों पर मेलार्थी जायका लेते रहे, वही झूला, चर्खी, सर्कस, मौत का कुंआ जैसे मनोरंजन के संसाधनों पर बच्चों ने खूब इंज्वाय किया.

ददरी मेला के भारतेंदु कला मंच पर अखिल भारतीय मुशायरा आज

सोमवार 28 नवम्बर को रात 8 बजे से अखिल भारतीय मुशायरे का आयोजन ददरी मेला के भारतेंदु कला मंच पर किया गया है. नगर पालिका परिषद बलिया द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति मु. असलम (जिला जज, बलिया) और विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण होंगे.

सुहवल में श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ

सुहवल गांव में आगामी दो दिसंम्बर से आयोजित विराट धनुष यज्ञ मेले से पूर्व आज से सात दिवसीय 11 कुण्डीय श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ का भव्य शुभारंभ पूरे वैदिक मन्त्रोचार के साथ व्यास स्वामी मदन गोपाल दास जी महराज ने किया. उसके उपरान्त मण्डप पूजा, बेदी पूजन, 151 कुवांरी कन्याओं का पूजन किया गया उसके पश्चात कलश यात्रा संत श्री मानदास बाबा के प्रांगण से पीताम्बर धारण किए हुए हाथ में कलश लिए कन्याओं ने निकाला.

बंसीबाजार के ज्ञानकुंज में छह जोड़े एक दूजे के हुए

ज्ञान कुंज एकेडमी बंसीबाजार के प्रांगण में रविवार को सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया. इसमें वर व कन्या पक्ष के साथ ही काफी संख्या में अन्य लोगों ने भी भाग लेकर नव दंपति को आशीष दिया.

सियासी दिग्गज बोले, विवेकी राय की रचनाओं में गंवई माटी की सोंधी महक

प्रख्यात साहित्यकार डॉ. विवेकी राय को सियासी दिग्गजों ने शनिवार को श्रद्धांजलि दी. नगर के बड़ीबाग स्थित डॉ. विवेकी राय के घर पर पहुंचकर बलिया सांसद भरत सिंह, जहूराबाद विधायक शादाब फातिमा, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता सच्चिदानंद राय ने डॉ. राय के कृतियों व उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें याद किया.

खरीद फरोख्त बेहतर होने से सुदिष्टपुरी अश्व मेला गुलजार

रानीगंज बाजार से पूरब सुदिष्टपुरी मे सन्त सुदिष्ट बाबा आश्रम परिसर में लगने वाले धनुष यज्ञ मेला के प्रथम चरण में लगने वाला अश्व मेला शनिवार को अपने पूरे शबाब पर रहा. मेले मे खरीद बिक्री का माहौल अच्छा होने से अश्व पालक व व्यापारी दोनों प्रसन्न नजर आये. मेले में उम्दा नस्ल के घोड़ा घोड़ी, कृषि उपयोग और वर्किंग प्रजाति के खच्चर व गधे भी काफी तादाद में जुटे हैं.

जिलाधिकारी ने की नमामि गंगे योजना की समीक्षा

विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी गोविन्द राजू एनएस की अध्यक्षता में ‘नमामि गंगे योजना‘ की समीक्षा बैठक हुई। इसमें बेलहरी, दुबहड़, बैरिया, मुरलीछपरा एवं सोहांव ब्लाक के खण्ड प्रेरक, प्रधान, सचिव, बीडीओ व एडीओ पंचायत ने प्रतिभाग किया.

ददरी मेला में भारतेन्दु मंच पर कव्वाली मुकाबला आज

प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी शनिवार को रात 8 बजे से ददरी मेला के भारतेन्दु कला मंच पर शानदार दो गोला कौव्वाली का मुकाबला होगा.

कील रूपी हरि के शरण में जाने से ही मिलेगा माया से छुटकारा

भारतेन्दु सत्संग मंच मेला ददरी में चतुर्थ दिवसीय सत्संग के तीसरे दिन पं. विजय नारायण शरण जी ने कहा कि घोर कलियुग में माया रूपी चक्की में पीसने से बचने के लिए एक मात्र कील रूपी हरि के शरण में जाना पड़ेगा, जैसे की कबीर बाबा का दोहा चलती चक्की देखकर दिया कबिरा रोय, दो पाटन के बीच में, साबुत बचा न कोय, वहीं पर कमाल जी का दोहा मिलता है चलती चक्की देखकर हंसा कमाल उठाय.

चेहल्लुम के जुलूस में जंजीरी मातम देख भर गई आंखें

मोहल्ला बिशुनीपुर स्थित स्व. मुनीर हसन जैदी साहब के इमाम बार गाह से गत वर्षों की तरह 25 सफर को अपरान्ह चेहल्लुम के अवसर पर अंजमुन हाशिमियां के तत्वावधान में जैसे ही तबरूकात बरामद हुए, वैसे ही लोगो की आंखे आंसुओं से भर गईं. लोग शोहदाए कर्बला इमाम हुसैन और उनकी आलव साथियों पर हुए अमानवीय जुल्म की कहानियां सुनकर सीना जनी (मातम) करने लगे.

मंदिर ही नहीं, मेला भी मशहूर है ब्रह्मपुर का

बाबा भोले भंडारी की नगरी ब्रह्मपुर की एक अलग ही विशिष्टता है.. यहां पर हरेक जगह से लोग आते है और बाबा की पूजा अर्चना करते है. महाशिव रात्रि के समय का नज़ारा अद्भुत होता है. ये मंदिर बक्सर, आरा, बलिया, छपरा और सासाराम मे बहुत ज़्यादा प्रसिद्ध है. वैसे तो बिहार और उत्तर प्रदेश के कोने कोने से श्रद्धालु यहां पर दर्शन करने आते हैं.

माई बिसरी, बाबू बिसरी, पंचकोशवा के लिट्टी-चोखा नाहीं बिसरी

इसे सनातन धर्म की आभा कहें या बक्सर जिला वासियों का संस्कृति से लगाव. बिहार का बक्सर जिला यहां एक दिन बहुत ही खास होता है. इस तिथि को बीस लाख से अधिक लोग एक ही साथ भोजन करते हैं. अगहन कृष्ण पक्ष की इस तिथि को लोग पंचकोश के नाम से जानते हैं. पांच दिनों का मेला जिस दिन समाप्त होता है, उस दिन हर घर में एक ही भोजन बनता है.