
बलिया लाइव ब्यूरो
बलिया। मध्याह्न भोजन योजना के मेन्यू में हुए परिवर्तन के तहत सोमवार को पहली बार जनपद के समस्त परिषदीय स्कूल के बच्चों ने मौसमी फल का स्वाद लिया. शासन के निर्देश पर परिषदीय बच्चों को पूर्ण आहार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से मध्याह्न भोजन योजना के मेन्यू में फेरबदल किया गया है. योजना को मूर्त रूप देने के लिए जनपद स्तरीय दर्जनों टीमें गठित की गयी थी. यह टीम सुबह 08 बजे से अपराह्न एक बजे तक स्कूलों का भ्रमण कर धरातलीय हकीकत से रूबरू होती रही. इसी क्रम में एक पंथ-दो काज की तर्ज पर बीएसए डॉ . राकेश सिंह ने आधा दर्जन से अधिक स्कूलों का निरीक्षण भी कर डाला, जिसमें एक दर्जन से अधिक शिक्षक गैरहाजिर मिले. इससे इतर शनिवार को हुई विभागीय कार्रवाई से सकते में आए शिक्षकों ने अवकाश के लिए सोमवार को एसएमएस का प्रयोग जमकर किया. कुल 34 ऐसे एसएमएस विभिन्न शिक्षा क्षेत्रों से प्राप्त हुए, जो आकस्मिक अवकाश से सम्बंधित थे. फल वितरण को लेकर प्रशासन न सिर्फ अलर्ट रहा, बल्कि सभी बीईओ, डीसी, एबीआरसी, एनपीआरसी व क्यूएमसी के लोग सुबह से ही फल वितरण व्यवस्था की मानीटरिंग करना शुरू कर दिए थे.


अनुपस्थित शिक्षकों की पगार काटने के निर्देश
कुछ विद्यालयों पर आम वितरित किया गया, जबकि अधिकतर जगह केला. इसी क्रम में तहसीली स्कूल में फल वितरित करने के बाद बीएसए डॉ. राकेश सिंह नवानगर ब्लाक के प्रावि गोसाईपुर, मनियर ब्लाक के पूमावि काजीपुर पहुंचे. यहां व्यवस्था का जायजा लेते हुए बीएसए प्रावि व पूमावि छितौनी पहुंचे, यहां पूमावि पर एक सहायक अध्यापक अनुपस्थित मिले. इनका एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया है. बेरूआरबारी ब्लाक के पूमावि नारायनपुर पर 242 के सापेक्ष 32 बच्चे उपस्थित मिले. कस्तुरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रेवती का निरीक्षण करते हुए बीएसए कस्तुरबा बांसडीह पहुंचे. यहां फुलटाइम टीचर अनीता श्रीवास्तव, नीरा धूसिया, एकाउंटेंट शीला सिंह व रसोईया अतवारी देवी अनुपस्थित रही. कस्तुरबा मुरलीछपरा की वार्डेन समेत सभी स्टाफ अनुपस्थित था. कस्तुरबा बैरिया पर नीतू पांडेय, शशिकला मौर्या, रीता सिंह व सरिता गुप्ता अनुपस्थित मिली. बीएसए ने कस्तुरबा में अनुपस्थित मिले सभी शिक्षक-कर्मचारियों का दो दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है.
