


जयप्रकाशनगर (बलिया)। स्थानीय ग्राम के दलजीत टोला में दशहरे की इस वर्ष विशेष तैयारी थी. बड़ा पंडाल, विशाल मेला सब कुछ पूरी तरह तैयार था, सुबह आठ बजे मां का पट खुला, लोग दर्शन को भी उमड़ पड़े. मेले के दुकनदार भी अपनी-अपनी दुकानों को पूरी तरह सजा चुके थे. तभी दोपहर दो बजे घटाओं की गर्जना के सांथ, जमकर बारिश शुरू हो गई.
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पंडाल के आसपास मानों दरियाव उमड़ आया हो. सभी दुकनदार निराश हैं. उनकी पहले दिन की कमाई पर ही एक तरह से ग्रहण लग गया. उधर, यहां समिति के युवा भी चिंतित हो उठे . समिति के भूटेली सिंह, मंतोष सिंह, बीरबल यादव, सुधीर सिंह, उग्रसेन गुप्त, टुनटुन यादव आदि ने मिलकर किसी तरह ग्राउंड से पानी निकालने की व्यवस्था की, किंतु सभी किए कराए पर पानी फिरते दिख रहा है.
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भयंकर बारिश के चलते ही सप्तमी के दिन यहां आयोजित होने वाले विशाल गदका का कार्यक्रम रद करना पड़ा. वजह कि जिस स्थान पर यह आयोजन होता है, वहां पानी लगा हुआ है. व्यवस्थापक वीरबल यादव ने बताया कि गीली जमीन पर गदका काफी खतरनाक साबित होगा, इसीलिए इस कार्यक्रम को रद करना पड़ा.

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दशहरे में मेले के दुकनदार प्रभु साह, महेंद्र साह, जीऊत साह, बब्लू आदि ने बताया कि यदि दिन अच्छा नहीं हुआ तो हमारी तो पूंजी ही बैठ जाएगी. कहा कि हमें मां दुर्गा पर पूर्ण भरोसा है, वह सभी दुकानदारों का भी अवश्य ख्याल रखेंगी.
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