

Please LIKE and FOLLOW बलिया LIVE on FACEBOOK page https://www.facebook.com/BalliaLIVE
आशीष दूबे,बलिया.
लखनऊ/बलिया. जिले के बहुचर्चित नरही अनाज घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायालय ने तत्कालीन ग्राम प्रधान और कोटेदार को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 55,000 रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
यह मामला संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत एक करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले से जुड़ा है, जिसमें गरीबों के लिए आवंटित अनाज के वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई थी। आरोप था कि काम के बदले अनाज योजना के तहत फर्जी दस्तावेजों, गलत लाभार्थियों और कागजों में वितरण दिखाकर सरकारी अनाज का दुरुपयोग किया गया।
This Post is Sponsored By Memsaab & Zindagi LIVE
दोषी पाए गए आरोपी तत्कालीन ग्राम प्रधान सत्यनारायण प्रसाद पटेल और तत्कालीन राशन दुकानदार शाहनवाज आलम हैं। सीबीआई ने 31 अक्टूबर 2008 को बलिया के नरही थाने के मुकदमे को अपने हाथ में लेते हुए 172 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
आरोप था कि धोखाधड़ी, जालसाजी और नकली दस्तावेज तैयार कर सरकारी खजाने को 65 लाख रुपए नकद और 45.26 लाख रुपए मूल्य के अनाज का नुकसान पहुंचाया गया था। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 10 नवंबर 2010 को चार्जशीट फाइल की थी. सीबीआई ने जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (डीआरडीए) के उस समय के मुख्य वित्तीय और लेखा अधिकारी सत्येंद्र सिंह गंगवार के साथ-साथ ग्राम प्रधान सत्यनारायण प्रसाद पटेल और कोटेदार शाहनवाज आलम के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत ने इस मामले में पटेल और आलम को दोषी ठहराया और सजा सुनाई जबकि सत्येंद्र सिंह गंगवार को सबूतों के अभाव में आरोपों से बरी कर दिया।
सीबीआई जांच के दौरान यह सामने आया कि अनाज वितरण में सुनियोजित तरीके से हेराफेरी की गई और सरकारी धन व संसाधनों का निजी लाभ के लिए इस्तेमाल हुआ। सीबीआई ने इस मामले में कई आरोपियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे, जिनमें ग्राम प्रधान और कोटेदार की भूमिका अहम पाई गई।
सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनवाई के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों, गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट माना कि आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी योजनाओं को नुकसान पहुंचाया। न्यायालय ने कहा कि इस तरह के अपराध समाज के सबसे कमजोर वर्ग के हक पर डाका डालने के समान हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
फैसला आने के बाद नरही अनाज घोटाला एक बार फिर जिले में चर्चा का विषय बन गया है। आम लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश बताया है। लोगों का कहना है कि इस फैसले से सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों में भय पैदा होगा।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह फैसला आने वाले समय में ऐसे मामलों की सुनवाई में एक अहम उदाहरण बनेगा और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने में मदद करेगा।
Breaking News और बलिया की तमाम खबरों के लिए आप सीधे हमारी वेबसाइट विजिट कर सकते हैं.
Website: https://ballialive.in/
Facebook: https://www.facebook.com/BalliaLIVE
X (Twitter): https://twitter.com/ballialive_
Instagram: https://www.instagram.com/ballialive/
Threads: https://www.threads.net/@ballialive
अब बलिया की ब्रेकिंग न्यूज और बाकी सभी अपडेट के लिए बलिया लाइव का Whatsapp चैनल FOLLOW/JOIN करें – नीचे दिये गये लिंक को आप टैप/क्लिक कर सकते हैं.
https://whatsapp.com/channel/0029VaADFuSGZNCt0RJ9VN2v
आप QR कोड स्कैन करके भी बलिया लाइव का Whatsapp चैनल FOLLOW/JOIN कर सकते हैं.

