तहसील दिवस मना अधिवक्ता भवन में

लोकपालों एवं होमगार्ड के विरोध के चलते तथा माडल तहसील में ताला बंदी के कारण एसडीएम सदर सहित पुलिस की मौजूदगी में तहसील दिवस का आयोजन किया गया. तहसीलों में ताले लटकते रहे. प्रदेश के 353 तहसीलों में से हड़ताल का सबसे ज्यादा प्रभाव बलिया में देखने को मिला. जनपद के सभी तहसीलों में तहसीलदार व नायब तहसीलदार हड़ताल पर हैं.

2017 के चुनाव में क्या होगा बलिया का मुद्दा

स्वतंत्रता संग्राम हो या सियासत, देश में बलिया को ऊंचा मुकाम हासिल है. मगर उद्योग के नाम पर उसके खाते में आए सिर्फ दो कारखाने – एक चीनी मिल और एक कताई मिल. जो यहां के जनप्रतिनिधियों के उदासीनता के चलते कई सालों से बंद पड़े है. जिससे लोगो को रोजगार के लिए दूसरे प्रान्तों के महानगरों के तरफ पलायन करना पड़ रहा है. रही सही कसर पूरी कर देती हैं यहां की जर्जर सड़कें, विकास में सबसे बड़ी बाधा तो वहीं हैं.

बलिया नगर और बैरिया के प्रभारी बनाए गए उपेंद्र तिवारी

भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद शंकर दुबे ने फेफना विधायक उपेंद्र तिवारी को बलिया नगर और बैरिया विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया है. जिला कार्यालय पर हुई बैठक में पार्टी को मजबूत व गतिशील बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए. श्री दुबे के मुताबिक मोदी सरकार की योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए और मिशन 2017 की कामयाबी के लिए जिला भाजपा इकाई कमर कस चुकी है. अब विरोधी पार्टियों के खिलाफ पार्टी मोर्चा खोलेगी.