उप डाकपाल के विदाई समारोह में नम हुए लोगों के नेत्र 

​बांसडीह (बलिया)। नौकरी में आना व जाना तो लगा ही रहता है. लेकिन अच्छा कार्य करने वाले को कभी भुला पाना मुश्किल होता है. उक्त बातें उप डाकघर बांसडीह से सेवा निवृत्त उपडाकपाल रविन्द्र सिंह के विदाई समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने  कहा.  नौकरी में रहते हुए  अपने मृदुल स्वभाव व ईमानदारी पूर्वक कार्यों  के बदौलत सबके दिलों पर रविन्द्र सिंह छाये रहे.  इनके सेवा निवृत्त होने से मन बड़ा दुःखी है. लेकिन यह एक प्रक्रिया है, यह नौकरी से सेवा निवृत्त हुए हैं. हमारे दिलों से नहीं. इस डाक घर का दरवाजा इनके लिए बराबर खुला रहेगा. सेवा निवृत्त उपडाकपाल रविन्द्र सिह ने रुंधे गले से कहा कि आप लोगो के बीच इतना प्यार स्नेह मिलता रहा की यह लम्बा समय कब बीत गया पता ही नहीं चला. आप सब के मिले इस स्नेह प्यार को जीवन भर याद रखूंगा. कार्यक्रम का शुभारम्भ  सेवा निवृत्त श्री सिंह को फूल माला पहनाकर अंग वस्त्रम, गीता आदि देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ अवधेश पांडेय के स्वागत गीत व भावुक विदाई गीत रउवा जाई जहा वहाँ प्यार बरसत रहे. रउवा खाती ई परिवार तरसत रहे. सुना कर वहा उपस्थित लोगों की आँखे नम कर दी.  इस मौके पर प्रमुख रूप से चन्द्रमा सिंह, मुरली मिश्र, धीरज, भरत शर्मा, पण्डित सुरेन्द्र तिवारी, सुनील उपयाध्य, उपेन्द्र वर्मा, रमेश वर्मा, शंकर जी अग्रवाल, सतीश सिंह, उमाकांत सिंह, रामायण, संजय सिंह, हरेराम, संतोष, अश्वनी सिंह,शिवजी प्रसाद, विशुन दयाल मिश्र, मुरली सिंह, रहे. कार्यक्रम का संचालन अली हसन सिद्दीकी ने किया.

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