

बैरिया: बाढ़ और बारिश से लोगों की परेशानी को देखते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौथरी ने राज्य सरकार से बलिया को आपदाग्रस्त जिला घोषित करने की मांग की है. उन्होंने बांसडीह में बाढ़ग्रस्त इलाकों का जायजा लेने के बाद मंगलवार को प्रेस को एक बयान जारी किया.
चौधरी ने कहा कि जिले का अधिकांश भाग गंगा और घाघरा के दोआब में स्थित है. सितम्बर माह के मध्य में ही जिले में बाढ़ आ गयी थी. उन्होंने कहा कि एक पखवाड़े से गंगा की बाढ़ से बैरिया और सदर तहसील के सैकड़ों गांव और घाघरा के पानी से बांसडीह विस क्षेत्र के कई दर्जन गांव घिरे हैं.
उन्होंने कहा कि इन गांवों के लोग बाढ़ से जूझ ही रहे थे कि सदर तहसील के भी गांव जलमग्न हो गए. इधर, घाघरा की उफनती लहरें बांसडीह इलाके में तबाही मचाने लगी हैं. इसके बावजूद जनपद खासकर बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के लोगों की जिला प्रशासन ने मदद नहीं की.
विपक्ष के नेता ने कहा कि अपने क्षेत्र के गांवों में धान की फसल चौपट हो गई है. पशुओं को चारा तक नहीं मिल रहा. लोग खुद और मवेशियों को लेकर परेशान हैं. उनका आरोप था कि मरने वालों के परिवार वालों को कोई आर्थिक सहायता नहीं दी जा रही है. जनपद में दवाइयों का अभाव है.
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उन्होंने कहा कि जिले में इस मानसून की पहली बारिश के बाद विधानसभा में मांग की थी कि जिनकी धान की नर्सरी नष्ट हो गई है, उन्हें मुआवजा दिया जाय. उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया गया.
