डीजे, बैंड बाजा, हाथी- घोड़े के साथ निकला महावीरी झंडा जुलूस

ऐतिहासिक जुलूस में नगर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर युवाओं द्वारा एक से एक चढ़कर कला कौशल का हैरत अंग्रेज प्रदर्शन हुआ. इस बीच बाहर से आए हुए अखाड़ों के यूवको द्वारा कला कौशल दिखाया गया.

निमिया माई की पूजा में उमड़ा जनसैलाब

मनियर, बलिया. मनियर बड़ी बाजार स्थित निमिया माई के पूजा धूमधाम से प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी की गई. झंडा पताका गाजे बाजे …

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में मनाया अलौकिक रक्षा बंधन‌ का त्यौहार

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के बैरिया शाखा की मुख्य संचालिका पुष्पा दीदी ने कहा कि मानव प्रेम से बड़ा कोई प्रेम नहीं होता है. आज जरुरत है हम सभी लोग आपस में परिवार की तरह रहें और छोटी छोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर आपस में प्रेम और सौहार्द्ध का वातावरण बनाएं.

रेवती नगर का ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से हुआ संपन्न

झमाझम बरसात के बीच युवाओं सहित बुजुर्गों ने अपने कला कौशल का बेहतरीन मुशायरा पेश किया. जिसे देख लोग दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर हो गए हैं.

मनियर: नाग पंचमी के अवसर पर पूजे गए नाग देवता

मनियर थाना क्षेत्र में नाग पंचमी की पूजा धूमधाम से घरों में एवं मंदिरों पर भी हुआ. मनियर थाना क्षेत्र के ही मुड़ियारी गांव में रामजीत बाबा का स्थान है. बताया जाता है कि वहीं से मिट्टी लाकर करीब 100 वर्ष पूर्व अकलू राजभर निवासी असना अपने गांव में रामजी बाबा के नाम से पिण्ड स्थापित किया था जो अब मंदिर बन गया है

रेवती: श्रावण मास की तृतीय सोमवारी के अवसर पर शिव मंदिरों में रही भारी भीड़

नगर के बुढ़वा शिव मंदिर, दक्षिण टोला स्थित महादेव मंदिर, रामलीला मैदान स्थित शिव मंदिर, बड़ी मठिया स्थित चंद्रमौली महादेव मंदिर, उत्तर टोला स्थित शिव मंदिर,मौनी बाबा स्थल का शिव मन्दिर,पुराना पोस्ट आफिस के समीप स्थित शिव मन्दिर सहित विभिन्न मंदिरों में भक्तों का जनसैलाब देर शाम तक पूजन अर्चन में तल्लीन रहा.

छितेश्वर नाथ मंदिर : खुदाई के दौरान ऊपर की जगह नीचे जाता रहा शिवलिंग

तपस्वी को एक दिन सपने में भोलेनाथ ने( सीता अवनी) छितौनी में होने का संकेत दिया. और कहा कि इतनी दूर मत जाओ मैं यही हुं , फिर आस पास के ग्रामीणों के सहयोग से उक्त स्थान पर खुदाई की गई . खुदाई के उपरांत छितौनी में ही इस शिवलिंग का विग्रह प्राप्त हुआ. इस शिव लिंग को ऊपर लाने का बहुत प्रयास किया गया. जब जब शिवलिग को ऊपर लाने का प्रयास होता तब तब शिवलिंग उतना ही नीचे चला जाता. तभी भगवान भोलेनाथ महात्मा के रूप में प्रकट होकर गाँव के लोगों को दर्शन देकर इसी तरह शिवलिंग की पूजा अर्चना करने की सलाह दी और इस शिवलिंग को छितेश्वर नाथ महादेव का नाम देकर अंतर्ध्यान हो गए.

हनुमान मंदिर से कलश यात्रा और शोभायात्रा, श्रीमद्भागवत कथा तीन बजे से

कलश यात्रा विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष मंगलदेव चौबे की देखरेख में व डॉ सन्तोष तिवारी के निर्देशन में गुरुद्वारा रोड स्थित हनुमान मंदिर से प्रारम्भ होकर चौक, सेनानी उमाशंकर सिंह चौराहा, आर्य समाज रोड, मालगोदाम रोड होते हुए एलआईसी मालगोदाम रोड पर स्थित विनीत लॉज के सामने वाले नवनिर्मित भवन में कथा स्थल पर पहुंचेगी.

भृगु मंदिर में स्थित हनुमानजी का पूजा करेगा बारी समाज

दुबहर , बलिया. बारी समाज द्वारा भृगु मंदिर में स्थापित महावीर मंदिर के वार्षिक पूजन उत्सव का कार्यक्रम 2 अगस्त मंगलवार को पूरे विधि विधान …

रेवती: नौ दिवसीय श्री श्री रुद्र महायज्ञ का समापन

यज्ञाधीश राजीव रंजन जी महाराज ने कहा कि यज्ञ से वायुमंडलीय वातावरण शुद्ध होता है तथा यज्ञ से देवता प्रसन्न होते हैं. कहा कि कलिकाल में भगवन नाम संकीर्तन मात्र से परमगति की प्राप्ति संभव हैै.

श्रावण मास के पहले सोमवार को क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में रही भारी भीड़

श्रावण मास के पहली सोमवारी को क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में भारी भीड़ रही. क्षेत्र के बांसडीह कचहरी स्थित बाबा गरीबा नाथ महादेव मंदिर, बड़ी बाजार स्थित बाबा भूटेश्वर नाथ महादेव मंदिर ,बांसडीह पश्चिम टोला शिवरात्रि पोखरे पर स्थित बाबा रघुबेश्वर नाथ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं …

सुरहताल के किनारे स्थित है बाबा अवनीनाथ महादेव का प्राचीन मंदिर

बलिया – बांसडीह मार्ग स्थित बड़सरी गांव से करीब एक किमी पश्चिम सुरहताल के किनारे बाबा अवनीनाथ महादेव मंदिर प्राचीन काल से स्थापित है. जहां पहुंचने पर पर्यावरण से सुसज्जित स्थल पर एक अलग अनुभूति तो होती है. बुजुर्गों के अनुसार उक्त मंदिर की ऐसी महत्ता है कि जो अवनी नाथ महादेव मंदिर में जाकर अपनी विनती सुनाता है उसकी मन्नत पूर्ण हो जाती है.

प्रकृति के सभी जीव-जंतु पर्यावरण संतुलन के लिए- जीयर स्वामी

भोजन अल्पाहार होना चाहिए जितने से शरीर की रक्षा हो सके. अग्राह्य भोजन से शरीर रोगयुक्त होता है. मांसाहार मनुष्य के लिए उचित नहीं. इसके पक्ष में मांसाहारी जीवों की भोजनालय वृत्ति का उदाहरण नहीं देना चाहिए.

बाबा सैदनाथ: ऐसा पौराणिक शिव मंदिर जहां शिवलिंग का स्थान बदलने की कोशिश करने पर बहने लगी खून की धारा, यहां दर्शनों से पूरी होती है मनोकामना

ग्रामीणों के मुताबिक बांसडीह के राजा रहे शुभ नारायण पांडे जंगल में स्थित किसी चीज की खुदाई करा रहे थे कि इसी बीच उनको खम्भे के आकार का एक शिवलिंग दिखाई दिया. शुभ नारायण पांडे इस शिवलिंग को बांसडीह नगर में लाकर स्थापित करना चाहते थे. लेकिन खुदाई के बाद भी शिवलिंग जमीन से बाहर नहीं आ सका और वहां खून की धारा बहने लगी.