बलिया: युवक के शव मिलने से हड़कंप, दो बाइक की टक्कर में एक युवक गंभीर रूप से घायल, छात्रा की अचानक मौत

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पनीचा गांव में युवक के शव मिलने से हड़कंप मच गया

मनियर, बलिया. मनियर थाना क्षेत्र के पनीचा गांव में बुधवार को सायं काल करीब 5 बजे एक युवक का शव गेहूं के खेत में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. घास काटने गए मवेशी पालकों ने शव को देखा. इसकी सूचना जंगल में आग की तरह फैल गई. लोगों ने घटना की सूचना पुलिस प्रशासन को दिया. मौके पर नवागत थाना प्रभारी मनियर कमलेश कुमार पटेल दल बल के साथ पहुंचे. पुलिस की मौजूदगी में शव की शिनाख्त गौरी शंकर राम 37वर्ष पुत्र स्वर्गीय शिवनाथ राम निवासी बड़सरी जागीर थाना मनियर जनपद बलिया के रूप में हुई.मृतक के भाई गंगाराम ने बताया कि मृतक हमारे पांच भाइयों में से चौथे नंबर का है. लगभग 15 वर्ष पहले इसकी शादी हुई थी। 6 माह बाद पत्नी छोड़कर चली गई. वह कुछ मानसिक रूप से विक्षिप्त था. घर पर नहीं रहता था .अक्सर वह घूमा करता था. घटना की सूचना पाकर पुलिस उपाधीक्षक विजय त्रिपाठी, सीओ बांसडीह प्रीती त्रिपाठी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मनियर थाने पर पहुंचे तथा थाना अध्यक्ष मनियर कमलेश कुमार पटेल को आवश्यक निर्देश दिए. ग्राम प्रधान कमलेश कुमार सिंह हलचल सहित अन्य लोग थाने पर मौजूद रहे.
(मनियर संवाददाता- वीरेंद्र सिंह की खास रिपोर्ट)

 

दो बाइक के आमने-सामने की टक्कर में एक बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल

बेल्थरारोड, बलिया. उभांव थाना क्षेत्र के हल्दी रामपुर पनिसरा ग्राम सभा के समीप बुधवार को दो बाइक के आमने-सामने की टक्कर में एक बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया बताया जा रहा है कि ट्रक और ट्रैक्टर से ओवरटेक कर समय सामने से आ रही बाइक में जोरदार टक्कर हो गई. संजोग अच्छा रहा कि ट्रक के चपेट में युवक नहीं आया नहीं तो कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने घायल को समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने घायल राकेश कुमार 25 वर्ष दोनों पर और दोनों हाथ फैक्चर बताया है प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर दे डॉक्टरों ने जिला सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. मिली जानकारी के अनुसार घायल युवक बेलौली रामपुर थाना क्षेत्र के मर्यादपुर मारूखपुर निवासी बताया जा रहा है.

(बेल्थरारोड संवाददाता उमेश गुप्ता की रिपोर्ट)

 

कोर्ट के आदेश पर जमीन से अवैध कब्जा हटाया गया, मौजूद रही कई थानों की फोर्स एवं पीएसी

दुबहर, बलिया. थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत अखार अंतर्गत बैजनाथ छपरा में बरसों से लगभग एक एकड़ 98 डिसमिल जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाए कुछ परिवारों को पुलिस ने न्यायिक आदेश पर बुलडोजर लगाकर बुधवार के दिन खाली कराया.
ज्ञात हो कि बैजनाथ छपरा निवासी बलदेव चौबे की एक एकड़ 98 डिसमिल जमीन पर पिछले छह दशक पहले फुलवारी लगाने के नाम पर छितेश्वर तूरहा के पिताजी यहां आए थे. कुछ वर्षों बाद उस जमीन पर कब्जा जमाने लगे जिसको लेकर 1992 में दोनों पक्षों के बीच हुए झगड़े में छितेस्वर तुरहा के एक भाई की गोली लगने से मृत्यु हो गयी थी. अपनी जमीन खाली कराने को लेकर बलदेव चौबे न्यायालय में 1974 में मुकदमा दायर किया.

यह मुकदमा लंबे अंतराल के बाद 2011 में बलदेव चौबे के पक्ष में न्यायालय ने फैसला दिया. जमीन को खाली कराने का एवम दखल दहानी के इस वर्ष के आदेश पर बलदेव चौबे ने स्थानीय पुलिस से गुहार लगाई.

दुबहर थाना अध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा ने प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से पीएसी व अन्य थाने की पुलिस की मदद से उक्त जमीन पर बुलडोजर के साथ अवैध कब्जे को हटाने में पूरे दिन लगे रहे. समाचार लिखे जाने तक छितेश्वर तुरहा एवं उनके भाइयों का मकान वहां से हटा दिया गया.

(बलिया से केके पाठक की रिपोर्ट)

 

छात्रा की अचानक मौत

रेवती,बलिया. यूपी बोर्ड की आगामी इण्टरमीडिएट परीक्षा की तैयारी कर रही रात दिन अध्ययन में लगी रेवती विकासखंड के झरकटहां निवासिनी छात्रा ज्योति पुत्री अजय सिंह बीते मंगलवार की देर रात तक पढ़ाई करने के क्रम में हमेशा के लिए सो गयी. क्षेत्र के झरकटहां गांव निवासी अजय सिंह की पहली सन्तान ज्योति अत्यन्त ही कुशाग्र बुद्धि की थी. जीवन में आईएएस की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने का लक्ष्य बना,अन्य गतिविधियों का त्याग कर निरन्तर अध्ययन में लगी यह छात्रा अचानक मरने के साथ ही अपने सीविल की उक्त परीक्षा में सफल होने का अरमान भी अपने साथ लेती गयी.

ज्योति के पिता अजय सिंह ने बताया कि मंगलवार की रात मैं करीब 12 बजे ज्योति के कमरे में गया तो देखा कि ज्योति पढ़ रही है. बेटी को सोने के लिए बोलकर मैं अपने कमरे में सोने चला गया. भोर में करीब 4 बजे मेरी पत्नी रिंकू मेरे लिए चाय बनाने के लिए उठी और ज्योति को जगाने गयी. बार-बार आवाज देने पर ज्योति का कोई ज़बाब नहीं मिलने पर जब उसे स्पर्श किया तो ज्योति के शरीर में कोई हरकत नहीं देख रिंकू ने‌ शोर  मचाया. आनन-फानन में स्थानीय चिकित्सक को बुलाया गया. जिन्होंने बताया कि ज्योति अब इस दुनिया में नहीं है. परिवारी जनों का रोते रोते बुरा हाल है.

(रेवती संवाददाता पुष्पेन्द्र तिवारी’सिन्धु’ की रिपोर्ट )

 

किसान-गोष्ठी एवं बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन

बलिया. 23 मार्च,2022 को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद- भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर व जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया के संयुक्त तत्वावधान में किसान-गोष्ठी एवं बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय
मंगलवार,(23 मार्च,2022 ) को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद- भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर व जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया के संयुक्त तत्वावधान में किसान-गोष्ठी एवं बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के सभागार में किया गया.

उक्त कार्यक्रम में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए पांच गांवों के अनुसूचित जाति के 1100किसानों को मूंग और उड़द की उन्नत प्रजातियों के 10 किलो प्रति किसान के हिसाब से बीज वितरित किया गया.

गौरतलब है कि उड़द के उन्नत बीज आईपीयू 13-1 का विकास डॉ अवनीन्द्र कुमार सिंह द्वारा किया गया है , जो इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ररह. उल्लेखनीय है कि डॉ सिंह वर्तमान में आईआईपीआर , के प्रधान वैज्ञानिक एवं लिविंग लीजेंड्स ऑफ बलिया फोरम के सदस्य हैं . डॉ सिंह ने इस अवसर पर ‘कृषि स्थिरीकरण के लिए दलहनी फसलों की खेती’ विषय पर ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी व्याख्यान दिया. कहा कि दिल, दरिया और दुल्हन को स्वस्थ रखने के लिए दालों की खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है. दालों की खेती से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, साथ ही दालें प्रोटीन देती हैं और प्राकृतिक रूप से कोलेस्ट्रॉल एवं शुगर को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती हैं. आपने उपस्थित किसानों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान सुझाया. उन्होंने कहा कि जल्द ही विश्वविद्यालय के सहयोग से मैं इस क्षेत्र में एक मिनी दाल मिल स्थापित करने का प्रयास करूंगा.

अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए प्रो कल्पलता पाण्डेय ने सहयोग के लिए डॉ अवनीन्द्र सिंह का आभार प्रकट किया. उन्होंने कहा कि कृषि के अध्ययन, शोध एवं विकास के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रुप मे इस विश्वविद्यालय को विकसित करना मेरी प्राथमिकता है. इसी बात को ध्यान में रखकर विश्वविद्यालय ने अब तक तीन कॄषि विश्वविद्यालय एवं कृषि अनुसंधान संस्थानों के साथ समझौता ( एमओयू) किये हैं.

कार्यक्रम में पधारे अतिथियों का स्वागत डॉ यादवेंद्र प्रताप सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ अमित सिंह ने किया. संचालन डॉ लालविजय सिंह ने ककिय. इस अवसर पर डॉ आइपी सिंह, डॉ ओपी सिंह, डॉ दिलीप श्रीवास्तव, डॉ अरविंद नेत्र पाण्डेय, डॉ खुशबू दुबे, डॉ नेहा विशेन, प्रधान करीमुद्दीन अंसारी, एवं कई छात्र, किसान उपस्थित थे.

डॉ जैनेन्द्र कुमार पाण्डेय, पीआरओ, जेएनसीयऊ विकास डॉ अवनीन्द्र कुमार सिंह द्वारा किया गया है , जो इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे. उल्लेखनीय है कि डॉ सिंह वर्तमान में आईआईपीआर , के प्रधान वैज्ञानिक एवं लिविंग लीजेंड्स ऑफ बलिया फोरम के सदस्य हैं. डॉ सिंह ने इस अवसर पर ‘कृषि स्थिरीकरण के लिए दलहनी फसलों की खेती’ विषय पर ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी व्याख्यान दिया. कहा कि दिल, दरिया और दुल्हन को स्वस्थ रखने के लिए दालों की खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है. दालों की खेती से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, साथ ही दालें प्रोटीन देती हैं और प्राकृतिक रूप से कोलेस्ट्रॉल एवं शुगर को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती हैं. आपने उपस्थित किसानों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान सुझाया. उन्होंने कहा कि जल्द ही विश्वविद्यालय के सहयोग से मैं इस क्षेत्र में एक मिनी दाल मिल स्थापित करने का प्रयास करूंगा.

अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए प्रो कल्पलता पाण्डेय ने सहयोग के लिए डॉ अवनीन्द्र सिंह का आभार प्रकट किया. उन्होंने कहा कि कृषि के अध्ययन, शोध एवं विकास के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रुप मे इस विश्वविद्यालय को विकसित करना मेरी प्राथमिकता है। इसी बात को ध्यान में रखकर विश्वविद्यालय ने अब तक तीन कॄषि विश्वविद्यालय एवं कृषि अनुसंधान संस्थानों के साथ समझौता ( एमओयू) किये हैं.

कार्यक्रम में पधारे अतिथियों का स्वागत डॉ यादवेंद्र प्रताप सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ अमित सिंह ने किया. संचालन डॉ लालविजय सिंह ने ककिय. इस अवसर पर डॉ आइपी सिंह, डॉ ओपी सिंह, डॉ दिलीप श्रीवास्तव, डॉ अरविंद नेत्र पाण्डेय, डॉ खुशबू दुबे, डॉ नेहा विशेन, प्रधान करीमुद्दीन अंसारी, एवं कई छात्र, किसान उपस्थित थे.

(बलिया से केके पाठक की रिपोर्ट)