प्रसिद्ध मौसम वैज्ञानिक प्रो.जगदीश शुक्ल व उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को लिविंग लीजेंड्स ऑफ बलिया से किया गया सम्मानित

विवि सभागार में ‘लिविंग लीजेंड्स ऑफ बलिया’ फोरम की कार्यशाला का हुआ आयोजन

दोनों लीजेंड्स ने अपने सम्बोधन में बलिया के विकास को लेकर दिए जरूरी सुझाव

बलिया: ‘लिविंग लीजेंड्स ऑफ बलिया’ फोरम के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘ रोल ऑफ लिविंग लिजेंड्स इन द होलिस्टि डेवेलपमेंट’ का आयोजन बुधवार को जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय सभागार में हुआ। इसमें ‘लीजेंड्स ऑफ बलिया’ के सम्मानित सदस्यों में एक राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह व प्रसिद्ध मौसम वैज्ञानिक प्रो. जगदीश शुक्ल को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इन दोनों लिजेंड्स की उपलब्धियों की भी जानकारी सभागार में मौजूद लोगों को दी गयी।

कुलपति ने किया सम्मानित
सम्मान सत्र में लिविंग लीजेंड्स प्रो प्रतिभा पाण्डेय, प्रो जयप्रकाश नारायण पाण्डेय, प्रो आर के चौबे, श्री निर्भय नारायण सिंह, श्री आनंदवर्धन शुक्ल को कुलपति प्रो कल्पलता पाण्डेय द्वारा सम्मानित किया गया।

‘लिविंग लीजेंड्स ऑफ बलिया’ फोरम के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘ रोल ऑफ लिविंग लिजेंड्स इन द होलिस्टि डेवेलपमेंट’ कार्यक्रम का आयोजन.

इस अवसर पर आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए प्रो. शुक्ल ने कहा कि कोई भी संस्था समाज को बदलने में सहायक होती है। इस दिशा में बेहतर कार्य करने के लिए आपने विवि परिवार को धन्यवाद दिया। बताया कि मैं आइंस्टीन व गांधी का फैन हूं। उन्होंने कहा कि बलिया में पहले इंडस्ट्रीज थीं, पर आज बंद हैं। इस दिशा में हम सबको सोचना होगा। यहाँ कृषि के क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। सुरहा ताल यहाँ के लिए एक बड़ा संसाधन है।

प्रसिद्ध मौसम वैज्ञानिक प्रो.जगदीश शुक्ल व उपसभापति हरिवंश जी को किया सम्मानित.

प्रो.शुक्ल ने सुझाव दिया कि बड़े विश्वविद्यालय अपने यहाँ फाउंडेशन भी स्थापित करते हैं, उसी प्रकार यहाँ भी सोसाइटी विकसित कर काम हो तो यह एक बेहतर पहल होगी। यहाँ के नागरिकों की एक स्थायी कमेटी हो, जिसमें कृषि, विज्ञान, पर्यावरण समेत हर क्षेत्र से जुड़े लोग हों। उस कमेटी की हमेशा मीटिंग हो और बलिया के विकास पर चर्चा हो। ऐसा होने से नई सोच विकसित होती रहेगी।

बलिया के चहुँमुखी विकास में विवि दर्ज कराए सकारात्मक भूमिका: हरिवंश जी

उपसभापति हरिवंश जी ने अपने जीवन के तमाम अनुभवों व संघर्ष के दिनों के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर व बसन्तपुर गाँव से जुड़े अपने रिश्तों को भी साझा किया। कहा कि बलिया की भूमि ऋषियों, विद्वानों व बागियों की धरती है। यहां एक अलग तरह की ऊर्जा है। चंद्रशेखर जैसी ज्वाला फिर यहाँ से निकले, ऐसा विश्वविद्यालय के माध्यम से कैसे हो, इस पर विचार करने की आवश्यकता है। नए भारत की रूपरेखा बनाने में उच्च शिक्षा का सबसे बेहतर योगदान हो सकता है। उन्होंने विशेष जोर देकर कहा कि पर्यावरण संरक्षण में, नवीन कृषि के क्षेत्र में, गाँवों को बेहतर बनाने में, ग्रामीण पर्यटन विकसित करने में, बलिया में पंजाब जैसी कृषि का विकास करने में विश्वविद्यालय अपनी भूमिका दर्ज कराए तो देश व पर्यावरण हित में बेहतर पहल होगी। उन्होंने कहा कि पहले दुनिया विचारों से संचालित होती थी, आज तकनीक से संचालित हो रही है। 2014 के बाद केंद्र सरकार ने तकनीकी क्षेत्र में अद्भुत काम किये हैं।

 

अतुल राय, आशीष त्रिवेदी की सराहना

जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम.

उपसभापति हरिवंश नारायण ने युवा साहित्यकार अतुल राय की किताब ‘चाँदपुर की चंदा’ जिक्र करते हुए कहा कि आप यह किताब जरूर पढ़ें। गांव की मनःस्थिति को जानने समझने के लिए ऐसी किताबें पढ़नी चाहिए। आपने नुक्कड़-नाटक के जरिए लोगों में बेहतर सोच के प्रति जागरूक करने वाले आशीष त्रिवेदी की भी खुली सराहना मंच से की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो.कल्पलता पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में विश्वविद्यालय की ओर से कृषि, पर्यटन, पौराणिक व अन्य क्षेत्र में की जा रही पहल को विस्तार से बताया। कहा कि यहाँ के बागीपन की ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लग जाए तो बलिया का कोई सानी नहीं है। उन्होंने बलिया के जलजमाव व अन्य मूलभूत समस्याओं से भी अवगत कराया और समाधान की पहल पर बल दिया।

जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण.

मंगलाचरण एवं कुलगीत की प्रस्तुति प्रद्युम्न उपाध्याय, संचालन डाॅ प्रमोद शंकर पाण्डेय एवं धन्यवाद ज्ञापन डाॅ अजय कुमार चौबे ने किया।
प्रथम तकनीकी सत्र ‘पर्यटन के आलोक में बलिया की ऐतिहासिक- सांस्कृतिक विरासत’ विषय पर केंद्रित था। इस सत्र में मेवाड़ विवि के प्रति कुलपति श्री आनंद वर्धन शुक्ल, दुबे छपरा महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डाॅ. गणेश पाठक एवं परिसर के इतिहास प्राध्यापक शैलेंद्र सिंह ने अपने व्याख्यान दिये। इस सत्र की अध्यक्षता प्रो अशोक कुमार सिंह, संकायाध्यक्ष, समाजविज्ञान, संचालन डाॅ सरिता पाण्डेय एवं धन्यवाद ज्ञापन डाॅ प्रियंका सिंह ने किया।
इस कार्यक्रम में प्रो प्रतिभा पाण्डेय, प्रो जे पी एन पाण्डेय, प्रो आर के चौबे, डाॅ अवनींद्र सिंह, श्री निर्भय नारायण सिंह आदि लिविंग लिजेंड्स, प्रो आर एन मिश्र, प्रो नीरजा सिंह, प्रो अखिलेश राय, प्रो जैनेंद्र पाण्डेय, प्रो अरविंद नेत्र पाण्डेय प्रो देवेंद्र सिंह, प्रो साहेब दूबे, प्रो ओ पी सिंह, डाॅ पुष्पा मिश्रा, प्रो निशा राघव आदि प्राध्यापक, विवि के कर्मचारी उपस्थित रहे।

(बलिया से केके पाठक की रिपोर्ट)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.