बैरिया: कुल 380 किसानों की 53 हेक्टेयर फसल को गंगा में आई बाढ़ से हुआ नुकसान

बैरिया, बलिया. तहसील क्षेत्र में गंगा में आई बाढ़ से किसानों का कुल 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान के आकलन के लिये तहसील के लेखपालों द्वारा युद्ध स्तर पर प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे का कार्य प्रगति पर है.

 

उप जिलाधिकारी आत्रेय मिश्र ने बताया कि गंगा में आई बाढ़ से हुये नुकसान के लिये बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कानूनगो व लेखपालों की टीम नुकसान का जायजा ले रही है. जिस गांव के भी किसानों का बाढ़ से फसल की व्यापक क्षति हुई है उन किसानों से उनका आधार कार्ड,बैंक पासबुक व खतौनी को बाढ़ राहत कोष के पोर्टल पर अपडेट (आपदा पोर्टल) करा लें. जिससे प्रदेश सरकार द्वारा कृषि निवेश अनुदान के माध्यम से सहायता धनराशि सम्बंधित किसानों के बैंक खाते में समय से स्थानांतरित किया जा सके.

 

प्रभावित गांवों में लेखपालों द्वारा कुल चिन्हित 380 किसान जिनका कुल 53 हेक्टेयर फसल पूरी तरह से गंगा में 2022 में आई बाढ़ से नुकसान हुआ है उनमें से 10 प्रभावित किसानों को रविवार को बैरिया तहसील में उप जिलाधिकारी बैरिया आत्रेय मिश्र,नायब तहसीलदार सुरेमनपुर व सहायक विकास अधिकारी कृषि की उपस्थिति में प्रमाण पत्र बांट कर इस योजना का शुभारंभ किया गया. श्री मिश्र ने कहा कि पीड़ित किसान बाढ़ से हुये नुकसान के सम्बंध में अपने हल्के के लेखपाल व राजस्व कानूनगो से मिलकर अपने नुकसान हुई फसलों का स्थलीय सर्वे कराकर आवश्यक कागजात उन्हें अविलंब जमा करा दें जिससे इस कार्य को और अधिक गति दिया जा सके.

 

 

लगातार हो रही बारिश से सभी सड़कों पर जगह जगह जलजमाव की समस्या

बैरिया, बलिया. लगातार हो रही बारिश से सभी सड़कों पर जगह जगह पानी लग गया है. बैरिया ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत भीखा छपरा गांव के लोगों के घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया. इस वजह से बाजार से किराना सामान, आटा चक्की पर गेहूं पीसवाना, किसानों को खेत से मवेशी के लिए चारा जुटाना सहित अन्य कार्यो में काफी परेशानी हो रही है. प्राथमिक विद्यालय भीखा छपरा पूर्वी पर जलजमाव से शिक्षण कार्य प्रभावित हो गया है. बच्चों के अभिभावकों द्वारा बताया जा रहा है कि बच्चे विद्यालय जाते हैं तो सड़क पर पानी में गिर जाते हैं जिससे उनका कॉपी किताब और कपड़ा गीला हो जाता है हमेशा डर बना रहता है कि कोई बड़ी घटना दुर्घटना ना हो जाए. एक दिन भी अगर बारिश होती है तो उसका प्रभाव सड़क पर चार से पांच दिनों तक देखने को मिलता है. कारण कि पानी को पास करने या खत्म होने में इतने दिन लग जाते हैं. लगभग एक पखवाड़े से सड़क पर जलजमाव से कीड़े-मकोड़े मकोड़े व गंदे पानी से गांव में तरह-तरह की बीमारियां फैल रही है. ग्रामीणों का कहना है कहीं-कहीं मिट्टी गिरा देना से पानी का निकास बंद हो गया है. यह जानबूझकर राजनीतिक मुद्दा बनाकर ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है .

आए दिन सड़क पर बच्चे नौजवान बुजुर्ग साइकिल बाइक लेकर पानी में गिर रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल तत्कालीन खंड विकास अधिकारी रणजीत कुमार गांव में पहुंचे थे उनको गांव घुमा कर बताया गया था कि पानी का कोई निकास नहीं है परंतु समस्या जस के तस पड़ा रह गया.

प्रधानाचार्य सुशील ओझा ने कई बार बीआरसी बैरिया एवं प्रधान को अवगत कराया गया.
प्राथमिक विद्यालय भीखा छपरा पूर्वी के सड़क पर स्थित गेट पर जलजमाव से बच्चों को विद्यालय आने जाने में दिक्कत हो रही है गांव के छोटे-छोटे बच्चे पानी में गिर जाते हैं जिससे कपड़ा गिला एवं कॉपी किताब भीग जाने से वापस चले जाते हैं. इसकी शिकायत हम लोग बीआरसी एवं ग्राम प्रधान से किए हैं लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ.
ग्राम प्रधान भीखा छपरा भुनेश्वर राम द्वारा बताया गया कि थोड़ा बारिश कम होने के बाद सड़क पर ईंट का टुकड़ा एवं राविश गिराकर ऊंचा किया जाएगा जिससे जलजमाव न हो सके.

 

 

नीलगाय से टकराई बाइक, दो घायल

बैरिया, बलिया. राष्ट्रीय राज्य मार्ग 31 पर सोनबरसा-मठ योगेन्द्र गिरी चट्टी के बीच शनिवार को दोपहर नीलगाय से बाइक टकराने के कारण खवासपुर निवासी दो सगे भाई घायल हो गए. दोनों घायलों को इलाज के लिए ग्रामीणों ने सोनबरसा अस्पताल पहुचाया.

घटना के सम्बन्ध में प्राप्त जानकारी के अनुसार गंगा के तटवर्ती गांव खवासपुर थाना बड़हरा जनपद भोजपुर निवासी राजकुमार यादव 30 वर्ष अपने छोटे भाई सन्तोष यादव के साथ शनिवार को गांव से घरेलू सामान की खरीदारी करने के लिए रानीगंज बाजार आया था. बाजार से लौटते समय राजकुमार की बाइक के सामने अचानक नीलगाय के आ जाने से टकराकर बाइक सवार बुरी तरह घायल हो गये. इस क्षेत्र में नीलगाय, सुअर व आवारा पशुओं का आतंक चरम पर है. आयेदिन कोई न कोई बाइक व सायकिल सवार इनकी चपेट में आकर बुरी तरह से घायल हो रहे हैं. स्थानीय लोगो ने दर्जनों बार इन आवारा पशुओं, नीलगाय व जंगली सुअर से निजात पाने के लिये जिलाधिकारी से गुहार लगा चुके हैं परंतु आज तक इसका कोई स्थाई समाधान नहीं हो पाया है.

(बैरिया से शशि सिंह की रिपोर्ट)

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