जिलाधिकारी ने स्कूलों के डाटा को 15 दिनों के भीतर आरटीई पोर्टल पर अपलोड करने का दिया निर्देश

बलिया. महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक उत्तर प्रदेश लखनऊ के पत्रांक आर.टी.ई./शि./3459/2022-23 दिनाँक 17 अगस्त, 2022 के क्रम में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(ग) के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के गैर सहायतित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कक्षा 1/पूर्व प्राथमिक कक्षा में संबंधित कक्षा की कुल क्षमता की 25℅ की सीमा तक प्रवेश कराए जाने हेतु जागरूक करने एवं उक्त विद्यालयों का डेटा  आरटीई पोर्टल http://rte25.upsdc.gov.in पर पंजीकृत कराए जाने हेतु जनपद के समस्त गैर सहायतित मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों/प्रबंधकों की आवश्यक बैठक 2सितंबर को 12 बजे अपराह्न से कलेक्ट्रेट सभागार बलिया में जिलाधिकारी की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी की उपस्थिति में आयोजित की गई जिसमें जिला समन्वयक (सामु.सह.) नूरुल हुदा द्वारा विभाग के इस महत्वाकांक्षी योजना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के प्रक्रिया से अवगत कराया. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 1163 मान्यता प्राप्त विद्यालयों ने अपने विद्यालय का ब्यौरा आर.टी.ई पोर्टल पर पंजीकृत नहीं कराया है जो कि खेदजनक है.

 

इस पर जिलाधिकारी ने गैर सहायतित निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों/प्रबंधकों को यह निर्देश दिया कि 15 दिन के अंदर अपने विद्यालय का वांछित डेटा आर.टी.ई पोर्टल पर 15 दिन के अन्दर अपलोड करा दें अन्यथा छुटे हुए विद्यालयों की सूची बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अग्रेत्तर कार्यवाही हेतु प्रेषित की जाय. आर.के.मिशन सागरपाली,सिटी कॉन्वेंट स्कूल सहतवार एवं गोपाल जी विद्यालय रेवती ने विगत वर्षों के छात्र प्रतिपूर्ति एवं विद्यालय अनुदान की धनराशि न मिलने का मुद्दा उठाया जिस पर जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी,बलिया को यह निर्देश दिया की कार्यालयी अभिलेख के आधार पर उक्त विद्यालयों के छात्र प्रतिपूर्ति एवं विद्यालय अनुदान की वांछित धनराशि की मांगपत्र शासन को प्रेषित करें. इस बैठक में जिला विध्यालय निरीक्षक रमेश सिंह एवम खंड शिक्षा अधिकारी अखिलेश कुमार झा,लोकेश कुमार मिश्रा,हिमांशु कुमार मिश्रा,रत्न शंकर पांडेय,माधवेन्द्र पांडेय,डी. सी. एमआईएस शिवसौरभ गुप्ता,ए. आर.पी. अब्दुल अव्वल,बब्बन यादव आदि उपस्थित रहे.

 

 

टीकाकरण व सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी की प्रगति बढ़ाएं: जिलाधिकारी

बलिया: जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कार्यसमिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई. इसमें स्वास्थ्य विभाग की समस्त योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई. टीकाकरण व सरकारी अस्पतालों में प्रसव की प्रगति बढाने पर जिलाधिकारी का विशेष फोकस रहा. जहां प्रगति खराब मिली, वहां की जिम्मेदार आशा बहु, एएनएम अथवा बीसीपीएम को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए.

जिलाधिकारी ने कहा, हम सबका यही प्रयास हो कि अधिक से अधिक प्रसव सरकारी अस्पतालों में ही हो, ताकि सुरक्षित प्रसव के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ भी उनको मिल सके. सरकारी अस्पताल में ट्रेंड डॉक्टर व नर्स हैं. बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी सुनिश्चित कराई गई है. आशा बहु व एएनएम इसका ख्याल रखें. लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें. ध्यान रहे कि प्राइवेट अस्पताल में मरीज ले जाने वाली कुछ आशा बहु व एएनएम जेल में हैं. इसलिए आगे ऐसा करने की हिम्मत कोई नहीं करे. अगर आपके क्षेत्र में कोई अवैध सेंटर चलना संज्ञान में आए तो इसकी गोपनीय सूचना सीधे मुझे देकर कार्रवाई भी कराएं. सीएचसी, पीएचसी व उप केंद्रवार हो रहे प्रसव की समीक्षा की। विगत महीनों में एकाध या लगभग नहीं के बराबर डिलीवरी होने पर सम्बंधित एएनएम व आशा बहुओं से पूछताछ की. इनमें कई आशा बहु ऐसी थीं, जो काम करने में सक्षम नहीं दिख रही थीं. ऐसी आशा बहु को हटाकर दूसरी आशा का चयन करने के निर्देश दिए. अन्य आशा बहुओं को भी चेतावनी दी कि अगर इस कल्याणकारी योजना का लाभ देने से सम्बंधित कार्य में लापरवाही जारी रही तो उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी.

आरसीएच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं का विवरण काफी संख्या में दर्ज नहीं होने पर भी नाराजगी जताई. कहा, आशा व एएनएम अपने ब्लॉक के बीपीएम व बीसीपीएम के माध्यम से रजिस्ट्रेशन अवश्य कराएं. अन्यथा सम्बंधित की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी. यह भी कहा कि जल्द ही औचक निरीक्षण कराया जाएगा और जिस आशा बहु की उनके क्षेत्र में उपलब्धता नहीं मिलेगी, उन पर भी कार्रवाई होगी.

 

 

 

टीकाकरण रजिस्ट्रेशन की प्रगति सुधारें

एएनएम द्वारा किए जाने वाले टीकाकरण रजिस्ट्रेशन की जानकारी ली. जिस उप केंद्र पर टीकाकरण की प्रगति खराब मिली, उनको सुधार लाने की अंतिम चेतावनी दी. स्पष्ट कहा कि आगे सुधार नहीं हुआ तो ट्रांसफर नहीं होगा, सीधे नौकरी से निकाल दी जाएंगी.यह भी कहा कि जो लॉजिस्टिक/सामान एएनएम के लिए सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए है, वह सभी एएनएम के पास होना चाहिए.

 

 

जिला लेखा प्रबन्धक को लगाई फटकार

समीक्षा के दौरान जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों का शत प्रतिशत भुगतान नहीं होने पर सीडीओ प्रवीण वर्मा ने सवाल किया.इसस योजना के 13 प्रतिशत लाभर्थियों का भुगतान वर्तमान में लंबित है.इसस पर सीडीओ ने कहा कि जिस स्तर से यह भुगतान लंबित है उनकी जवाबदेही तय की जाए.जिलाा लेखा प्रबन्धक ने आशाओं के भुगतान व अन्य विभागीय कार्य में व्यस्तता होने की बात की, जिस पर सीडीओ ने फटकार लगाई.चेतावनीी देते हुए कहा कि लाभार्थी भी हमारी आपकी प्राथमिकता में होने चाहिए. तीन दिन के अंदर शत-प्रतिशत भुगतान कर अवगत कराएं.

 

 

आधार प्रमाणीकरण के बिना पेंशन नहीं

बलिया. जिला प्रोबेशन अधिकारी,सचिव महिला एवं बाल विकास अनुभाग-130प्र0 शासन लखनऊ के पत्र सं0-692 /60-1-22-1 /13 (72)/06 लखनऊ दिनांक 25 जुलाई 2022 एवं जूम एप के माध्यम विडियों कान्फ्रेसिंग में निदेशक, महिला कल्याण उ०प्र० लखनऊ के द्वारा निर्देश दिये गये है कि आधार प्रमाणीकरण के बिना विधवा पेंशन की धनराशि प्रेषित नही की जायेगी. पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिला पेंशन योजनान्तर्गत लाभ प्राप्त कर रही लाभार्थियों का आधार कार्ड एवं मोबाइल नम्बर लिंक किये जाने के निर्देश दिये गये है, लाभार्थियों का आधार नम्बर / मोबाइल नम्बर लिंक होने के उपरान्त आधार बेस्ड पेमेन्ट प्रणाली के माध्यम से आगामी किस्तों की धनराशि का भुगतान उनके बैंक खातों में किया जायेगा.उक्त्त के क्रम में जनपद के समस्त पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिला पेंशन के लाभार्थियों को सूचित किया जाता है कि स्वयं के माध्यम से या वे अपने नजदीकी जन सेवा केन्द्र पर जाकर http://sspy-up.gov.in पर अथवा जिला प्रोबेशन कार्यालय में अपना आधार कार्ड, बैंक पास बुक की छाया प्रति मोबाइल नम्बर सहित अनिवार्य रूप से आधार प्रमाणीकरण हेतु तत्काल उपलब्ध करायें, अन्यथा पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिला पेंशन (विधवा पेंशन) की धनराशि प्रेषित नहीं की जायेगी. आप लोगों के द्वारा आधार कार्ड प्रमाणीकरण के उपरान्त ही निदेशालय महिला कल्याण उ०प्र० लखनऊ द्वारा पी०एफ०एम०एस० प्रणाली के माध्यम से पेंशन की धनराशि आधार बेस खाते में प्रेषित की जायेगी. जिन लाभार्थी का आधार कार्ड प्रमाणीकरण नहीं होता है तो वह लाभार्थी पेंशन से वंचित रह जायेगी.

 

(बलिया से केके पाठक की रिपोर्ट)