अब तिवारी गांव में महिलाओं ने शराब के खिलाफ हल्ला बोला

पिछले एक महीने में बांसडीह रोड थाना क्षेत्र का तिवारी गांव जिले में चौथा ऐसा गांव है जहां की महिलाओं ने पूरे लाव लश्कर के साथ शराब के खिलाफ टूट पड़ी हैं. बीते 14 जून को फरसाटार गांव, 11 जून को सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के लिलकर गांव, 6 जून को सुखपुरा थाना क्षेत्र के बसंतपुर गांव में महिलाओं ने बवाल काटा था. सोमवार को बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के तिवारी गांव में प्रधान चम्पा देवी की अगुवाई में महिलाओं ने शराब के अड्डे पर पहुंच कर जमकर बवाल काटा. इस दौरान भारी तादाद में उमड़ी महिलाओं ने न सिर्फ शराब के अड्डे को आग के हवाले कर दिया, बल्कि एक पलानी को भी आग लगा दी. लाठी डंडे के बल पर चारदीवारी को धराशायी कर दिया. इसके बाद भी गुब्बार ठंडा नहीं हुआ तो पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

बलिया लाइव ब्यूरो
बलिया। पिछले एक महीने में बांसडीह रोड थाना क्षेत्र का तिवारी गांव जिले में चौथा ऐसा गांव है जहां की महिलाओं ने पूरे लाव लश्कर के साथ शराब के खिलाफ टूट पड़ी हैं. बीते 14 जून को फरसाटार गांव, 11 जून को सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के लिलकर गांव, 6 जून को सुखपुरा थाना क्षेत्र के बसंतपुर गांव में महिलाओं ने बवाल काटा था. सोमवार को बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के तिवारी गांव में प्रधान चम्पा देवी की अगुवाई में महिलाओं ने शराब के अड्डे पर पहुंच कर जमकर बवाल काटा. इस दौरान भारी तादाद में उमड़ी महिलाओं ने न सिर्फ शराब के अड्डे को आग के हवाले कर दिया, बल्कि एक पलानी को भी आग लगा दी. लाठी डंडे के बल पर चारदीवारी को धराशायी कर दिया. इसके बाद भी गुब्बार ठंडा नहीं हुआ तो पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

शराबी पीने के बाद बहू-बेटियों को छेड़ते हैं
ग्राम प्रधान चंपा देवी ने बताया कि शराबी  पीने के बाद गांव की बहू-बेटियों से छेड़छाड़ भी करते हैं। इसलिए किसी कीमत पर शराब नहीं बिकने देंगे. अब गांव की महिलाएं जाग गई हैं. मालूम हो कि बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के तिवारी और सहतवार थाना क्षेत्र के हरिपुर गांव में लंबे समय से अवैध शराब बनाने और बेचने का गोरखधंधा चल रहा है. स्थानीय लोगों ने इसके विरोध में पुलिस से कई बार फरियाद की. लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ. यहां अवैध शराब की बिक्री जोरों पर चल रही है. नतीजतन थक हार कर सोमवार की सुबह दर्जनों महिलाएं हाथों में लाठी-डंडा, झाडू लिए शराब के अड्डे पर पहुंच गईं तथा जमकर तोड़फोड़ की.

मगर शराब है कि पुलिस को मिलता नहीं
ग्राम प्रधान चम्पा देवी ने बताया कि पुलिस प्रशासन उनकी शिकायतों को नहीं सुन रहा है. इसलिए अब हम महिलाएं अपनी सुरक्षा स्वयं करेंगी. क्योंकि हमारे पास अब कोई चारा नहीं बचा है. चम्पा देवी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में वर्षों से जमे इलाकाई पुलिस की सांठ-गांठ अवैध शराब कारोबारियों से है. लेकिन अब इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. इस मौके पर फूलन देवी, मानती, सहोदरी देवी, महाजनी देवी, कौशल्या देवी, पार्वती सहित सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं। बांसडीह सीओ लच्छीराम यादव ने बताया कि तिवारी गांव में कच्ची शराब की भट्ठी पर महिलाओं द्वारा तोड़फोड़ किए जाने की सूचना मिली थी, जिस पर पुलिस बल को भेजा गया, लेकिन वहां पर पुलिस को शराब बरामद नहीं हुआ.

हाल में शराब के खिलाफ जिले की महिलाओं ने कब-कब कहां कहां हल्ला बोला

  • नगरा मार्ग स्थित फरसाटार गांव  की चट्टी पर मंगलवार (14 जून) को अपराह्न अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए महिलाओं ने फरसाटार चट्टी नगरा-बेल्थरा मार्ग पर सड़क जाम कर आवागमन बाधित कर  दिया था. जाम के चलते करीब दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा।
  • सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के लिलकर गांव के सैकड़ों महिला एवं पुरुष शनिवार (11 जून) की सुबह क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे थे. वहां ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी देवेश गुप्ता का घेराव कर धरने पर बैठ गए. माले नेता सुखचन्द बिंद ने कहा कि पुलिस शराब व्यवसायियों के साथ मिली हुई है. बड़े पैमाने पर लिलकर क्षेत्र में शराब का गोरख धंधा जोरों पर फल-फूल रहा है.
  • सुखपुरा थाना क्षेत्र के बसंतपुर गांव में (6 जून) को शराब बंदी की मांग को लेकर महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया था. महिलाओं की मांग थी कि बिहार की तर्ज पर यूपी में शराब पर रोक लगे. महिलाओं का कहना है कि शराब की लत के कारण उनका घर परिवार उजड़ रहा है.

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