बतकही

Central Desk January 1, 2020

विकास कार्य के नाम पर की गयी घोषणा हकीकत के धरातल किस रूप में आयेगी यह महत्वपूर्ण बात है. केवल घोषणाओं और योजनाओं से कहीं काम चलता है.

Central Desk November 26, 2019

लेखन-साहित्य जगत में डॉ जनार्दन राय जी जैसी शख्सियतों की शिनाख्त ही बलिया की खांटी माटी से होती है… ‘गांव क माटी’ उनकी एक कृति भी है….

News Desk October 16, 2019

सुनियोजित रणनीति के तहत वीपी सिंह ने प्रधानमंत्री पद के लिए देवीलाल का नाम बैठक में शुरू में ही प्रस्तावित कर दिया…. क्योंकि वीपी आश्वस्त थे कि अगर संसदीय दल को नेता चुनने की छूट दी गई तो चंद्रशेखर भारी पड़ेंगे…

News Desk October 16, 2019

पानी ही हमारे लिए तीर्थ है…… मातृस्वरूपा है…. अगर उस पानी को बचाने के लिए हम समय रहते नहीं चेते तो खामियाजा आने वाली पीढ़ियां भुगतेंगी….. हमारी पीढ़ी को इतिहास नदियों के सामूहिक संहारक के रूप में याद करेगा…..

Assignment Desk October 7, 2019

तटवर्ती गांवों के लोगों की आंखों के सामने उनके आशियाने ध्वस्त होते रहे, खून-पसीने से उपजायी फसलें उनकी आंखों के सामने पानी में डूबती रहीं.

Assignment Desk October 7, 2019

दो बेटियां थी बिना जांचे-परखे जैसे-तैसे बियाह कर दिए…अब उ बेचारिन के का गलती जो ससुराल में नौकरानी बन के जी रही है, दो बेटों में एक कमाने सूरत भाग गया.

News Desk October 2, 2019

कद काठी से हल्के फुल्के थे ही, मगर उनकी यह हरकत प्रेमचंद की ‘बूढ़ी काकी’ की याद दिला रही थी कि ‘बुढ़ापा बहुधा बचपन का पुनरामन होता है.’

News Desk September 24, 2019

अब हमारी सुरक्षा की जिम्मेवारी केवल फोर्स पर है…. फोर्स ही हमें हर आपदा से बचा रही है… सीमा से लेकर गांव तक…. क्योंकि हमारी बाकी प्रतिरोधक मशीनरी… गवर्नेंस कुंद पड़ गई है…

Assignment Desk September 24, 2019

दियारे पर दो-तीन दशक पहले घनी आबादी वाले गांव थे, जिनमें पचासों हजार की आबादी बसी हुई थी.अचानक गंगा ने अपना रास्ता बदला और ये गांव उसमें समाते चले गए.

News Desk September 24, 2019

मुख्यमंत्री का आदेश था कि कोई भी बाढ़ पीड़ित खुले आसमान के नीचे नहीं रहे… मगर तादाद इतनी ज्यादा है कि सभी को छत की ओट नसीब नहीं हुई….