पछुआ हवाओं व सूरज की किरणें से गर्मी

पछुआ हवाओं व सूरज की किरणें से गर्मी

धूप और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को किया अस्त-व्यस्त
रसड़ा(बलिया)। दिन प्रतिदिन गर्मी बढ़ती जा रही है. पछुआ हवाओं व सूरज की किरणें के सहयोग से उत्पन्न गर्मी शरीर को झुलसा रही है. सूरज की किरणें सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक आग उगल रही हैं. पारा 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है. तीखी धूप के चलते लोगों ने घर से निकलना बंद कर दिया. जिसके चलते बलिया-लखनऊ राजधानी मार्ग पर सन्नाटा पसरा रहा. तीखी धूप और गर्मी के चलते आम जनमानस परेशान है. सुबह 10 बजे के बाद लोग घरों से निकलने में परहेज कर रहे हैं.
वहीं मजबूरी में पूरा शरीर ढक कर बाहर आ रहे है. इस तपिश में थोड़ी सी लापरवाही करने वाला पछुआ हवाओं के चपेट में आ जा रहा है. गर्मी के चलते संक्रामक रोगों ने भी तेजी से पांव पसारना शुरू कर दिया है. धूप और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया.
आलम यह रहा कि चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों में आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित होकर घरों में कैद होने को विवश हो गया. 10 बजते ही तापमान 46 डिग्री जा पहुंचा, न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. गर्मी से बचाव के उपाय भी नाकाफी साबित हुए. जिसका परिणाम की 12 बजे सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है.
बदन झुलस धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों को घर में निकलना दुश्वार कर दिया. घरों से निकलने को मजबूर लोग धूप और गर्मी से बचाव के तापमान उपाय करते नजर आए. महिलाएं चेहरे पर दुपट्टा डालने के बाद आस्ताने और आंखों पर चश्मा लगाने के बाद घर से निकलने की हिम्मत जुटा पा रही हैं. पुरुष भी गमछा टोपी बांधकर तरल पदार्थों का सेवन कर बचाव करते नजर आए. इधर 30 दिनो से पड़ रही भीषण गर्मी के थपेड़ों से 12 बजे से 4 बजे तक सड़कों पर सन्नाटा देखा जा रहाहै.

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