जालियां वाला बाग काण्ड देश ही नहीं बल्कि विश्व की सबसे बड़ी दुखद घटना

जालियां वाला बाग काण्ड देश ही नहीं बल्कि विश्व की सबसे बड़ी दुखद घटना

100वीं शहादत दिवस और बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर की मनाई गई जयंती

बलिया। जालियां वाला बाग कांड की 100वीं शहादत दिवस और बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर के जयंती पर भाकपा माले द्वारा कलेक्ट्रेट अधिवक्ता भवन में शनिवार को स्वतंत्रता आंदोलन, संविधान और लोकतंत्र विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया.
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता जेपी विचार मंच के संयोजक द्विजेन्द्र मिश्र ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में जालियां वाला बाग काण्ड देश ही नहीं बल्कि विश्व की सबसे बड़ी दुखद घटना थी. आज के राजनीतिक दौर में पूंजीवादी राजनीति के चलते देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के साथ ही संविधान एवं लोकतंत्र को भी खतरा पैदा कर दिया है. राजेन्द्र चैधरी एडवोकेट ने कहा कि इतिहास हमेशा लोगों को प्रेरणा देने का काम करता है. सीपीएम के नेता अधिवक्ता रामकृष्ण यादव ने कहा कि देश व्यक्ति से नहीं नीतियों से चलता है. माले नेता नियाज अहमद ने कहा कि संविधान की शपथ लेकर राज चलाने वाले अपने ही राज में संविधान की प्रतियां जला रहे है, उनकी निष्ठा संविधान से नहीं बल्कि मनुवाद से है.
कार्यक्रम में प्रनेश कुमार, भागवत बिंद, राजू राजभर, डा. विश्राम यादव, राजन कन्नौजिया, बीएन लाल, सुदेश्वर अनाम, शिवविलास साह, अवधनारायण सिंह, तेजनारायण, संतोष सिंह, जैनुद्दीन, सत्यप्रकाश सिंह आदि ने सम्बोधित किया. वशिष्ठ राजभर, राधेश्याम चैहान, दिनेश यादव, मु. यूसुफ, जयप्रकाश शर्मा, लीलावती भारती, रघुवंश उपाध्याय, जनार्दन सिंह, नागेन्द्र प्रसाद आदि ने सहभागिता निभाई. अध्यक्षता बसंत कुमार सिंह व संचालन लक्ष्मण यादव ने किया.

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