नरियरवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेडराय, तोके मरबो सुगवा धनुख से…

नरियरवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेडराय, तोके मरबो सुगवा धनुख से…

सूरज के प्रकाश से ही पृथ्वी पर प्रकृति का चक्र चलता है. खेती के द्वारा अनाज और वर्षा के द्वारा जल की प्राप्ति हमें सूर्य देव की कृपा से ही होती है. सूर्य षष्ठी की पूजा भगवान आदित्य के प्रति अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता को दर्शाने के लिए ही की जाती है. इस त्योहार को बलिया जिला समेत बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश एवं भारत के पड़ोसी देश नेपाल में हर्षोल्लास एवं नियम निष्ठा के साथ मनाया जाता है. लोक आस्था के महापर्व ‘छठ’ का हिंदू धर्म में अलग महत्व है. यह एकमात्र ऐसा पर्व है जिसमें ना केवल उदयाचल सूर्य की पूजा की जाती है बल्कि अस्ताचलगामी सूर्य को भी पूजा जाता है. महापर्व के दौरान हिंदू धर्मावलंबी भगवान सूर्य देव को जल अर्पित कर आराधना करते हैं. यूपी-बिहार में इस पर्व का खास महत्व है. मान्यता है कि छठ देवी सूर्य देव की बहन हैं और उन्हीं को प्रसन्न करने के लिए भगवान सूर्य की अराधना की जाती है.

सूर्य देव की आराधना का यह पर्व साल में दो बार मनाया जाता है. चैत्र शुक्ल षष्ठी व कार्तिक शुक्ल षष्ठी इन दो तिथियों को यह पर्व मनाया जाता है. हालांकि कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाये जाने वाला छठ पर्व मुख्य माना जाता है. कार्तिक छठ पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व को छठ पूजा, डाला छठ, छठी माई, छठ, छठ माई पूजा, सूर्य षष्ठी पूजा आदि कई नामों से जाना जाता है. इस उत्सव की तैयारी में श्रद्धालु पहले से ही जुट जाते हैं. आइए जानते हैं  इस साल कब है छठ पूजा…..

छठ पूजा तिथि व मुहूर्त 2018
छठ पूजा 13 नवंबर 2018 

छठ पूजा के दिन सूर्योदय – 06:41

छठ पूजा के दिन सूर्यास्त – 17:28

षष्ठी तिथि आरंभ – 01:50 (13 नवंबर 2018)

षष्ठी तिथि समाप्त – 04:22 (14 नवंबर 2018)

साथ ही प्रस्तुत है बलिया लाइव का छठ स्पेशल

तू त आन्हर हवे रे बटोहिया, बहंगी छठ मैया के जाय

सुगनी जे रोवय वियोग से आदित्य होऊ न सहाय

छठ पूजा की तैयारियाँ पूर्ण, बहरवांसू से भरा बाजार

आदित मनाइब छठ परबिया वर मांगब जरूर…

छठ पर गाजीपुर के घाटों पर दिखा ऐसा नजारा

बलिया लाइव का छठ स्पेशल

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