अपने सवालों को जोरदार ढंग से उठा रहे युवा, सोनबरसा में लगाया सवर्णों के गांव का बैनर

अपने सवालों को जोरदार ढंग से उठा रहे युवा, सोनबरसा में लगाया सवर्णों के गांव का बैनर

बैरिया(बलिया)। राजनीति की भाषा को युवा समझने लगे है और सामाजिक स्तर पर अपना विरोध दर्ज भी कर रहे हैं. गुगल पर नोटा के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं. सोशल साइट्स पर नोटा के प्रचार प्रसार भी कर रहे हैं. निकटवर्ती गांव सोनबरसा में एक बैनर लगा है कि यह गांव सवर्णों का है. हम एससी-एसटी एक्ट संसोधन का विरोध करते हैं. इसका समर्थन करने वाले नेता कृपया यहाँ न आवें. जब इस गांव के इस मिजाज के युवाओं से बात की गई तो उन्होंने बहुत सवाल उठाए और समझ को प्रस्तुत किया. युवाओं का कहना था कि शासन सत्ता के गलियारे तक पहुचते ही जनप्रतिनिधियों के विचार बदल जा रहे है. वह जनता और आम आवाम के लिए कुछ भी नही करते. सिर्फ शासन सत्ता में बने रहने के लिए जुगत लगाते हैं. हड्डी फेंक देते हैं और आपस में लड़ते है. राम मन्दिर निर्माण के लिए कोर्ट के निर्णय का इन्तजार और एससी-एसटी एक्ट संसोधन के लिए अपना विचार यह कहां तक तर्क संगत है. आजादी हासिल किए लम्बा अरसा बीत गया. न्यायोचित तो यह होता कि अब आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू किया जाता. लेकिन इस पर विचार तक नही किया जा रहा है. एक्ट में संसोधन कर के ब्लैक मेल करने का औजार उपलब्ध कराया गया है. युवाओं का कहना था कि हम इस एक्ट का विरोध करते हैं और संवैधानिक व्यवस्था के ही तहत जनप्रतिनिधियों के तिरस्कार के लिए नोटा के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे. इस अवसर पर रॉकी सिंह, हिमांशु सिंह, विक्की, हैप्पी सिंह, विशाल सिंह छोटू, पवनेश सिंह, रुद्रेश सिंह, मख्नु ,भोलू सिंह, बबलू सिंह, राहुल सिंह, प्रेदुमंन सिंह, रोशन दुबे, शिबू ओझा, राजा मिश्रा, पंकज पासवान, विशाल सिंह, बबलू मिश्रा, अमित सिंह आदि युवा रहे.

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