जरूरत व मानक के मुताबिक डॉक्टरों की तैनाती भी तो होनी चाहिए

This item is sponsored by Maa Gayatri Enterprises, Bairia : 99350 81969, 9918514777

यहां विज्ञापन देने के लिए फॉर्म भर कर SUBMIT करें. हम आप से संपर्क कर लेंगे.

सिकंदरपुर (बलिया)। डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर योगी सरकार के रोक के बाद से ही स्थानीय सीएचसी में ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. पूर्व में इलाज कराने आने वाले मरीजों की संख्या जहां 100 के आसपास थी. आज वह बढ़ाकर 400 से भी ज्यादा हो गई, जिससे अनेक समस्याएं पैदा हो रही है.

एक चिकित्सक के लिए अधिकतम 40 मरीज रोजाना देखने का शासन का मानक है, जबकि संख्या बढ़ जाने व डॉक्टरों की कमी के कारण एक चिकित्सक को व्यवस्था में 100 से ज्यादा मरीजों को प्रतिदिन देखना पड़ रहा है. यह तथ्य है कि सीएचसी पर 7 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति होनी चाहिए, जबकि शिशु व महिला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक सहित अधिकांश पद काफी समय से रिक्त चल रहे हैं. लाखों की आबादी के मध्य स्थित  चंद डॉक्टरों के सहारे ही संचालित किया जा रहा है, जिससे मरीजों व डॉक्टरों  को कितनी परेशानी होती होगी इसे आसानी से समझा जा सकता है.