कोटे की दुकान के चयन को लेकर बंकवा में तो ठन गई

पिंडारा के ग्रामीण भी तीन समूहों में पहुंचे तहसील मुख्यालय

बांसडीह (बलिया) से रविशंकर पांडेय

बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के बंकवा गांव में सोमवार को कोटे की दुकान के चयन के लिए बैठक हुई. शासनादेश के अनुसार गांव में जो महिला समूह कार्य कर रही हैं, उन समूहों को प्रथम वरीयता क्रम में आवंटन करना है. वहीं एडीओ पंचायत अरुण सिंह ने बताया कि शासनादेश के अनुसार गांव में संचालित महिला स्वंय सहायता समूह को प्रथम वरीयता देना है.

बैठक के दौरान बंकवा गांव में संचालित श्री बजरंग स्वंय महिला सेवा समूह और माँ काली स्वंय महिला सेवा समूह के बीच चयन करना था. माँ काली स्वंय महिला सेवा समूह का चयन हुआ. इन दोनों समूहों में माँ काली स्वंय महिला सेवा समूह में एक महिला, जो दसवीं पास है. इसलिए उस माँ काली स्वंय महिला समूह के पक्ष में आवंटन किया गया. इस दौरान एडीओ पंचायत अरुण कुमार सिंह, एडीओ एसबी ओमप्रकाश सिंह, सचिव विजयेंद्र कुमार, एसआई रविन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे.

बंकवा गांव में कोटे के चयन के दौरान दो-तीन गुटों में ग्रामीण बंट गए. एक गुट तो सैकड़ो ग्रामीणों को ले कर तहसील मुख्यालय पहुंच गया. उस गुट ने कोटे की दुकान की चयन प्रक्रिया में भाग लेने वाले अधिकारियो पर आरोप लगाया. उनके खिलाफ जमकर नारे भी लगाए. साथ ही उपजिलाधिकारी दुष्यंत कुमार मौर्य को ज्ञापन भी दिया. पत्रक में यह आरोप लगाया गया कि ब्लॉक के अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी तरीके से कोटे का चयन हुआ है. इसे तत्काल बर्खास्त किया जाए. किसी दूसरी तिथि को गांव के सभी लोगों को बुलाकर खुले में कोटे काउंटर किया जाए. अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो हम लोग इसके लिए आंदोलन करेंगे और सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे. इसकी सारी जिम्मेदारी ब्लॉक प्रशासन की होगी. इस मौके पर प्रतीक कुमार सिंह, उमेश कुमार सिंह, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे.

बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के पिंडारा गांव में आगामी 16 तारीख को कोटे के चुनाव की प्रक्रिया होने वाली है. इसी बीच पिंडारा ग्राम के ग्रामीणों ने तीन समूहों में तहसील मुख्यालय पहुंच कर चुनाव प्रक्रिया को गलत बताते हुए. खुली बैठक कराने की मांग की. इस मौके पर बीरबल राजभर, राकेश मिश्र, सुरेंद्र राजभर, अशोक यादव, अशोक कुमार गोंड, मुन्ना गोंड़, विजय शुक्ल, अशोक गोंड़ आदि उपस्थित रहे.

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