ईंट और पत्थर से भरी बोरियों से रिंग बंधे को बचाने की जुगत

ककरघट्टा, नवका गांव, रिगवन छावनी, मलाही छावनी, टिकुलिया सहित दर्जनों गांवों को अपनी जद में लेने को घाघरा नदी उतारू

बांसडीह (बलिया) से रविशंकर पांडेय

सरयू नदी में बढ़ते व घटते जलस्तर से प्रशासन अलर्ट मोड में है. दो दिन पहले जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही का तूफानी दौरा हुआ था. वहीं टीएस बंधा के खतरा को देखते हुए डीएम ने मातहतों को सख्त निर्देश दिया था. यही वजह है कि प्रशासन हरकत में आकर नावों की व्यवस्था कर बाढ़ क्षेत्रों में भिजवा दिया है. क्षेत्र के ककर्घट्टा, कोटवा ,मलाहीचक, सुल्तानपुर ,टिकुलिया, पर्वतपुर, जयनगर, खेवसर, रघुवर नगर, रामपुर नम्बरी आदि गाँवो के घरों तक पानी पहुँच चुक है.

रिंगबन्धा के रिसाव की खबर पर शुक्रवार को सरयू नदी के कटान वाले गाँवों में बोरियों में ईंट भरकर युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है. रिगवन छावनी से पर्वतपुर, जयनगर रिंगबन्धा पर उपजिलाधिकारी दुष्यंत कुमार मौर्य, तहसीलदार गुलाब चन्द्रा, नायब तहसीलदार अंजू यादव, बाढ़ विभाग के अधिकारी इंद्राज गौतम आदि चक्रमण करते दिखे.

सरयू (घाघरा) डीएसपी हेड मीटर गेज पर बृहस्पतिवार को सुबह 65.230 घटाव मापा गया, जबकि खतरा 64.01 है. सरयू (घाघरा) नदी के तटीय इलाका स्थित किसानों के हजारों एकड़ उपजाऊ खेत घाघरा नदी में समाहित हो चुके हैं, तो वहीं ककरघट्टा, नवका गांव, रिगवन छावनी, मलाही छावनी, टिकुलिया सहित दर्जनों गांवों को अपनी जद में लेने को घाघरा नदी उतारू है. यही वजह है कि ग्रामीणों का हौसला पस्त दिखने लगा है.

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