‘बलिया लाइव’ की खबर का असर, ‘सरकार’ पहुंचे बाढ़ पीड़ितों के ‘द्वार’

एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और हल्का लेखपाल आदि नाव पर सवार होकर पहुंचे बाढ़ प्रभावित गांवों में

बांसडीह (बलिया) से रविशंकर पांडेय

सरयू में आई बाढ़ के चलते बंधे पर अपना आशियाना बना रहने को मजबूर है बाढ़ पीड़ित. पीड़ितों को सरकार की तरफ से सोमवार को चाँदपुर बाढ़ राहत केंद्र पर राहत सामग्री वितरित की गई.

उपजिलाधिकारी दुष्यंत कुमार मौर्य, तहसीलदार गुलाबचन्द्रा, नायब तहसीलदार अंजू यादव की ओर से आज राहत सामग्री बांटी गई. आपको बता दें कि रविवार को ही कोल कला, भोज छपरा, चकबिलियम आदि गांवों के पीड़ितों ने बलिया लाइव संवाददाता संग बातचीत में अपनी दिक्कतों का खुलासा किया था. पीड़ितों का कहना था कि उन्हें राहत के नाम पर सरकार की ओर से कोई सहूलियत नहीं मुहैया करवाई जा रही है. प्रशासन ने बलिया लाइव की खबर को संज्ञान में लिया और तत्काल बाढ़ पीड़ितों तक राहत के साथ प्रशासनिक अधिकारी खुद पहुंचे.


बलिया लाइव की कल की खबर


सोमवार को तहसीलदार गुलाबचन्द्रा ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी. प्रशासनिक अधिकारी दिन रात चक्रमण कर रहे हैं. नायब तहसीलदार अंजू यादव ने बताया कि पशुओं के चारे के लिये भूसा आदि का प्रबंध करवाया जा रहा है.

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घाघरा की उफनती बेलगाम लहरें तटवर्ती क्षेत्रों में कहर बरपा रही है. क्षेत्र के तटवर्ती गांवों के कई घरों में नदी का पानी घुस गया है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार घाघरा नदी का जलस्तर सोमवार को को सुबह आठ बजे 65.570 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से ऊपर है.


वही बाढ़ प्रभावित एरिया दियरा भाँगर, चकविलियम, महराजपुर, कोलकला, चांदपुर आदि गाँवों में किसी भी अधिकारी का न जाना भी खबर चली थी, इसी के परिपेक्ष्य में उपजिलाधिकारी दुष्यंत कुमार मौर्य, तहसीलदार गुलाबचन्द्रा, नायब तहसीलदार अंजू यादव, ग्राम प्रधान रुदल यादव, हल्का लेखपाल सहित अन्य लोग नाव पर सवार होकर बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुँचकर उनके दुख दर्द को जाना. तीन दिनों से लगातार सरयू के पानी मे उतार चढ़ाव हो रहा हैं. अभी पानी स्थिर हैं.

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