जहां भाव है वहीं परमपिता भगवान का निवास : वैकुण्ठ स्वामी

ईश्वर के चरणों में सच्चा भाव पैदा करने के लिए सत्संग का सहारा लेना चाहिए. वैकुण्ठ स्वामी ने कहा कि बिना सत्संग के विवेक नहीं होता.

  • अखार गांव में भागवत कथा यज्ञ महोत्सव में कथा वाचन

दुबहर : क्षेत्र के ग्राम पंचायत अखार में संत परम पूज्य त्रिदंडी स्वामी जी के शिष्य लक्ष्मीप्रपन्न जियर स्वामी के ज्ञान यज्ञ महोत्सव में सोमवार को बैकुंठ स्वामी ने कथा सुनायी. उन्होंने कहा कहा कि जहां भाव है वहीं पर भगवान का निवास है.

स्वामी जी ने कहा कि जहां भाव नहीं अहंकार, अधर्म है, वहां पाप बसता है. ईश्वर के चरणों में सच्चा भाव पैदा करने के लिए सत्संग का सहारा लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि बिना सत्संग के विवेक नहीं होता, इसलिए जहां भगवान की कथा हो श्रद्धापूर्वक सुननी चाहिए.

उन्होंने कथा में भूत, वामन, भगवान शंकर और सती के प्रसंग को विस्तार से सुनाया. इस भाव को लेकर ही सती के मन में भगवान राम को लेकर संशय उत्पन्न हो गया था.

इस मौके पर संत श्रीधर चौबे, सुनील सिंह, शशिकांत सिंह, अक्षयवर पांडेय, अरुण सिंह, जय कुमार सिंह, पिंटू सिंह, पशुपति दुबे, सुजीत सिंह, दीपक सिंह, आकाश गिरी, टुनटुन सिंह, अनिल चौबे, डॉ. अखिलेश सिंह, श्रीराम पांडे आदि उपस्थित थे.

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