News Desk July 25, 2019

नई दिल्ली। लोकसभा में गुरुवार को चर्चा के दौरान सपा सांसद आजम खान के एक बयान पर जमकर हंगामा हुआ. तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान आजम खान ने स्पीकर की चेयर पर बैठीं भाजपा सांसद रमा देवी को लेकर विवादित बयान देते हुए कहा कि आप मुझे इतनी अच्छी लगती हैं कि मेरा मन करता है आपकी आंखों में आंखें डाले रहूं. आजम के इस बयान पर रमा देवी ने आपत्ति जताई.
हालांकि लोकसभा में फौरन तीन तलाक को अपराध बनाने वाला बिल गुरुवार को पास हो गया. इस बिल में यह प्रावधान है कि फौरन तीन तलाक देने पर पति को तीन साल तक कैद की सजा हो सकती है. द मुस्लिम वुमन (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज) बिल, 2019, जिसे तीन तलाक के नाम से जाना जाता है, इस विधेयक के कानून बनने से पहले अब राज्यसभा में पास कराना होगा. इस बिल को लोकसभा में ध्वनिमत से पास किया गया. बिल के विरोध में कांग्रेस, टीएमसी, जेडीयू और बीएसपी के सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट किया. इसी क्रम में सूचना का अधिकार संशोधन विधेयक को लोकसभा के बाद राज्यसभा की भी मंजूरी मिल गई. गुरुवार को आरटीआई अमेंडमेंट बिल को राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया.
इस दौरान सपा सांसद के विवादास्पद बयान पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आजम को माफी मांगनी चाहिए. स्पीकर ओम बिड़ला ने आजम से माफी मांगने को कहा. इसके बाद आजम ने रमा देवी को अपनी प्यारी बहन बताया. कहा कि मैंने आज तक किसी से अभद्र लहजे में बात नहीं की है. सदन में बैठी किसी भी महिला से मैंने अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया हो तो मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं. उन्होंने कहा कि मेरा लंबा संसदीय अनुभव रहा है, लेकिन, माफी मांगने की बात पर वह यह कहकर सदन से बाहर चले गए कि मुझे बेइज्जती सहकर यहां बात नहीं रखनी. हालांकि भाजपा सांसद उनके जाने के बाद भी हंगामा करते रहे.
सपा अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव अपने सांसद आजम खान के बचाव में उतरे. अखिलेश ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि आजम खान ने कुछ आपत्तिजनक कहा. चेयर (आसन) के बारे में बात नहीं की गई है. अखिलेश यहीं नहीं रुके, उन्होंने भाजपा सांसदों को ‘बदतमीज’ कहते हुए पूछा कि भाजपा सांसद उंगली उठाने वाले कौन होते हैं. ओम बिड़ला ने आजम के बाद अखिलेश को भी फटकार लगाई. स्पीकर ने कहा “आपने जो शब्द (बद्तमीज) इस्तेमाल किया है, वो असंसदीय है. यह शब्द उचित नहीं है. अगर इस तरफ के किसी सांसद या मंत्री ने ऐसा कहा तो भी मैंने उन्हें ऐसा कुछ कहने से रोका. आपके (सांसदों) के लिए यह मांग करना काफी आसान है कि रिकॉर्ड से ये निकाल दो, वो निकाल दो. लेकिन हमें बयान रिकॉर्ड से निकलवाने की जरूरत ही क्यों पड़ रही है. एक बार कोई बात कह दी जाती है तो वो सार्वजनिक हो जाती है, इसलिए हम सबको संसद की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए बोलना चाहिए.
Uproar in Lok Sabha over SP leader Azam Khan’s objectionable remarks. Samajwadi Party leader Azam Khan’s comments were directed at BJP MP Rama Devi when she was presiding over the house during the debate on the Triple Talaq bill. This led to protests by Lok Sabha MPs who wanted Khan to apologise.Lok Sabha passes The Muslim Women (Protection of Rights on Marriage) Bill, 2019.

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