News Desk July 14, 2019

प्रयागराज। बैंक ऑफ इंडिया के 4.25 करोड़ रुपये करेंसी चेस्ट से नदारद है. आरोप है कि करेंसी चेस्ट अधिकारी वशिष्ठ कुमार राम ने यह रकम गायब कर ब्याज पर चला दिया है. वशिष्ठ बलिया जिले के सुरेमनपुर गांव का रहने वाला बताया जा रहा है. बैंक के दस्तावेजों में यही पता दर्ज है. ऐसे में प्रयागराज पुलिस बलिया पुलिस से संपर्क साध उसके बारे में जानकारी जुटा रही है. पूछा गया है कि सुरेमनपुर में इस नाम के शख्स का घर है, परिवार के लोग वहां रहते हैं या नहीं.
मूल रूप से रायबरेली के रहने वाले विवेक कुमार गुप्ता बैंक ऑफ इंडिया सुलेमसराय शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक हैं. उनकी ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया है कि तीन जुलाई को करेंसी चेस्ट के आंतरिक लेखा परीक्षण के दौरान 4.25 करोड़ की अनियमितता पाई गई. आंतरिक लेखा परीक्षक की रिपोर्ट पर तत्कालीन करेंसी चेस्ट अधिकारी वशिष्ठ कुमार राम से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि यह रकम ग्रामीण बैंक को दी गई है, जिसके एवज में कोई ट्रांसफर भुगतान नहीं प्राप्त हुआ है. हालांकि ग्रामीण बैंक का नाम वह नहीं बता पाया. करेंसी चेस्ट अधिकारी वशिष्ठ कुमार राम, उसके दोस्त एसके मिश्र और उसके बेटे संजू मिश्र के खिलाफ धूमनगंज थाने में मुकदमा दर्ज है. वशिष्ठ को निलंबित किया जा चुका है. उस पर आरोप है कि बैंक की रकम उसने एसके मिश्र के मार्फत ब्याज पर चलवाई.
वशिष्ठ बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी करने के दौरान धूमनगंज थाना क्षेत्र के सुलेमसरांय स्थित गुलरेठिया रेजीडेंसी में रहता था. चार जुलाई से उसकी पत्नी-बच्चे मकान में ताला बंद कर गायब हैं. वशिष्ठ चार जुलाई से पहले से ही वहां से फरार हो गया था. पुलिस ने वहां छापामारी कर आरोपित के एक करीबी का पता जाना. कसारी मसारी के रहने वाले उस शख्स के यहां पुलिस पहुंची, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली. उस शख्स ने वशिष्ठ को जानने से भी इन्कार कर दिया. पुलिस को शक है कि बलिया का पता भी फर्जी हो सकता है. ऐसे में वहां जाने से पहले पुलिस जानकारी हासिल कर रही है. सीओ सिविल लाइंस बृज नारायण सिंह का कहना है कि आरोपित को पता है कि पुलिस उसे तलाश रही है. छापेमारी चल रही है, ऐसे में वह बलिया स्थित घर में नहीं होगा. कुछ सुराग हासिल होने पर ही टीम वहां जाएगी.
वरिष्ठ शाखा प्रबंधक का आरोप है कि आरोपी करेंसी चेस्ट अधिकारी ने अन्य दोनों आरोपियों संग मिलकर साजिश करते हुए लोकधन का गबन किया है. पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर करेंसी चेस्ट अधिकारी वशिष्ठ कुमार राम, एसके मिश्र व संजू मिश्र पर धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक साजिश के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

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