संयुक्त कृषि निदेशक एवं उप कृषि निदेशक भूमि संरक्षण में संयुक्त रुप से किया निरीक्षण

कृषक प्रशिक्षण का हुआ आयोजन

बलिया। संयुक्त कृषि निदेशक आजमगढ़ मंडल एसके सिंह एवं उप कृषि निदेशक (भूमि संरक्षण) आजमगढ़ मंडल पीयूष कुमार शर्मा ने जनपद में कृषि विभाग द्वारा कराए गए कार्यक्रमों का निरीक्षण किया. दो दिवसीय निरीक्षण कार्यक्रम में पहले दिन ग्राम पंचायत डेहरी में भूमि संरक्षण अनुभाग द्वारा क्रिटिकल विकासखंड रसड़ा में खेत तालाब योजना के अंतर्गत खोदे गए तालाबों का निरीक्षण किया. सत्यप्रिय सिंह, अन्नपूर्णा, बेचन सिंह, निर्मला सिंह एवं नंदलाल के खेतों में खोदे गए तालाबों का निरीक्षण किया. संयुक्त कृषि निदेशक एसके सिंह ने किसानों को सलाह देते हुए कहा, तालाब के किनारे बनाए गए पेड़ों पर फलदार पौधे ऐसे आंवला, अमरूद का रोपण करें। इससे जल संरक्षण के साथ साथ कृषक को अतिरिक्त आय के साधन भी सृजित होगा. साथ ही इन तालाबों में मत्स्य उत्पादन कर आय में वृद्धि की जा सकेगी.

निरीक्षण के दूसरे दिन विकासखंड सीयर के ग्राम पंचायत चंदायन कला में आत्मा योजना के तहत आयोजित आर्मी स्कूल के प्रदर्शन का निरीक्षण किया. सीड ड्रिल से बुवाई के लाभ की जानकारी किसानों को दी गई. उपस्थित कृषकों से अपील किया गया कि अपने खेतों में सीड ड्रिल द्वारा पनकी में बुवाई करे. अधिकारी द्वय ने ग्राम पंचायत पड़री में ज्ञानचंद शर्मा के खेत मे लगाए गए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के अंतर्गत गेहूं के क्लस्टर प्रदर्शन का निरीक्षण किया. साथ ही अत्याधुनिक यंत्रों के द्वारा खेती में लगे गांव के ज्ञान प्रकाश शर्मा से अपील किया कि अपने कौशल से अन्य कृषकों को भी लाभ पहुंचाए.

राजपुर गांव में मिथिलेश सिंह के यहां स्थापित कस्टम हायरिंग केंद्र, जिसमें क्रोशक द्वारा एक ट्रैक्टर, एक रोटावेटर, एवं एक हैरो की गई खरीद का सत्यापन किया. लाभान्वित किसान से कहा कि वह अपने कस्टम हायरिंग केंद्र में सीड ड्रिल को अवश्य सम्मिलित करें. इससे क्षेत्र के कृषक फसलों की पंक्ति से बुवाई कर ज्यादा से ज्यादा उत्पादन प्राप्त कर सकेंगे. निरीक्षण कार्यक्रम के अंत में ग्राम पंचायत भदोही में भूमि संरक्षण विभाग द्वारा कराए गए कार्यों का निरीक्षण एवं सत्यापन किया.

कृषक प्रशिक्षण का हुआ आयोजन

ग्राम पंचायत राजपुर के प्राथमिक विद्यालय पर नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर के अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संयुक्त कृषि निदेशक, आजमगढ़ व विशिष्ट अतिथि उप कृषि निदेशक (भूमि संरक्षण) आजमगढ़ मंडल उपस्थित रहे. प्रशिक्षण में कृषकों को संबोधित करते हुए संयुक्त कृषि निदेशक एसके सिंह ने कहा कि संतुलित उर्वरक उपयोग के साथ-साथ खेती में आधुनिकतम तकनीक का समावेश किया जाना आवश्यक है. क्षेत्र में फसलों की पंक्ति में बुवाई का क्षेत्रफल बेहद कम है, जिससे फसलों की उत्पादकता प्रभावित हो रही है. ऐसे में किसान साथियों को चाहिए कि वह अपने खेतों की बुवाई सीडड्रिल के द्वारा पंक्ति से करें. उन्होंने कृषि विभाग द्वारा संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में भी किसान साथियों को बताया. उप कृषि निदेशक (भूमि संरक्षण) आजमगढ़ मंडल, आजमगढ़ पीयूष कुमार शर्मा के द्वारा कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व को बताते हुए उन्हें बताया कि संतुलित उर्वरक उपयोग के माध्यम से ही मृदा के स्वास्थ्य को सुदृण रखते हुए कम लागत से अधिक से अधिक पैदावार प्राप्त किया जा सकता है. इसके लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई संस्तुति के अनुसार ही अपने खेतों में उर्वरकों का प्रयोग करें.

भूमि संरक्षण अधिकारी/उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी संजेश श्रीवास्तव ने कृषकों को पारदर्शी किसान सेवा योजना के अंतर्गत पंजीकरण तथा लाभ लेने के तरीके को रेखांकित किया गया. उन्होंने किसानों को पारदर्शी किसान सेवा योजना के मोबाइल ऐप को फोन में डाउनलोड कर उसका उपयोग करने का सलाह दिया गया. उन्होंने किसानों को कृषि विभाग की तमाम योजनाओं में अनुमन्य सुविधाएं तथा सोलर पंप एवं भूमि संरक्षण के कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया. प्रभारी राजकीय कृषि बीज भंडार सत्य प्रकाश सिंह ने कृषकों को गुणवत्तायुक्त कृषि निवेश के उपयोग के महत्व के बारे में बताया. प्राविधिक सहायक लालमुनि ने कृषकों को बताया कि मृदा स्वास्थ्य के बिगड़ते परिवेश में मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा को बढ़ाया जाना नितांत आवश्यक हो गया है. ऐसे में कृषकों के द्वारा वर्मी कंपोस्ट, नाडेप कंपोस्ट जैसे कार्बनिक खाद बनाने की विधाओं को अपनाकर मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ बढ़ाने का प्रयास किया जाना चाहिए. कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान रामाधार यादव ने किया.

प्रगतिशील कृषक ज्ञान प्रकाश शर्मा ने शिक्षकों को सफलता की कहानी किसान की जुबानी विषय पर सीड ड्रिल के द्वारा फ़क़सलों की बुवाई के फायदों के बारे में चर्चा किया. कार्यक्रम में विश्वजीत, शैलेश, मिथिलेश सहित ग्राम पंचायत के सैकड़ों दर्शकों ने प्रतिभाग किया कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ग्राम प्रधान रामाधार यादव ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया.

राजपुर में संयुक्त कृषि निदेशक ने बांटे 222 मृदा स्वास्थ्य कार्ड

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के अंतर्गत शासन स्तर से दिनांक 23 एवं 24 मार्च 2018 को अभियान चलाकर कर्मचारियों के माध्यम से मृदा स्वास्थ्य कार्ड बांटने का निर्देश प्राप्त हुए हैं. जिस के क्रम में जनपद में मंडलीय संयुक्त कृषि निदेशक एसके सिंह और मंडलीय उप कृषि निदेशक भूमि संरक्षण पियूष शर्मा जनपद में डटे रहे. उन्होंने स्वयं विकास खंड सीयर के राजपुर ग्राम पंचायत में कार्यक्रम आयोजित कर 322 कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड बांटा. उन्होंने जनपदीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिनांक 24 मार्च 2018 तक शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कृषकों के मध्य अनिवार्य रूप से वितरण कराया जाए.

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